नहीं, आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत ने नहीं कहा: "कोरोना ने तोड़ी मेरी धर्म में आस्था"

व्हाट्सएप्प और सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा यह फ़ोटो फ़र्ज़ी है न ही कोई असली न्यूज़ रिपोर्ट

एक न्यूज़पेपर क्लिपिंग जैसे दिखने वाले ग्राफ़िक का दावा है की राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के चीफ़ मोहन भागवत ने कहा है कि कोरोनावायरस ने धर्म में उनकी आस्था को तोड़ा है। आपको बता दें कि यह दावा फ़र्ज़ी है।

यह वायरल मेसेज एक डबल कॉलम रिपोर्ट के रूप में लिखा गया है और डबल डेक में इसकी हेड्लाइन है "कोरोना ने तोड़ी मेरी धर्म में आस्था: मोहन भागवत।" इस रिपोर्ट की डेट लाइन में नई दिल्ली लिखा है और इस ख़बर को एजेन्सी से लिया गया बताया है।

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वायरल स्क्रीन्शॉट कहता है "कोरोना का कहर पुरे विश्व में छाया हुआ है | हिंदुस्तान भी इससे नहीं बच पाया | कोरोना के आते ही सरे मंदिरों में ताले लग गए | जिन भगवानो की हम रात दिन पूजा करते हैं, चढ़ावा चढ़ाते हैं उन्होंने कोई चमत्कार नहीं दिखाया | हमारे प्रधानमंत्री जी ने खूब ताली और थाली बजवाई, दिए जलवाये, पर कुछ काम नहीं आया | आज कोरोना पीड़ितों की संख्या 25 हजार से ज्यादा हो गयी है | आज केवल डॉक्टर और नर्स ही हमारी रक्षा कर रहे हैं | इस कोरोना महामारी ने मुझे एक बहुत बड़ा सबक सिखाया है की अब हमें धार्मिक स्थानों की नहीं, स्कूलों और अस्पतालों की जरुरत है | हमें पुजारियों की नहीं वैज्ञानिकों और डॉक्टरों की जरुरत है | मेरा देश के सभी पुजारियों से विनती है की अब मंदिरों को हमेशा के लिए बंद कर दें और उनकी जगह स्कूल, पुस्तकालय और अस्पताल बनवाये | मंदिरों में जो भी सोना चांदी है वो जनता का है उसे जरूरतमंदों में बाँट दे ताकि कोरोना से लड़ाई में पैसा कोई रुकावट न बने | यही काम हमारे देश को सर्वोच्च बनाएगा |

इस पोस्ट का अर्काइव्ड वर्ज़न यहाँ देखिए ।



फ़ैक्ट चेक

वायरल स्क्रीन्शॉट को ध्यान से देखने पर बूम को इसमें कई विसंगतियाँ मिली।

सबसे पहले, हेड्लाइन के शब्दों के बीच का अंतर समान नहीं है। दूसरा, मोहन भागवत का फ़ोटो इस ग्राफ़िक पर मौर्फड प्रतीत होता है क्यूँकि बैक्ग्राउंड एवं फ़ोर्ग्राउंड का रंग अलग क़लग हैं। तीसरा, यह आर्टिकल पढ़ने में न्यूज़ रिपोर्ट नहीं बल्कि टेक्स्ट मेसेज जैसा लगता है।

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आर एस एस के कई पदाधिकारियों ने, नरेन्द्र कुमार सहित जो की संगठन के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख हैं, इस वायरल क्लिपिंग को फ़र्ज़ी बताया है।

19 मई 2020 को नरेंद्र कुमार ने अपने ट्वीट में कहा "रा.स्व.संघ के पू.सरसंघचालक @DrMohanBhagwat जी के नाम पर सोशल मीडिया में एक फेक न्यूज़ चल रही है। पू.सरसंघचालक जी ने ऐसा कोई वक्तव्य नहीं दिया है। यह समाज तोड़ने वाली शक्तियों का अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समाज में अनास्था, अराजकता और समाज विघटन के प्रयास का एक षड्यंत्र है।"

बूम इस वायरल क्लिपिंग के स्त्रोत का पता नहीं लगा पाया।

हमने भागवत द्वारा इसी विषय पर किए गए अन्य टिप्पणियों को जब इंटरनेट पर सर्च किया तब हमें पता चला की मोहन भागवत ने आख़री बार 26 अप्रैल को कोरोनावायरस के विषय में बात की थी जब उन्होंने अक्षय तृतीया के दिन नागपुर से ऑनलाइन भाषण दिया था। उस व्याख्यान में उन्होंने लोगों से अपील की थी की वह कोरोनावायरस के फैलाव का दोष किसी एक संप्रदाय को ना दें।

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Claim Review :  पोस्ट का दावा है की आर एस एस के चीफ़ मोहन भागवत ने कहा की कोरोना ने उनकी धर्म में आस्था को तोड़ा है।
Claimed By :  Social Media
Fact Check :  False
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