महिला प्रदर्शनकारियों की असंबंधित तस्वीरें असम की घटना बता कर वायरल

बूम ने पाया कि तीन तस्वीरें असम से नहीं हैं और ना ही नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध से संबंधित हैं।

नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ असम में हो रहे विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर कई असंबंधित तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। हम बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों में पारित किया गया है और इसी सप्ताह भारत के राष्ट्रपति से मंजूरी मिली है।

पूर्वोत्तर को कवर करने वाली वेबसाइट ईस्टमोज़ो ने बताया कि गुवाहाटी में पुलिस की गोलीबारी से दो लोगों की मौत हो गई और 4 घायल हो गए। हालांकि, सोशल मीडिया पर शेयर की गई कुछ तस्वीरें असम में मौजूदा हिंसा से संबंधित नहीं हैं।

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दो तस्वीरों में पुलिस के साथ महिला प्रदर्शनकारियों का टकराव दिखाया गया है।

एक अन्य महिला प्रदर्शकारी पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रही महिला पुलिसकर्मी की तस्वीर शेयर करते हुए, एक ट्विटर यूजर ने लिखा: "शेम ऑन यू असम पुलिस। @assampolice #AssamAgainstCAB #CountryAgainstBJP"।

एक फेसबुक यूजर ने असम में विरोध प्रदर्शनों का दावा करते हुए दो तस्वीरें पोस्ट कीं। आप नीचे पोस्ट देख सकते हैं।


इन दो तस्वीरों के अलावा, सोशल मीडिया पर एक और महिला की तस्वीर वायरल है जिसके सिर से खून बह रहा है।फोटो के साथ कैप्शन दिया गया है जिसका हिंदी अनुवाद है: "आप पर शर्म आती है असम पुलिस, यह असम सरकार हमारे साथ कर रही है, नीचे आप उनकी क्रूरता देख सकते हैं, पुलिस उन राक्षसों की रक्षा करते हुए लाठी चार्ज कर रही है, रबर की गोलियां चला रही हैं। यह वास्तव में असम के लिए एक काला दिन है। असम अभी जल रहा है।#SaynotoCAB"

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फैक्टचेक

बूम ने ऊपर की पोस्टों में दिखाई गई तस्वीरों के लिए रिवर्स इमेज सर्च किया और पाया कि एक भी तस्वीर असम में चल रहे विरोध से संबंधित नहीं थी।

फोटो 1


ऊपर की तस्वीर असम की नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हुए एक भयावह बलात्कार मामले के विरोध की है। फोटो में यूपी पुलिस समाजवादी पार्टी के एक कार्यकर्ता को पकड़ने की कोशिश करती दिख रही है। घटना के एक वीडियो में दिखाया गया है कि जब पुलिस ने महिला को शारीरिक रूप से संयमित कर दिया तो महिला विरोध प्रदर्शन को छोड़ने की कोशिश कर रही थी।

बूम वीडियो का पता लगाने में सक्षम था और पाया गया कि वीडियो में दिखाई देने वाली लड़की एक सपा कार्यकर्ता है जिसका नाम पूजा यादव है।

कई ट्विटर यूजरदावा कर रहे हैं कि वह कांग्रेस की छात्र शाखा एनएसयूआई का हिस्सा हैं।हमें उसी तस्वीर के साथ घटना पर फ्रीप्रेस जर्नल द्वारा एक लेख मिला।

कहानी यहां पढ़ी जा सकती है।

फोटो 2



उन्नाव बलात्कार के विरोध से एक और तस्वीर भी वायरल है।

गुलाबी साड़ी में महिला भाजपा कार्यालय के सामने लखनऊ में विरोध प्रदर्शन कर रही है। यह स्पष्ट नहीं है कि वह राजनीतिक दल से जुड़ी है, लेकिन विरोध उन्नाव बलात्कार और हत्या मामले के खिलाफ था। द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा प्रकाशित एक लेख में एक अलग कोण से उसी महिला की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है। उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं। तस्वीर को यूथ कांग्रेस ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया था।

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फोटो 3



एक और महिला की तस्वीर असम की घटना बता कर वायरल किया जा रहा है। तस्वीर में महिला बुरी तरह से घायल दिख रही है, जिसके सिर से खून बह रहा है।हालांकि, तस्वीर उत्तर प्रदेश की है। बूम ने 23 दिसंबर, 2016 को द इंडिपेंडेंट द्वारा प्रकाशित एक लेख पाया, जिसमें कहा गया था कि वह एक यौन हमले का शिकार है। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में उसे कथित तौर पर पुरुषों द्वारा पीटा गया और परेशान किया गया। यहां और पढ़ें।

Updated On: 2019-12-16T12:36:47+05:30
Claim Review :   महिलाओं के साथ मारपीट करती असम पुलिस की तस्वीरें
Claimed By :  Facbook and Twitter
Fact Check :  False
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