'आज़ादी के लिए कोड़े खाते भगत सिंह...' वायरल तस्वीर के साथ दावा कितना सच?

बूम ने पहले भी इस वायरल दावे का खंडन किया था. हमनें इसके लिए इतिहास को खंगाला था.

Claim

"आज़ादी के लिए कोड़े खाते भगत सिंह जी की तस्वीर उस समय अखबार में छपी थी ताकि और कोई भगत सिंह ना बने हिन्दुस्थान में.. क्या गांधी-नेहरू की ऐसी कोई तस्वीर है आपके पास? फिर केसे उनको राष्ट्र पिता मान लू? कैसे मान लूं कि चरखे ने आजादी दिलाई?"

Fact

वायरल हो रही तस्वीर फ़र्ज़ी है. पड़ताल के दौरान हमें पता चला कि वायरल तस्वीर 1919 में हुए जलियांवाला हत्याकांड (Jallianwala Massacre) के बाद ली गयी थी. कई रिपोर्ट्स इस बात की पुष्टि करती हैं. इन रिपोर्ट्स में कहीं भी वायरल फ़ोटो में दिख रहे शख़्स का भगत सिंह (Bhagat Singh) होने का ज़िक्र नहीं है. बूम ने इसपर पहले भी रिपोर्ट प्रकाशित की है. तब हमनें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रोफ़ेसर रह चुके चमन लाल द्वारा एक पुस्तक 'भगत सिंह रीडर' (Bhagat Singh Reader) को पढ़ा. इस पुस्तक में शहीद-ए-आज़म की चार तस्वीरें संग्रहित हैं. इस किताब में यह भी बताया गया है कि भगत सिंह की केवल चार तस्वीरें ही मौजूद हैं. पूरा लेख नीचे पढ़ें.

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Updated On: 2021-03-13T16:18:33+05:30
Claim Review :   आज़ादी के लिए कोड़े खाते भगत सिंह जी की तस्वीर उस समय अखबार में छपी थी
Claimed By :  Facebook post
Fact Check :  False
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