सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी फुटेज का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला पुणे के ससाणेनगर स्थित शिवाजी महाराज की मूर्ति पर चप्पल फेंकते हुए नजर आ रही है. इस वीडियो के साथ झूठा सांप्रदायिक दावा किया जा रहा है कि यह महिला मुस्लिम है.
बूम ने पाया कि वीडियो में दिख रही महिला का नाम अश्विनी दगड़े है. कालेपडल पुलिस स्टेशन के एक पुलिस अधिकारी ने घटना में किसी सांप्रदायिक एंगल से इनकार किया है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
वीडियो इस दावे के साथ साझा किया जा रहा है कि मूर्ति पर चप्पल फेंकने वाली महिला मुस्लिम है, जिसे पकड़कर स्थानीय लोगों ने उसके साथ मारपीट की और बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया.
कुछ वीडियो में लोगों द्वारा उसे स्याही पोतने और पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विजुअल भी देखे जा सकते हैं.
आर्काइव लिंक यहां और यहां देखें.
हमने क्या पाया:
1) महिला का नाम अश्विनी दगड़े है
रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमें घटना से जुड़ी एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के अनुसार पुणे के ससाणेनगर में शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर एक महिला ने चप्पल फेंक दी, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उस पर हमला कर दिया और उसके चेहरे पर स्याही पोत दी. बाद में पुणे पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. कीवर्ड सर्च के जरिए हमें और भी रिपोर्ट मिलीं, जिनमें महिला की पहचान अश्विनी दगड़े के रूप में की गई थी.
2) पुलिस ने सांप्रदायिक एंगल से किया इनकार
बूम ने कालेपडल पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर गिरीशा निम्बालकर से संपर्क किया, जिन्होंने पुष्टि की कि महिला का नाम अश्विनी दगड़े है और मामले में किसी भी तरह का कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है.


