नहीं, यह तस्वीर उस शिक्षक की नहीं है जिनका फ़्रांस में सर कलम किया गया है

बूम ने केंट रिफ्यूजी एक्शन नेटवर्क से संपर्क किया जिन्होंने पुष्टि की कि यह उनके एक आयोजन की ही तस्वीर है जो 17 अक्टूबर को हुआ था |

यूनाइटेड किंगडम के केंट में शरणार्थियों का स्वागत करते एक समूह की तस्वीर वायरल है | दावा किया जा रहा है कि इसमें सैमुएल पैटी मौजूद हैं | सैमुएल पैटी एक फ्रेंच शिक्षक थे | उन्होंने अपनी क्लास में प्रोफेट मुहम्मद के कार्टून दिखाए थे जिसके बाद 16 अक्टूबर, 2020, को उनकी सर कलम कर हत्या कर दी गयी थी |

इस तस्वीर में तीन लोगों को 'रेफ़्यूजीज़ वेलकम' लिखे एक प्लेकार्ड को पकड़ कर खड़े देखा जा सकता है | भारतीय जनता पार्टी के सदस्य सुरेंद्र पुनिया ने इस तस्वीर को ट्वीट कर फ़र्ज़ी दावा किया कि सैमुएल पैटी ने कुछ साल पहले शरणार्थियों का पेरिस में स्वागत किया था |

नेटिज़ेंस ने पेटी का मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि कैसे एक शिक्षक ने शरणार्थियों के अपने देश में आने का समर्थन किया था पर उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ी थी | इसके अलावा नेटिज़ेंस उन भारतीय नागरिकों को चेतावनी दे रहे हैं जो रोहिंग्या मुसलमानों के भारत में गैर-कानूनी तौर पर आने का समर्थन करते हैं |

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फ़्रांस में रह रहे चेचेन ओरिजिन के अब्दुल्लाख़ अँजोरोव ने 16 अक्टूबर को सैमुएल पैटी का सर कलम किया था | फ्री स्पीच पर चर्चा करते हुए पेटी ने अलग अलग मुद्दों पर प्रोफ़ेट मुहम्मद की तस्वीरें और कार्टून दिखाए थे | यह कार्टून्स चार्ली हेब्डो सीरीज का हिस्सा थे जिसके बाद 2015 में उनके ऑफ़िस पर जानलेवा हमला हुआ था | अँजोरोव फ़्रांस में छह साल की उम्र में आया था जिसके बाद उसे 2030 तक रहने का रेजिडेंस परमिट मिला था | रिपोर्ट्स के मुताबिक़ वह सीरिया में उग्रवादी इस्लामिस्ट फाइटर्स से संपर्क में था |

पुनिया ने फ़ोटो के साथ लिखा है: "फ़ोटो में जो बीच में खड़ा है वो वही टीचर है जिसका एक जिहादी ने पेरिस में सर काट दिया था...कुछ साल पहले वो फ़्रांस में आने वाले Refugees का स्वागत कर रहा था पर उसे क्या पता था कि वो रिफ्यूजी उसी का गला काट देंगे ये उन लिबरांडुओं के लिये है जो भारत में रोहिंग्या को बसाना चाहते हैं"

आर्काइव यहां देखें | यह तस्वीर फ़ेसबुक पर भी इन्हीं दावों के साथ वायरल है | एक ऐसे ही पोस्ट का आर्काइव यहां देखें |

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फ़ैक्ट चेक

बूम यह पता लगाने में सक्षम था कि तस्वीर हाल में ली गयी है क्योंकि फ़ोटो में तीनों लोगों ने मास्क पहना है | हमनें एक रिवर्स इमेज सर्च किया तो हमें यूनाइटेड किंगडम स्थित गुड चांस नामक शरणार्थियों के लिए काम करने वाली एक कम्युनिटी का ट्वीट मिला | गुड चांस ने यही तस्वीर को ट्वीट किया था |

इस ट्वीट में केंट रेफ़्यूज़ी एक्शन नेटवर्क (KRAN) @_KRAN_ को भी टैग किया गया था | यह संस्था युवा शरणार्थियों के समर्थन में काम करती है जो केंट, यूनाइटेड किंगडम, में स्थित है |

हमनें क्रान से संपर्क किया | क्रान की लर्निंग और प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर ब्रिजेट चैपमैन ने बताया कि यह तस्वीर उन्हीं की संस्था द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम से है | एक ईमेल जवाब में हमें बताया, "यह तस्वीर नेपियर बैरक्स, फोल्कस्टोन, में 17 अक्टूबर को ली गयी थी | यह शर्णार्थियों के लिए एक स्वागत था |"

इसके अलावा चैपमैन ने बताया कि जो व्यक्ति सैमुएल पैटी बताया जा रहा है उसे वे जानती हैं पर पहचान नहीं बता सकती |

द गार्डियन में सैमुएल पैटी की एक तस्वीर नीचे देखें |



Claim Review :   तस्वीर में दिख रहा व्यक्ति फ्रांस का वही शिक्षक है जिसका सर कलम किया गया है |
Claimed By :  Social media
Fact Check :  False
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