नहीं, यह वायरल तस्वीर वर्तमान किसान आंदोलन से सम्बंधित नहीं है

दावा किया जा रहा है कि यह किसान आंदोलन का वास्तविक रूप है जो मीडिया नहीं दिखा रही है |

Claim

"यह किसानों के विरोध का वास्तविक विस्तार है | मीडिया इसे नहीं दिखाएगा (काफी हद तक अंबानी के स्वामित्व में)। आपने कब प्रदर्शनकारियों का इतना विशाल जमावड़ा देखा? दिल्ली की सर्दियों में 4 * C की कड़कड़ाती ठंड वाली रातों को झेलते हुए। आशा है कि वे क्रिसमस से पहले कुछ अच्छी खबरें प्राप्त करेंगे।"

Fact

वायरल तस्वीर के साथ दावा फ़र्ज़ी है | यह तस्वीर मार्च 2018 में ली गयी है जब 25,000 किसानों ने मुंबई की ओर कूंच किया था | यह मार्च किसानों के ख़िलाफ़ नीतियों के विरोध में थी | बूम ने इस तस्वीर के साथ वायरल फ़र्ज़ी दावों को पहले भी ख़ारिज़ किया है | तस्वीर को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि उसपर मुंबईलाइव.कॉम का वॉटरमार्क है | खोज करने पर हमें मुंबई लाइव के ट्विटर हैंडल पर यही तस्वीर 10 मार्च 2018 को पोस्ट की हुई मिली | यही तस्वीर 11 मार्च 2018 को इंडियन एक्सप्रेस के एक लेख में भी प्रकाशित मिली | पूरा लेख पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें |

To Read Full Story, click here
Claim Review :   यह किसानों के विरोध का वास्तविक विस्तार है | मीडिया इसे नहीं दिखाएगा
Claimed By :  Facebook posts
Fact Check :  False
Show Full Article
Next Story