राजस्थान प्रोटेस्ट की पुरानी तस्वीर हरियाणा में किसान आंदोलन बताकर वायरल

बूम ने पाया कि वायरल तस्वीर 2017 में राजस्थान के सीकर में हुए किसान प्रदर्शन की है

राजस्थान में किसान रैली की तीन साल पुरानी तस्वीर हाल ही में हरियाणा में हुए किसान प्रदर्शन के रूप में शेयर किया जा रहा है। बीते दिनों हरियाणा के कुरुक्षेत्र में केंद्र सरकार के कृषि संबंधी अध्यादेश के ख़िलाफ़ किसानों ने आंदोलन किया था। सोशल मीडिया पर पुरानी तस्वीरों को इसी प्रदर्शन से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

तस्वीर में सड़क पर लोगों के भारी विरोध को देखा जा सकता है। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक 10 सितंबर, 2020 को हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पास पिपली चौक पर किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, क्योंकि किसान केंद्र सरकार के अध्यादेश के ख़िलाफ़ रैली के लिए अनाज मंडी जा रहे थे।

किसान केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा जून 2020 में पारित तीन अध्यादेशों का विरोध कर रहे थे। (रिपोर्ट पढ़ें)

वायरल तस्वीर को कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है, जिसमें लिखा है कि "किसान पुत्र अभी तो ली अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है पिपली किसान बचाओ मंडी बचाओ महारैली में पहुंचने वाले सभी संगठनों किसानों और किसान पुत्रों को तहे दिल से धन्यवाद लड़ेंगे जीतेंगे".

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नीचे दिए गए पोस्ट में एक तस्वीर पुरानी है जबकि दूसरी हाल ही के घटना की है |

पोस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें, आर्काइव वर्ज़न यहां देखें

भारत-चीन सैन्य अभ्यास की पुरानी तस्वीर फ़र्ज़ी दावे के साथ वायरल

उसी वायरल तस्वीर को कांग्रेस नेता कीर्ति आज़ाद और हरियाणा भारतीय किसान यूनियन के प्रमुख गुरनाम सिंह चारुनी ने हरियाणा विरोध के कुछ हालिया तस्वीरों के साथ शेयर किया।


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फ़ैक्ट चेक

वायरल तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च पर खोजने पर पता चला कि यह तस्वीर सितंबर 2017 में राजस्थान के सीकर में वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ़ किसानों के विरोध प्रदर्शन की है।

पत्रिका में 4 सितंबर 2017 को प्रकाशित लेख के मुताबिक पूर्ण कर्ज माफी और अपनी फसलों के उचित मूल्य प्रदान करने सहित अन्य मांगों को लेकर हजारों किसान सड़कों पर उतर आए थे और शहर में मुख्यमंत्री के पुतले का अंतिम संस्कार जुलूस निकाला था।

वायरल तस्वीर को नीचे पत्रिका के लेख में में देखा जा सकता है।


इसके अलावा कीर्ति आज़ाद ने अपने ट्वीट में एक चीखती हुई लड़की की जो तस्वीर शेयर की है, वो भी पुरानी तस्वीर है। उस तस्वीर का किसानों के प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। यह तस्वीर कई मीम्स में है। इसे एक पुराने वीडियो से लिया गया, जिसमें लड़की को इंजेक्शन लगाया जा रहा है।

इंडिया टुडे ने 12 सितंबर, 2020 को वायरल तस्वीर का फ़ैक्ट चेक किया था।

नीचे गांव कनेक्शन के लेख में 10 सितंबर, 2020 को आयोजित हरियाणा किसान विरोध की अन्य तस्वीरें देख सकते हैं।


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Claim Review :   हरियाणा में कृषि संबंधी अध्यादेश को लेकर केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ हरियाणा में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया
Claimed By :  Social Media
Fact Check :  False
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