मुस्लिमों को योग करते दिखाती यह तस्वीरें सऊदी अरब से नहीं हैं

दो तस्वीरों का एक सेट जिसमें मुस्लिम युवकों और मुस्लिम लड़कियों के समूह को योग करते हुए देखा जा सकता है. जानिए इन तस्वीरों का सच इस रिपोर्ट में.

सोशल मीडिया पर दो तस्वीरों का एक सेट जिसमें मुस्लिम युवकों और मुस्लिम लड़कियों (Muslims) के समूह को योग (Yoga) करते हुए देखा जा सकता है, भ्रामक दावे के साथ वायरल है. दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीरें सऊदी अरब (Saudi Arabia) में मुस्लिमों को योग करते हुए दिखाती हैं. इसके अलावा इन तस्वीरों के माध्यम से योग को केवल हिन्दुओं से जोड़ने वाले लोगों पर निशाना साधा गया है.

बूम ने पाया कि वायरल तस्वीरों के साथ किया जा रहा दावा फ़र्ज़ी है. यह दोनों तस्वीरें पुरानी हैं और इनका संबंध सऊदी अरब से नहीं है.

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गौरतलब है कि 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) के रूप में मनाया जाता है. पहली बार इसे 2015 को मनाया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र संघ के 177 सदस्यों, जिसमें कई मुस्लिम राष्ट्र भी शामिल थे, द्वारा 21 जून को 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली. इसी पृष्ठभूमि में तस्वीरें वायरल हुई हैं.

फ़ेसबुक पर तस्वीरें शेयर करते हुए विजय हिन्दुस्तानी नामक यूज़र ने कैप्शन में लिखा, "अभिषेक मनु सिंघवी देख रहा है न तू ....जिस योग में धर्म और मज़हब का घालमेल कर रहा था ....योगा = जान है तो जहान है. यह सऊदी अरब की कुछ तस्वीरें उनके मुहँ पे तमाचा है ....जो कहते हैं कि योगा केवल एक समुदाय से तालुक रखता है."

पोस्ट का आर्काइव वर्ज़न यहां देखें.

पोस्ट का आर्काइव वर्ज़न यहां देखें.

ट्विटर पर भी इसी दावे के साथ वायरल तस्वीरों का सेट शेयर किया गया है.

ट्वीट का आर्काइव वर्ज़न यहां देखें.

फ़ेसबुक और ट्विटर पर वायरल तस्वीरें बड़े पैमाने पर समान दावे के साथ शेयर हुई हैं.

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फ़ैक्ट चेक

बूम ने दो तस्वीरों के इस सेट के साथ किये गए दावे की वास्तविकता जानने के लिए दोनों तस्वीरों को अलग-अलग रिवर्स इमेज पर सर्च किया. खोज के दौरान हमने पाया कि यह दोनों तस्वीरें न केवल पुरानी हैं बल्कि इनका संबंध सऊदी अरब से भी नहीं है.

पहली तस्वीर

वायरल तस्वीर में मुस्लिम लड़कियों को सर पर सकार्फ़ पहने स्कूल ड्रेस में एक साथ क़तार में योग करते हुए देखा जा सकता है. हमें अपनी जांच के दौरान यह तस्वीर अंग्रेजी न्यूज़ वेबसाइट वोइस ऑफ़ अमेरिका की 18 जून, 2015 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में मिली.


'भारत दुनिया को योग दिखाने को तैयार' शीर्षक से प्रकाशित इस रिपोर्ट में तस्वीर के विवरण में बताया गया है, भारत के अहमदाबाद में बुधवार, 17 जून, 2015 को पहले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले एक स्कूल में भारतीय मुस्लिम छात्र योग का अभ्यास किया. संयुक्त राष्ट्र ने घोषणा की है कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाएगा.

दूसरी तस्वीर

वायरल तस्वीर में सफ़ेद कुर्ता और सर पर टोपी पहने मुस्लिमों को योगासन करते देखा जा सकता है. हमने जब इस तस्वीर को रिवर्स इमेज पर सर्च किया तो यह हमें इससे मिलती-जुलती एक तस्वीर गल्फ़ न्यूज़ की 20 जून, 2017 की एक रिपोर्ट में मिली. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय ने तीसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले सोमवार रात अबू धाबी में योग सत्र का आयोजन किया.


तस्वीर के विवरण में बताया गया है कि यह तस्वीर अबू धाबी में बोहरा इस्लामिक कम्युनिटी कल्चरल सोसाइटी में बोहरा समुदाय के सदस्यों को योग करते हुए दिखाती है.

जानकारी के लिए बता दें कि सऊदी अरब में योग को साल 2017 में 'खेल गतिविधि' के रूप में मान्यता मिली थी. बीते 21 जून को, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रियाद में लीडर्स डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, सऊदी खेल मंत्रालय, किंगडम ऑफ़ सऊदी अरब और मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के बीच 'योग सहयोग' पर एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुआ है. इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर योग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

जेद्दा में भारतीय दूतावास और रियाद में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने कई कार्यक्रमों के साथ 7वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया था, जिसमें सऊदी, भारतीयों और विभिन्न राष्ट्रीयताओं के योग उत्साही लोगों ने पूरे जोश के साथ भाग लिया.

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Updated On: 2021-06-23T13:05:15+05:30
Claim Review :   यह तस्वीर सऊदी अरब में मुस्लिमों को योग करते हुए दिखाती है
Claimed By :  Social Media Users
Fact Check :  False
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