असम के मुख्यमंत्री के भाषण के रूप में वायरल इस वीडियो का सच क्या है?

यूज़र्स वीडियो क्लिप शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि वीडियो में मोदी-शाह की तुलना जय-वीरू से करने वाले व्यक्ति असम के मुख्यमंत्री हैं.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति भारत की वर्तमान स्थिति को शोले (Sholay) फ़िल्म के उदाहरण से समझाने की कोशिश कर रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) व गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) की जोड़ी की तारीफ़ करता नज़र आ रहा है. यूज़र्स वीडियो क्लिप शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि वीडियो में मोदी-शाह की तुलना जय-वीरू से करने वाले व्यक्ति असम के मुख्यमंत्री हैं.

बूम ने पाया कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा फ़र्ज़ी है. वीडियो में दिखने वाले व्यक्ति डाटा एनालिस्ट और पेशेवर वक्ता डॉ. गौरव प्रधान हैं.

गुजराती फ़िल्म का एक दृश्य नर्मदा नदी को साड़ी पहनाने के दावे से वायरल

क़रीब 1 मिनट 15 सेकंड की इस वीडियो क्लिप में व्यक्ति को बोलते हुए सुना जा सकता है, "शोले फ़िल्म किसने देखी है? सबने देखी है न. उसमें एक ठाकुर होते हैं. उनका हाथ गब्बर सिंह काट देता है. कोई कुछ नहीं बोलता है. सारा गांव चुप. उस पिक्चर में एक रहीम चाचा भी थे. रहीम चाचा के बेटे को मार देते हैं. सरे गांव वाले फिर चुप. लेकिन यह चुप्पी दूसरी तरह की होती है. वो जय और वीरू को गांव से बाहर भगाने की वक़ालत करने लगते हैं, जो उनको गब्बर सिंह से बचाने आये हैं. भारत की स्थिति बिल्कुल ऐसी ही है आज. नरेंद्र मोदी और अमित शाह को कैसे बाहर निकालो कि रहीम चाचा का बेटा मार क्यों गया. ठाकुर के हाथ कटने है कटने दो ..हिंदुस्तान के हाथ कटने है कटने दो लेकिन नरेंद्र मोदी और अमित शाह को कैसे बाहर निकालो..भारत की स्थिति शोले से ज़्यादा कुछ नहीं है."

फ़ेसबुक पर वीडियो शेयर करते हुए एक यूज़र ने कैप्शन में लिखा, "आसाम के मुख्यमंत्री का सबसे छोटा भाषण जिसमे की उन्होंने सब कुछ कह दिया समझिये."

पोस्ट का आर्काइव वर्ज़न यहां देखें.

पोस्ट का आर्काइव वर्ज़न यहां देखें.

वायरल क्लिप ट्विटर पर भी इसी दावे के साथ शेयर की गई है.

ट्वीट का आर्काइव वर्ज़न यहां देखें.

मुस्लिमों को योग करते दिखाती यह तस्वीरें सऊदी अरब से नहीं हैं

फ़ैक्ट चेक

बूम ने वायरल वीडियो के साथ किये जा रहे दावे की सत्यता जांचने के लिए वीडियो क्लिप को कीफ़्रेम में तोड़कर रिवर्स इमेज पर सर्च किया.

खोज के दौरान हमें यह वीडियो क्लिप 24 मई, 2021 के एक ट्वीट में मिली. ट्वीट के कैप्शन में व्यक्ति की पहचान डॉ. गौरव प्रधान के रूप में की गई है.

इससे हिंट लेते हुए हमने गूगल पर खोज की. इस दौरान हमें गौरव प्रधान का ट्विटर हैंडल और लिंकडिन अकाउंट मिला, जिसके बायो सेक्शन में उन्हें डाटा एनालिस्ट , सलाहकार, डिजिटल रणनीतिकार, व्यवसाय परिवर्तन, पेशेवर वक्ता बताया गया है.

हमने अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए वीडियो क्लिप के फ़ुल वर्ज़न को ढूंढा, जो हमें यूट्यूब पर गौरव प्रधान के चैनल पर मिला. 'समर्थ भारत मंच द्वारा नासिक में आयोजित बदलते भारत्त में हिंदुत्व का बढ़ता दाइत्व' शीर्षक के साथ 12 अप्रैल, 2021 को अपलोड किये गए इस 1 घंटे 36 मिनट के वीडियो में वर्तमान भारत की स्थिति पर प्रकाश डाला गया है.

वीडियो में 9 मिनट 41 सेकंड के समयावधि पर डॉ. गौरव प्रधान को वही बातें कहते हुए सुना सकता है जो कि वायरल क्लिप में है. ऐसे में यह स्पष्ट हो जाता है कि वीडियो के इसी हिस्से को काटकर फ़र्ज़ी दावे के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है.

हमने वायरल वीडियो में दिखने वाले व्यक्ति डॉ. गौरव प्रधान और असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा की तस्वीरों की तुलना की. हमने पाया कि दोनों के चेहरे की विशेषताएं एकदूसरे से अलग हैं.


पूर्व CJI रंजन गोगोई के नाम पर चल रहे फ़र्ज़ी ट्विटर हैंडल्स से फैलाई जा रही हैं फ़र्ज़ी ख़बरें

Updated On: 2021-06-26T15:09:03+05:30
Claim :   असम के मुख्यमंत्री का सबसे छोटा भाषण जिसमें उन्होंने सब कुछ कह दिया
Claimed By :  Social Media Users
Fact Check :  False
Show Full Article
Next Story
Our website is made possible by displaying online advertisements to our visitors.
Please consider supporting us by disabling your ad blocker. Please reload after ad blocker is disabled.