ममता बनर्जी का पुराना वीडियो भ्रामक दावों के साथ वायरल

वायरल वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर किया जा रहा है ये दावा 'ममता बनर्जी द्वारा मुस्लिम को दंगे का समर्थन'.

"ममता बनर्जी द्वारा मुस्लिम को दंगे का समर्थन..." दावे के साथ सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है. वीडियो में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) कुछ मुस्लिम व्यक्तियों के साथ हिंदी में बात करती नज़र आ रही हैं.

बूम ने पाया कि वायरल वीडियो कम से कम 2019 से इंटरनेट पर मौजूद है तथा इसके साथ किये जा रहें दावें असंबंधित और भ्रामक हैं.

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हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद राज्य में कई हिंसक घटनाएं हुई. न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हिंसक घटनाओं में तकरीबन 14 लोगों की मृत्यु हुई है. तीसरी बार मुख्यमंत्री बन चुकी ममता बनर्जी ने इन हिंसक घटनाओं को तत्काल बंद करने के लिए 4 मई को एक आकस्मिक मीटिंग भी की थी.

इसी बीच इस पुराने वीडियो के साथ एक असंबंधित दावा कर के इसे वायरल किया जा रहा है.

लगभग तेईस सेकंड लम्बे इस क्लिप में ममता बनर्जी मुस्लिम लोगों के एक समूह से बात कर रही हैं. वो उनसे हिंदी में कहती हैं 'सुनो अभी बहुत लड़ना बाकी है...आ ज़िन्दगी का नाम है संघर्ष, तो लड़ते रहो और हिम्मत से काम करते रहो'. तभी पीछे से कुछ लोग कहते हैं 'जय हिन्द, जय बांगला'. आखिरी में बनर्जी banglaमें कहती हैं 'आप सब ईद मनाये मैं जा रही हूँ'.

वीडियो में किसी ने भी मास्क नहीं पहना हुआ है. इससे पता चलता है कि घटना पुरानी है.

वीडियो यहां देखें और यहां उसका आर्काइव्ड वर्ज़न देखने के लिए क्लिक करें.


यही वीडियो ट्विटर पर भी वायरल है.

फ़ैक्ट चेक

बूम ने वीडियो को ध्यान से देखा तो पाया कि किसी ने भी मास्क नहीं लगाया है.

वीडियो में हम ममता बनर्जी को ये साफ़ साफ़ कहते सुन सकते हैं: सुनो अभी बहुत लड़ना बाकी है...आ ज़िन्दगी का नाम है संघर्ष, तो लड़ते रहो और हिम्मत से काम करते रहो. वो बँगला में ये भी कहती हैं कि 'आप सब ईद मनाये मैं जा रही हूँ'.

पीछे से कुछ लोग कहते हैं 'जय हिन्द, जय बांगला'.

पूरे क्लिप में कहीं भी कोई भड़काऊ बात नहीं कही गयी है.

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इसके बाद बूम ने जब कीवर्ड्स के साथ फ़ेसबुक पर सर्च किया तो यही वीडियो हमें वर्ष 2019 में भी शेयर किया गया मिला.

जून 18, 2019 को यही वीडियो इस दावे के साथ शेयर किया गया था 'अभी तो बहुत #लड़ना बाकी है संघर्ष का नाम है जिंदगी आप #दीमक का काम करते रहो - #मोमता_बानो. दो शब्द कह देना मोमता बानो को लेकिनएंग्री रिएक्ट मत करो भाइयों मेरे अकाउंट को जिंदा रखने का सवाल है'.


चूँकि वीडियो वर्ष 2019 से इंटरनेट पर मौजूद है, इससे ये मालूम चल जाता है कि इसका हाल के चुनावों से कोई ताल्लुक नहीं है. वीडियो को ध्यान से सुनने पर ये भी साफ़ हो जाता है कि उसमे कोई भी भड़काऊ बात नहीं कही गयी है.

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हालांकि बूम स्वतंत्र रूप से ये मालूम करने में असमर्थ रहा कि वीडियो कब और कहाँ रिकॉर्ड किया गया है.

Claim Review :   ममता बनर्जी द्वारा मुस्लिम को दंगे का समर्थन
Claimed By :  Social media pages
Fact Check :  False
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