नहीं, यह वीडियो टीएमसी कार्यकर्ताओं को पोलिंग बूथ पर हमला करते नहीं दिखाता

दावा किया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में मतदान केंद्र पर हमला किया और सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प की.

मणिपुर के क्यांगे में एक मतदान केंद्र (polling booth) पर भीड़ का दो साल पुराना एक वीडियो फ़र्ज़ी दावे के साथ वायरल है, जिसमें दावा किया गया है कि यह तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress - TMC) के समर्थकों (supporters) को पश्चिम बंगाल (West Bengal) के कूच बिहार (Cooch Behar) में मतदान केंद्र पर हमला और सुरक्षाकर्मियों से झड़प दिखाता है.

यह वीडियो 10 अप्रैल को कूचबिcooch behar violenceहार में चौथे चरण के मतदान में हुई हिंसा की पृष्ठभूमि में वायरल हुआ है. दो अलग-अलग घटनाओं में कूच बिहार के सीतलकुची में पांच लोगों की मौत हो गई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीतलकुची में मतदान केंद्र संख्या 126 पर सीआईएसएफ़ की गोलीबारी के बाद चार लोगों की मौत हो गई. सीतलकुची में पोल बूथ संख्या 285 पर एक अलग घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई. इन मौतों के बाद, आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल पड़ा है कि हमले की शुरुआत किसने की है. टीएमसी ने चुनाव आयोग से पोल बूथ पर गोलियां चलाने वाले सीआईएसएफ़ जवानों पर कड़ी कार्यवाई करने का आग्रह किया है.

चाकू से गोदकर पत्नी की हत्या का वीडियो 'लव जिहाद' के दावे के साथ वायरल

वायरल वीडियो में भीड़ को मतदान केंद्र पर तोड़फोड़ करते हुए अंदर घुसने की कोशिश करते देखा जा सकता है. इस बीच मतदान केंद्र पर तैनात सुरक्षाकर्मी लाठियां भांजते हुए भीड़ को तितर-बितर कर देते हैं.

वीडियो शेयर करते हुए एक यूज़र ने लिखा, "ममता बनर्जी के समर्थकों ने पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में एक मतदान केंद्र पर हंगामा किया. गुंडों को खदेड़ने में सीआरपीएफ़ द्वारा किया गया बेहद शानदार काम. दरअसल 8 चरण के मतदान की ख़बर सुनकर ममता पूरी तरह से परेशान थीं.......वे सीआरपीएफ़ को अपनी गुंडई दिखाने की कोशिश कर रहे थे, मिनटों में सीआरपीएफ़ ने उन्हें हकीकत दिखा दी- दीदी ऊ दीदी."

पोस्ट का आर्काइव वर्ज़न यहां देखें. अन्य पोस्ट यहां और यहां देखें.

पोस्ट का आर्काइव वर्ज़न यहां देखें.

नहीं, यह तस्वीर पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं के ख़िलाफ़ हिंसा नहीं दिखाती

फ़ैक्ट चेक

बूम ने वीडियो क्लिप को अलग-अलग फ़्रेम्स में तोड़कर रिवर्स इमेज पर सर्च किया.

बूम ने पाया कि इस वीडियो को इंडिया टुडे के यूट्यूब चैनल पर 18 अप्रैल, 2019 को अपलोड किया गया था. वीडियो के विवरण के अनुसार, "इम्फ़ाल ईस्ट के क्यांगे मुस्लिम माका लीकाई क्षेत्र में मतदान के बाद लोगों ने मतदान केंद्र पर हंगामा किया और ईवीएम को नष्ट कर दिया. #UserGeneratedContent "

यूट्यूब पर कीवर्ड के साथ खोज करने पर हमें 18 अप्रैल को द न्यू इंडियन एक्सप्रेस द्वारा अपलोड किया गया वीडियो मिला, जिसके विवरण में लिखा था, "इंडिया इलेक्शन 2019: इनर मणिपुर में मतदान बाधित. सीआरपीएफ़ जवानों ने मणिपुर में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लिया. भीड़ ने कथित तौर पर इनर मणिपुर सीट के क्यांगे मुस्लिम माका लीकाई मतदान केंद्र में घुसने की कोशिश की."

इसके अलावा, हम वायरल वीडियो के एक फ़्रेम में बोर्ड पर क्यांगे मुस्लिम को देखने में सक्षम थे. उसी वीडियो का एक लंबा संस्करण 18 अप्रैल, 2019 को इंफाल फ़्री प्रेस के फ़ेसबुक पेज पर अपलोड किया गया था.


एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार इंफाल के पोलिंग बूथ क्यांगे मुस्लिम माका लीकाई में इनर मणिपुर संसदीय सीट के चुनाव के दौरान काफ़ी हंगामा हुआ.

नेटिज़ेंस ने 'बूथ कैप्चरिंग' का पुराना वीडियो हाल का बताकर किया शेयर

Updated On: 2021-04-14T15:40:47+05:30
Claim :   टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कूच बिहार के सीतलकुची में मतदान केंद्र पर हमला किया
Claimed By :  Social Media Users
Fact Check :  False
Show Full Article
Next Story
Our website is made possible by displaying online advertisements to our visitors.
Please consider supporting us by disabling your ad blocker. Please reload after ad blocker is disabled.