वेबसीरीज की क्लिप लॉकडाउन के चलते मंदिर में पुलिसकर्मी की पिटाई के रूप में हुई वायरल

बूम ने पाया की क्लिप 2019 के एक यूट्यूब वेबसीरीज से क्रॉप की गई है

ऑनलाइन शो का एक सीन जिसमें कुछ लोग एक पुलिस ऑफ़िसर को मार रहे हैं - जो एक टीवी कलाकार है - इस फ़र्ज़ी दावे के साथ वायरल हो रही है की एक पुलिसकर्मी को लोगों ने लॉकडाउन तोड़ने से रोकने पर मंदिर में पीटा है|

बूम ने पाया की वीडियो यूट्यूब पर 2019 में अपलोड हुए एक शो से लिया गया है जिसका हाल के लॉकडाउन और अन्य स्थितियों से कोई सम्बन्ध नहीं है| इस 44 सेकंड के वीडियो क्लिप में लोग एक पुलिसकर्मी के रूप में शख़्स को डंडियों और लात-घूसों से मार रहे है|

वीडियो पोस्ट नीचे देखें और इसका आर्काइव्ड वर्शन यहाँ देखें|

यह फ़ेसबुक पर भी वायरल है


ट्विटर

यह वीडियो 21-दिन के लॉकडाउन के चलते पुलिस पर हो रहे हमलो के मद्देनज़र वायरल है| यह लॉकडाउन की शुरुआत नोवेल कोरोनावायरस संक्रमण रोकने के लिए 25 मार्च से की गयी थी जिसे 15 अप्रैल को बढ़ा कर 3 मई तक कर दिया गया है|

नोवेल कोरोनावायरस पर बूम के लाइव अपडेट यहाँ फॉलो करें|

फ़ैक्ट चेक

बूम ने पोस्ट पर एक कमेंट पढ़ा जिसमें इस क्लिप को एक कला प्रस्तुति कहा गया था| इस संकेत के इस्तेमाल से हमें यूट्यूब पर 18 जून 2019 का एक लम्बा वीडियो मिला जो एक वेबसीरीज का हिस्सा था| वास्तविक वीडियो कॉन्टिनेंटल रेसलिंग एंटरटेनमेंट चैनल द्वारा अपलोड किया गया था| यह एक रेसलिंग एंटरटेनमेंट कंपनी है जिसे डब्लू.डब्लू.इ के रेसलर द ग्रेट खली ने स्थापित किया है|

वास्तविक वीडियो को 'सिंघम दुबे शास्त्री को पूजा करने से रोक रहा है' टाइटल के साथ यूट्यूब पर उपलब्ध है| इसमें सिंघम दुबे उस काल्पनिक पुलिसकर्मी का नाम है जिसे पीटा जा रहा है|

वीडियो को गौर से देखने पर मालूम होता है की वीडियो बनावटी है| यह बात तब और साफ़ हो जाती है जब वीडियो ख़त्म होता है और चैनल के लोगो के साथ खली की तस्वीर उभर कर आती है| यही लोगो ड्रामा के साथ साथ दिखाई देता है|


इस चैनल पर अन्य वीडियो देखने से पता चलता है की पंडित और पुलिसकर्मी बने कलाकार अलग अलग वीडिओज़ में भी मौजूद हैं|


Claim Review :   मंदिर में एक पुलिसकर्मी की कि गयी पिटाई क्योंकि वह लॉकडाउन तोड़ने पर रोक रहा था
Claimed By :  Social media
Fact Check :  False
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