योगी आदित्यनाथ का पुराना वीडियो भ्रामक दावों के साथ वायरल

बूम ने पाया कि वायरल वीडियो अगस्त 4, 2020 का है जब मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के पहले पटाखा जलाया था

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चार महीने पुराना एक वीडियो वायरल हो रहा है | इस वीडियो को नेटिज़ेंस भ्रामक तरीके से हाल की एक घटना के वीडियो से जोड़ रहे हैं | दरअसल बीते शुक्रवार बुलंदशहर पुलिस ने एक पटाखे विक्रेता को गिरफ़्तार कर लिया था जिसके बाद उसकी बेटी का पुलिस वैन पर सर पीटने का वीडियो वायरल हो गया था |

सोशल मीडिया यूज़र्स दावा कर रहे हैं कि जबकि योगी आदित्यनाथ दिवाली पर पटाखे फोड़ रहे हैं, पुलिस पटाखे विक्रेताओं को गिरफ़्तार कर रही है | इसके बाद यूज़र्स ने उत्तर प्रदेश सरकार की कथित "हिप्पोक्रेसी" पर सवाल उठाए |

बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो पोस्ट दो अलग-अलग घटनाओं को भ्रामक तरीके से जोड़ रहा है | यह दोनों बिलकुल अलग समय पर घटित हुई हैं | जबकि एक वीडियो में हाल में पुलिस द्वारा अपने पिता की गिरफ़्तारी के बाद पुलिस वैन पर सर पीट रही एक बच्ची दिख रही है, दूसरे वीडियो में मुख्यमंत्री पटाखे जला रहे हैं जो अयोध्या में हुए भूमि पूजन के एक दिन पहले यानी 4 अगस्त 2020 की घटना है |

रोमानिया की असंबंधित घटना का वीडियो फ़्रांस से जोड़कर वायरल

यह वीडियो एक कैप्शन के साथ वायरल है जिसमें लिखा है: "यह योगी की ज़मीन है | #deepavali2020 #diwalivibes" | इन वीडिओज़ को नीचे देखें और इनके आर्काइव्ड वर्शन यहां, यहां और यहां देखें |


हाल में बुलंदशहर में उत्तर प्रदेश के 12 अन्य ज़िलों के साथ पटाखे बैन कर दिये गए | पुलिस विभाग ने गैरकानूनी तरीके से पटाखे बेचने वालों को गिरफ़्तार करने के लिए एक ड्राइव की | इसी दौरान बुलंदशहर के ख़ुर्जा टाउन इलाके से एक वीडियो वायरल हो गया जिसमें एक छोटी लड़की पुलिस वैन पर अपना सर पीट रही है क्योंकि उसके पिता - एक पटाखा विक्रेता - को पुलिस ने गिरफ़्तार किया था |

यही वीडियो योगी आदित्यनाथ के पुराने वीडियो के साथ वायरल है | जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, उत्तर प्रदेश पुलिस की कथित 'अमानवीय प्रवत्ति' के कारण भारी आलोचना हुई | बाद में मुख्यमंत्री ने भी उस लड़की के पिता को छोड़ने का आदेश दिया और पुलिस अधिकारियों समेत जिला प्रशासन के कुछ अधिकारी लड़की के घर दिवाली के उपलक्ष्य में मिठाई और गिफ़्ट लेकर पहुंचे |

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फ़ैक्ट चेक

बूम ने पाया कि इन दोनों वीडियो के साथ कैप्शन भ्रामक है | योगी आदित्यनाथ की पटाखे जलाते हुए वायरल वीडियो क्लिप को करीब से देखने पर ऊपरी दायीं ओर एशियन न्यूज़ इंटरनेशनल यानी ए.एन.आई का लोगो दिखता है | खोज करने पर हमें ए.एन.आई के ट्वीटर हैंडल पर यही वीडियो मिला जो 4 अगस्त 2020 को पोस्ट किया गया था |

इस ट्वीट में लिखा है: "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल अयोध्या में #RamTemple के शिलान्यास समारोह से पहले 'दीपोत्सव' के तहत लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर पटाखे जलाए।"

इसके बाद हमनें यूट्यूब पर "father of a girl arrested for selling crackers" कीवर्ड्स के साथ खोज की | हमें कई वीडियो रिपोर्ट्स मिली जो हाल में हुए एक प्रकरण को दिखाती हैं |

पिछले हफ़्ते शनिवार यानी 14 नवंबर 2020 को प्रकाशित ए.बी.पी न्यूज़ की एक वीडियो रिपोर्ट में इस घटना का विवरण है | डिस्क्रिप्शन भाग में लिखा है: "बुलंदशहर में एक नाबालिग के साथ पुलिस के अमानवीय व्यवहार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कैसे कार्रवाई की, यह जानने के लिए वीडियो देखें। सोशल मीडिया पर एक लड़की का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक नाबालिग लड़की पुलिस की कार पर अपना सिर पीट रही है टीम ने प्रतिबंध के बाद भी पटाखे बेचने के लिए उसके पिता को गिरफ्तार किया। इस वीडियो में पूरे मामले के बारे में जानें।"

इस मामले से जुड़ी रिपोर्ट्स यहां और यहां पढ़ें |


Updated On: 2020-11-19T18:12:39+05:30
Claim Review :   उत्तर प्रदेश पुलिस इस दिवाली पटाखे बेचने वालों को गिरफ़्तार कर रही है वहीँ मुख्य मंत्री पटाखे फोड़कर दिवाली मना रहे हैं
Claimed By :  Social media
Fact Check :  Misleading
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