क्या शाहीन बाग सीएए विरोध प्रदर्शन में महिलाओं के बीच हुई हाथापाई?

बूम ने पाया कि वीडियो पुराना है और सीएए विरोध से जुड़ा नहीं है।

एक सड़क पर लड़ रही महिलाओं के समूह के एक असंबंधित वीडियो क्लिप को झूठे दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो दिल्ली के शाहीन बाग से है जहां नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के ख़िलाफ महिलाओं के नेतृत्व में धरना चल रहा है।

21 सेकंड की क्लिप में, बुर्का पहने महिलाओं को एक-दूसरे को चप्पलों से पीटते हुए देखा जा सकता है। आने-जाने वाले लोग उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

इस क्लिप को भ्रामक कैप्शन के साथ ट्विटर पर शेयर किया गया था, जिसमें लिखा था "शाहीन बाग में भुगतान को लेकर मुस्लिम महिलाओं की लड़ाई हैं। पेड प्रोटेस्ट के लिए उन्हें शर्म आनी चाहिए।"

यह भी पढ़ें: क्या बीजेपी विधायक ने की राजनाथ सिंह से सी.ए.ए-एन.आर.सी वापसी की मांग?

अर्काइव के लिए यहां क्लिक करें

इस लेख के लिखे जाने तक इस क्लिप को करीब 62,800 बार देखा गया है। यह शुरुआत में एक ट्विटर यूज़र द्वारा ट्वीट किया गया था, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आधिकारिक अकाउंट फॉलो करता है।

अर्काइव के लिए यहां देखें

फ़ैक्ट चेक

हमने वीडियो को कीफ्रेम्स में तोड़ा और रूसी खोज इंजन यैंडेक्स का इस्तेमाल करके एक रिवर्स इमेज सर्च चलाया| नतीजों से पता चला कि वीडियो पुराना है और शाहीन बाग से संबंधित नहीं है, जैसा कि दावा किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें: जयपुर निष्काशन अभियान का वीडियो, एनआरसी के तहत कार्यवाही के तौर पर वायरल

बूम सबसे पुरानी घटना का पता लगाने में सक्षम था जब उसी वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था। हमें 4 जनवरी 2019 को यूट्यूब पर अपलोड किया गया एक वीडियो मिला था। वीडियो के कैप्शन में लिखा है, 'भोपाल'।

5 जनवरी, 2019 को यूट्यूब पर एक और क्लिप पोस्ट की गई, जिसमें टाइटल के साथ लिखा गया है, "भोपाल के चौक बाजार में औरतों की लड़ाई हंस के लोटपोट कर देगी।" वीडियो के स्थान को 'चौक बाजार भोपल' के रूप में चिह्नित किया गया है।


वीडियो के वर्णन में लिखा है, "उनके वाहनों की टक्कर होने के बाद, देखें कि ये लड़कियां कैसे लड़ रही हैं।"

बूम स्वतंत्र रूप से वीडियो के स्रोत या प्रश्न में घटना को सत्यापित करने में असमर्थ था, हालांकि हाल ही में शाहीन बाग, दिल्ली से वीडियो को शूट नहीं किया गया था जैसा कि दावा किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें: शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों के लिए 'फिक्स रेट' का दावा करने वाला पोस्टर फ़र्ज़ी है

इसी वीडियो को पहले मई 2019 में पाकिस्तान में जन्मे कनाडाई ट्विटर इन्फ्लूअन्सर तारिक फतह ने दिल्ली का बताते हुए ट्वीट किया था। बूम ने पहले फतह द्वारा साझा किए गए भ्रामक और फ़र्ज़ी पोस्टों को ख़ारिज किया है। ( यहां और यहां पढ़ें )


Claim :   वीडियो दिल्ली के शाहीन बाग से है जहां नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के ख़िलाफ प्रदर्शन में महिलाओं में झगड़ा हुआ
Claimed By :  Twitter
Fact Check :  False
Show Full Article
Next Story
Our website is made possible by displaying online advertisements to our visitors.
Please consider supporting us by disabling your ad blocker. Please reload after ad blocker is disabled.