फ़र्ज़ी संदेशों का दावा - शाहीन बाग़ प्रदर्शनकारी कोरोनावायरस की चपेट में है

बूम ने दिल्ली के डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल से संपर्क किया। दोनों अस्पतालों ने ऐसे किसी भी मरीज़ की जानकारी होने से इंकार किया है।

कोरोनावायरस के जुड़ी ग़लत अफ़वाहें थमने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में एक ट्वीट वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि शाहीन बाग़ की एक महिला प्रदर्शनकारी कोरोनावायरस का शिकार हो गई है और अस्पताल द्वारा इलाज करने से इंकार करने के बाद वह प्रदर्शनस्थल वापस आ गई है। हालांकि बूम ने जांच में पाया है कि यह दावा झूठ है।

बूम ने शाहीन बाग में हो रहे नागरिकता संशोधन अधिनियम विरोध प्रदर्शन के एक आयोजक और दिल्ली के दो अस्पतालों से संपर्क किया जहां कोरोनावायरस मरीज़ों का इलाज किया जा रहा है। आयोजक ने संदेश को फ़र्ज़ी बताया, वहीं दोनों अस्पतालों ने कहा कि उनके पास अब तक शाहीन बाग़ से कोई कोरोनावायरस का मरीज़ नहीं आया है।

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व्हाट्सएप्प पर शेयर किए जा रहे एक ट्वीट के स्क्रीनशॉट में लिखा है, "बिग ब्रेकिंग: नाज़मा बेगम (43) जो # शाहीनबागप्रोटेस्ट में बैठी हैं, उनकी तबियत ठीक नहीं थी। डॉक्टरों ने उनमें कोरोनोवायरस पॉजिटिव पाया है। डॉक्टरों ने इलाज से इनकार कर दिया और वह शाहीनबाग वापस आ गई, किस तरह के लोग हैं ये?"

बूम को अपने व्हाट्सएप्प हेल्पलाइन नंबर (7700906111) पर भी यह वायरल स्क्रीनशॉट मिला है।


ट्वीटर पर वायरल

यही ग़लत और भ्रामक जानकारी ट्वीटर पर भी फैलाई जा रही है।



आर्काइव्ड वर्शन यहाँ, यहाँ और यहाँ देखें|

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फ़ैक्ट चेक

हमनें 'नज़मा बेगम', 'कोरोनावायरस', 'दिल्ली', 'शाहीन बाग' जैसे कीवर्ड का उपयोग करके खोज की और हमें ऐसी कोई समाचार रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें बताया गया हो कि शाहीन बाग़ की एक महिला प्रदर्शनकारी कोरोनावायरल से पीड़ित है।

बूम ने शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन के आयोजकों में से एक से संपर्क किया, जिसने पुष्टि की कि यह ख़बर नकली है।

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वायरल ट्वीट करने वाला ट्वीटर अकाउंट (@TheIntelWirathu) अब मौजूद नहीं है।


बूम ने दिल्ली में डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल से भी संपर्क किया जो कोरोनावायरस मरीज़ों का इलाज कर रहे हैं। दोनों अस्पतालों ने शाहीन बाग़ से किसी भी कोरोनावायरस रोगियों के आने की बात से इनकार किया है। लेख लिखने के समय तक भारत में 31 कोरोनोवायरस मामलों की सूचना मिली थी। बूम के लाइव ब्लॉग तक पहुंचने के लिए यहां क्लिक करें

पिछले साल दिसंबर के मध्य से शाहीन बाग़ में मुख्य रूप से मुस्लिम महिलाओं के नेतृत्व में लगातार धरना प्रदर्शन चल रहा है, और ग़लत सूचना फैलाने वालों का लक्ष्य रहा है। प्रदर्शनकारियों द्वारा धरने-प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए पैसे लेने का आरोप लगाने वाले कई झूठे दावों को पहले ख़ारिज किया गया है।(यहां और यहां पढ़ें)


सुमित उषा द्वारा अतिरिक्त रिपोर्टिंग

Updated On: 2020-03-06T17:15:26+05:30
Claim Review :  शाहीन बाग़ में एक महिला कोरोनावायरस ग्रसित पाई गयी पर उसने इलाज़ से इंकार कर दिया
Claimed By :  Twitter
Fact Check :  False
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