सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह ईसा मसीह की सराहना करते हुए यह कहते दिखाई दे रहे हैं कि "स्वर्ग का मार्ग केवल यीशु मसीह हैं. यीशु धर्म नहीं बदलते, जीवन और अनंत भविष्य बदलते हैं."
बूम ने फैक्ट चेक में पाया कि पीएम मोदी का यह वीडियो पूरी तरफ फर्जी है. एआई डिटेक्शन टूल्स Deepfake-O-Meter और Hivemoderation ने इसके एआई जेनरेटेड होने की पुष्टि की है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
सोशल मीडिया पर करीब एक मिनट के पॉडकास्ट जैसे दिखने वाले इस पूरे वीडियो में पीएम मोदी ईसा मसीह की प्रसंशा करते नजर आते हैं. इस क्रम में वह बोलते हैं, "जो लोग बार-बार ये कहते हैं कि मसीही लोग जबरदस्ती धर्म बदलवाते हैं. वे इंसान का स्वभाव, सोच और जीवन बदलते हैं. धर्म मनुष्य को स्वर्ग नहीं ले जाता. स्वर्ग का मार्ग केवल यीशु मसीह है. क्योंकि वही पाप से छुटकारा और नया जीवन देते हैं. यहां कोई जबरदस्ती नहीं बल्कि प्रेम का निमंत्रण है. यीशु धर्म नहीं बदलते, यीशु जीवन और अनंत भविष्य बदलते हैं.."
इंस्टाग्राम और फेसबुक पर Bible Prediction नाम के एक अकाउंट ने इस वीडियो को शेयर करते लिखा, 'यीशु ही प्रभु है.' एक अन्य फेसबुक यूजर ने भी वीडियो को वास्तविक मानकर शेयर किया और इसके साथ लिखा, 'हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने यीशु मसीह के बारे में कितनी अच्छी बात कही है. यीशु ही प्रभु है.' आर्काइव लिंक यहां, यहां और यहां देखें.
पड़ताल में क्या मिला:
वायरल वीडियो में मौजूद विसंगतियां
वायरल वीडियो को गौर से देखने पर हमने पाया कि पीएम मोदी के चेहरे के हावभाव स्थिर हैं, जिससे वीडियो काल्पनिक सा लगता है. इसके अलावा इसकी आवाज भी काफी मशीनी प्रतीत होती है.
हमें वीडियो के कीफ्रेम का रिवर्स इमेज सर्च करने और संबंधित कीवर्ड खोजने पर किसी प्रमाणिक स्रोत या विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख नहीं मिला. इससे अंदेशा हुआ कि वीडियो को संभवतः एआई की मदद से तैयार किया गया है.
डीपफेक डिटेक्शन टूल ने की पुष्टि
पड़ताल के लिए हमने वीडियो और इसकी आवाज को एआई डिटेक्टर टूल DeepFake-O-Meter पर चेक किया. इस टूल के ड्यूल लेबल डीपफेक वीडियो डिटेक्शन और लिप-सिंक्ड डीपफेक डिटेक्शन मॉडल ने वीडियो को शत प्रतिशत फेक बताया. इससे साफ था कि वीडियो वास्तविक नहीं है और इसकी आवाज भी होंठों के मूवमेंट से मेल नहीं खाती यानी इसके साथ छेड़छाड़ की गई है.
जांच के दौरान DeepFake-O-Meter के डीपफेक ऑडियो डिटेक्शन मॉडल्स ने भी इसकी आवाज के 99.9 प्रतिशत तक फर्जी होने की संभावना बताई.
पुष्टि के लिए हमने वीडियो के एक हिस्से को टूल Hivemoderation पर भी चेक किया. Hivemoderation ने भी 99.9 प्रतिशत स्कोर के साथ इसमें एआई जनित या डीपफेक कंटेंट मौजूद होने की संभावना व्यक्त की.
वीडियो अपलोड करने वाले अकाउंट पर मौजूद हैं ऐसे अन्य वीडियो
हमने यह भी पाया कि वीडियो साझा करने वाले Bible Prediction नाम के इस पेज पर पीएम मोदी के अलावा हृतिक रौशन जैसे अभिनेताओं के भी ऐसे एआई जनरेटेड वीडियो मौजूद हैं. वायरल वीडियो में 'Bible Prediction' का नाम स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है.


