अफ़वाहों के कारण इमाम के क्वॉरंटीन के ख़िलाफ़ विरोध: उत्तराखंड पुलिस

बूम ने स्थानीय पुलिस से बात की जिन्होंने कहा कि हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र के निवासियों के बीच व्हाट्सएप्प और मौखिक रूप से अफ़वाहें फैलाई गईं

उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में दो अफ़वाहों के कारण रहवासी लॉकडाउन का उल्लंघन करके स्वास्थ्य कर्मचारियों का विरोध करने सड़कों पर जा पहुँचे। यह स्वास्थ्य कर्मचारी वहाँ के एक स्थानीय मस्जिद के इमाम का सैम्पल इकट्ठा करने हेतु वहाँ गए थे। स्थानीय पुलिस ने बूम को बताया की यह अफ़वाहें नैनीताल के हल्द्वानी शहर के बनभूलपुरा क्षेत्र के रहवासियों में व्हाट्सएप्प व मौखिक रूप से फ़ैली थी।

हल्द्वानी के सीन्यर पुलिस अधीक्षक, सुनील मीना ने बूम को बताया की "पहली अफ़वाह में कहा गया था कि इमाम को गिरफ़्तार करके जिले से कहीं दूर बंद कर दिया जाएगा। इसके कारण रहवासियों में घबराहट छा गयी क्यूँकि इमाम वहाँ के स्थानीय धार्मिक नेता हैं।" उन्होंने आगे यह भी बताया की दूसरी अफ़वाह स्वास्थ्य कर्मचारियों के वहाँ पहुँचने के कुछ घंटों पहले ही फैली थी।

"दूसरे फ़र्ज़ी संदेशों में यह कहा गया कि सुबहे एक पुलिस कर्मचारी ने आकर मस्जिद के दरवाज़े को बार बार लात मारी थी। इस बात से रहवासियों में ग़ुस्सा फैल गया।"

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रविवार को स्वास्थ्य कर्मचारी बनभूलपुरा के मस्जिद के एक इमाम का सैम्पल लेने अथवा उन्हें क्वॉरंटीन करने हेतु वहाँ पहुँचे क्यूँकि ऐसा कहा गया था कि इमाम कोविड-19 के कुछ मरीज़ों के सम्पर्क में आए हैं। पुलिस के मुतबिक वहाँ के रहवासियों ने हंगामा खड़ा कर दिया और स्वास्थ्य कर्मचारियों को मस्जिद अथवा इमाम के पास नहीं जाने दिया।

हल्द्वानी, उत्तराखंड के बनभूलपुरा इलाक़े में तबलीग़ी जमात के कार्यक्रम में सहभागी होने के पश्चात सात लोग वाइरस के लिए पॉज़िटिव पाए गए। इसी कारणवश अधिकारियों ने उस इलाक़े को कोविड-19 का हॉटस्पॉट घोषित किया था।

इस घटना के कई वीडियो 'मुसलामानों द्वारा जानबुझकर लॉकडाउन का उल्लंघन' इस कथ्य के साथ वायरल किए गए।


इसके अतिरिक्त, मुरादाबाद के अस्पताल में पॉज़िटिव टेस्ट होने के बाद भर्ती किए गये 5 व्यक्ति भी हल्द्वानी के रहने वाले हैं। "हमने क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया है और उन सभी का परीक्षण कर रहे हैं जो पॉज़िटिव टेस्ट हुए मरीज़ों के संपर्क में आए थे। हमारे पास वर्तमान में 15 मामले हैं और कई लोगों पर परीक्षण चल रहा है," हल्द्वानी के एस एस पी सुनील कुमार मीना ने कहा।

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आगे उन्होंने बताया कि इमाम ने स्वयं बनभूलपुरा के रहवासियों से बात की। "उन्होंने ख़ुद रहवासियों से कहा की उन्हें जिले से दूर नहीं बल्कि मस्जिद के परिसर में अपने ही घर में क्वॉरंटीन किया जा रहा था। इमाम की बातें सुनकर रहवासी आश्वस्त हो गए और उनकी बात मान गए।"

मीनाजी ने बूम को आगे यह भी बताया की इस घटना को केवल हल्द्वानी के बाहर ही साम्प्रदायिक विषय बनाया जा रहा था। "यहाँ के रहने वाले सभी लोग जानते हैं कि वास्तव में क्या हुआ था और कोई भी इसे दिए जा रहे साम्प्रदायिकता के मोड़ पर विश्वास नहीं कर रहा है। इस घटना से कोई सम्बंध ना रखने वाले लोग अगर ट्विटर एवं फ़ेसबुक पर इसे साम्प्रदायिकता से रंग के बढ़ा चढ़ाकर फैला रहे हैं तो उसका हम कुछ नहीं कर सकते।"

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