मेरठ में सड़क पर नमाज़ ना पढ़ने की अपील करती पुरानी तस्वीर वायरल

वायरल तस्वीर को हाल ही में आगरा में हुए घटना से जोड़ा जा रहा है.

पिछले दिनों आगरा में बिना प्रशासन की अनुमति के सड़क पर नमाज़ पढ़ने को लेकर पुलिस ने 150 से ज्यादा लोगों के खिलाफ़ मामला दर्ज़ किया था. साथ ही उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आदेश जारी करते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक कार्यक्रम के कारण अगर यातायात परिवहन बाधित होता है तो उसकी अनुमति नहीं दी जाएगी.

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक फ़ोटो काफ़ी वायरल हो रहा है, जिसे शेयर करते हुए यह दावा किया जा रहा है कि आगरा की घटना के बाद मेरठ में भी मस्जिद में बैनर टांग दिए गए हैं कि सड़क पर कोई नमाज़ न पढ़े.

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वायरल हो रहे फ़ोटो में देखा जा सकता है कि दो व्यक्ति मिलकर एक बैनर टांगने की कोशिश कर रहे हैं. बैनर पर लिखा हुआ है 'बराए मेहरबानी कोई भी नमाज़ी मस्जिद के बाहर सड़क पर नमाज़ न पढ़ें. मुतवल्ली दरबार वाली मस्जिद भवानी नगर, मेरठ.'

इस फ़ोटो को वायरल दावे के साथ फ़ेसबुक और ट्विटर पर काफ़ी ज्यादा शेयर किया गया है.

हरिओम चौहान आरएसएस नाम के फ़ेसबुक यूज़र ने वायरल फ़ोटो को शेयर करते हुए लिखा 'आगरा की इमली वाली मस्जिद के बाहर सड़क पर प्रशासन के बिना अनुमति नमाज पढ़ने वाले 150 नमाजी के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर दिया, जिसके बाद मेरठ की मस्जिद में बैनर टांग दिए गए हैं कि सड़क पर नमाज कोई भी न पढ़े.'

वहीं पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने भी इसी तरह के दावे के साथ इस फ़ोटो को ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा 'कानून का कड़ाई से पालन हो,तो कानून तोड़ने वाले खुद सुधर जाएंगे, योगी जी का यूपी इसकी मिसाल पेश कर रहा है'.



वायरल पोस्ट यहां, यहां और यहां देखें.

फ़ैक्ट चेक

बूम ने वायरल हो रहे पोस्ट की पड़ताल के लिए सबसे पहले इस फ़ोटो को रिवर्स इमेज सर्च किया तो हमें एक फ़ेसबुक पेज पर यह तस्वीर मिली जिसे 18 अगस्त 2019 को अपलोड किया गया था.

इसके बाद हमने वायरल फ़ोटो में दिख रहे पते की मदद से गूगल पर इससे जुड़ी न्यूज़ रिपोर्ट्स को खोजना शुरू किया तो हमें इंशोर्ट्स वेबसाइट पर 2019 में अपलोड की गई एक ख़बर मिली जिसमे एक ट्विटर लिंक एम्बेड था, जिसे क्लिक करने पर हमें मेरठ पुलिस का ट्वीट मिला, जो 16 अगस्त 2019 को शेयर किया गया था.

मेरठ पुलिस के ट्वीट में शामिल फ़ोटो और वायरल हो रही फ़ोटो एक ही थी.

हमें नवभारत टाइम्स की एक न्यूज़ रिपोर्ट भी मिली, जिसके अनुसार शुक्रवार की नमाज़ के दौरान सड़क पर नमाज़ अदा करने की वजह से मेरठ के कई इलाकों में जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती थी. मेरठ प्रशासन ने इसी समस्या से निपटने के लिए कई मस्जिदों के इमाम से मीटिंग करके सड़क पर नमाज़ ना अदा करने के निर्देश दिए थे. उसी दौरान मेरठ की भवानी नगर मस्जिद ने बैनर लगाकर लोगों से सड़क पर नमाज़ नहीं अदा करने की अपील की थी.


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क्या है आगरा का मामला?

आगरा के सरोजिनी मेडिकल कॉलेज रोड स्थित इमली वाली मस्जिद के पास वाली सड़क पर अक्सर रात नौ बजे से 11 बजे तक नमाज़ अदा की जाती थी. स्थानीय दुकानदारों और प्रशासन की सहमति से नमाज़ अदा की जाती थी. लेकिन बीते दिनों हिंदू संगठनों के विरोध और हनुमान चालीसा पढ़ने की धमकी देने के बाद प्रशासन ने नमाज़ अदा करने वाले आदेश को वापस ले लिया था. इसके बावजूद बीते 2 अप्रैल को मस्जिद के सामने वाली सड़क पर नमाज़ पढ़ी गई, जिसके बाद पुलिस ने 150 से अधिक लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया.

Claim :   आगरा की इमली वाली मस्जिद के बाहर सड़क पर प्रशासन के बिना अनुमति नमाज पढ़ने वाले 150 नमाजी के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर दिया, जिसके बाद मेरठ की मस्जिद में बैनर टांग दिए गए हैं कि सड़क पर नमाज कोई भी न पढ़े.
Claimed By :  Social Media Users
Fact Check :  Misleading
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