"हिंदूओं से आज़ादी": क्या उमर ख़ालिद ने मुंबई प्रदर्शन में यह नारे लगाए?

बूम ने कार्यक्रम स्थल पर शूट किए गए वीडियो का विश्लेषण किया और पाया कि ख़ालिद ने ऐसा कोई नारा नहीं लगाया था।

क्या मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया पर विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता एवं पूर्वी जे.एन.यु के छात्र उमर ख़ालिद ने हिंदू विरोधी नारे लगाए? कई ट्विटर यूज़रों ने एक वीडियो शेयर किया है और ख़ालिद पर हिंदू विरोधी नारे लगाने का आरोप लगाया है। ख़ालिद दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा का विरोध कर रहे थे।

बूम ने रविवार शाम से प्रदर्शनकारियों द्वारा ट्वीट किए गए कई वीडियो का विश्लेषण किया और पाया कि किया गया दावा ग़लत है।

भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने 18 सेकंड की एक क्लिप शेयर करते हुए दावा किया कि मुंबई में छात्रों ने "हिंदुओं से आजादी" के नारे लगाए। वीडियो में ख़ालिद को नारे लगाते हुए देखा जा सकता है।

यह भी पढ़ें: पत्थरबाज़ी के लिए मौलाना की पिटाई? नहीं, वे अलग-अलग व्यक्ति हैं

देखने के लिए यहां क्लिक करें और अर्काइव के लिए यहां देखें

अर्काइव के लिए यहां देखें

अर्काइव के लिए यहां देखें

फ़ेसबुक पर वायरल


यह भी पढ़ें: पीएम मोदी का दावा, 2014 से एनआरसी पर सरकार द्वारा कोई चर्चा नहीं की गई

फ़ैक्ट चेक

कई वीडियो क्लिप को देखने के बाद, बूम सोशल मीडिया पर एक समान वीडियो तक पहुंचने में सक्षम था जिसमें ख़ालिद को स्पष्ट रूप से "संघवाद से आजादी" का नारा लगाते हुए सुना जा सकता है ना कि "हिंदुओं से आजादी" का नारा जैसा कि दावा किया गया है।

बग्गा द्वारा शेयर किए गए वीडियो और एक यूज़र द्वारा साझा किए गए फ़ेसबुक पोस्ट की तुलना करने पर, हमने पाया कि ऑडियो मेल खाता है, जैसा कि कथित नारे से पहले, "जातिवाद से आजादी" और क्लिप के अंत में दिया गया 18-सेकेंड में दिया गया "आरएसएस से आजादी" का नारा सुना जा सकता है।

यह भी पढ़ें: 5 चीजें जो चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की पोस्ट के बारे में जानना जरूरी हैं

फ़ेसबुक क्लिप में, 54 सेकंड के टाइमस्टैम्प से, ख़ालिद को ये नारे लगाते हुए सुना जा सकता है|

"एनपीआर से आज़ादी,

सीएए से आज़ादी,

सीएए से आज़ादी,

जातिवाद से आजादी ,

संघवाद से आजादी,

आरएसएस से आज़ादी,

आरएसएस से आज़ादी,

मोहन भागवत से आजादी "

हमें वीडियो में कहीं भी "हिंदुओं से आजादी" का नारा नहीं मिला।

नीचे दिए गए ऑडियो में 14 सेकंड के टाइमस्टैम्प से एम्प्लिफाइड वर्शन सुना जा सकता है।

बूम ने ख़ालिद से संपर्क किया जिन्होंने इस तरह का कोई भी नारा लगाने से इनकार किया और कहा कि यह ग़लत था। खालिद ने हमें उस घटना का एक और वीडियो भेजा, जिसका हमने विश्लेषण किया और पाया कि जो वीडियो हमें मिला उससे ऑडियो मेल खाता है और यह पुष्टि करता है कि ख़ालिद ने कथित नारा नहीं लगाया था।

ख़ालिद द्वारा भेजे गए वीडियो में नारों का घटनाक्रम, फ़ेसबुक के उस वीडियो से मेल खाता है जिसका हमने विश्लेषण किया है। इसके अलावा, घटनास्थल पर मौजूद कई लोगों ने ट्विटर पर इस बात का खंडन किया कि हिंदू विरोधी नारे लगाए गए थे।


बूम ने मुंबई मिरर के डिप्टी रेजिडेंट एडिटर जयराज सिंह से संपर्क किया, जो रविवार शाम को लोकेशन पर मौजूद थे। सिंह ने बूम से कहा, "मैं कल रात विरोध प्रदर्शनों को कवर करने के लिए वहां गया था, जहां मैंने उमर ख़ालिद को बोलते और नारे लगाते हुए सुना। मुझे हिंदुओं के ख़िलाफ कोई बयान नहीं मिला।"

यह भी पढ़ें: क्या वीडियो से पता चलती है असम डिटेंशन सेंटर की क्रूरता?

बूम ने इस घटना में मौजूद प्रदर्शनकारियों में से एक प्रिंस शाह (32) से बात की जिन्होंने दावों को खरीज़ कर दिया। शाह ने हमें बताया कि जब ख़ालिद ने नारे लगाए थे वह वहां मौजूद थे और पुष्टि की कि हिंदू विरोधी नारे नहीं लगाए गए थे।

Claim Review :  उमर ख़ालिद ने लगाए हिन्दू विरोधी नारे, मांगी हिन्दुओं से आज़ादी
Claimed By :  Tajinder Pal Singh Bagga
Fact Check :  False
Show Full Article
Next Story