क्या फ्रांस पुलिस ने मुस्लिम आप्रवासियों को मारा? फ़ैक्टचेक

बूम ने पाया कि यह घटना नवंबर 2019 में ब्राजील में हुई थी, जब ड्रग माफिया और सीविल गार्ड के बीच झड़प हुई थी।

ब्राजील के साओ पाउलो में पुलिस और ड्रग डीलरों के बीच झड़पों का एक वीडियो इस दावे के साथ फैलाया जा रहा है कि यह फ्रांस का है, जहां मुस्लिम आप्रवासियों को सड़क पर दंगा करते हुए पकड़ा गया था।

वीडियो में एक अनियंत्रित भीड़ को बाइक पर एक पुलिसकर्मी पर टूटते हुए दिखाया गया है, जबकि अन्य पुलिस वाले उसे कवर देने आते हैं।

जवाबी कार्रवाई में पुलिस गोली चलाती है और बाद में उनमें से एक को गोली मारती है।

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1 मिनट 35 सेकंड की क्लिप फ़ेसबुक और ट्विटर पर एक कैप्शन के साथ फैलाई जा रही है, जिसमें लिखा है: "पुलिस और अनुमति दिए गए नए मुस्लिम आप्रवासियों के बीच लड़ाई। उन्होंने पहले ही फ्रांस की सड़कों पर दंगे शुरू कर दिए हैं। वे शरिया इस्लामिक कानून चाहते हैं और मुस्लिम इलाकों में नहीं जाते हैं। मुस्लिम प्रवासियों को शरण देने के लिए ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों में यह भविष्य की स्थिति हो सकती है। कम से कम फ्रांसीसी पुलिस को उन्हें गोली मारने की स्वतंत्रता है। ..👇 "

वीडियो प्रकृति परेशान करने वाली है। विवेक की सलाह दी जाती है।

ट्वीट के लिए यहां और आर्काइव के लिए यहां क्लिक करें।


नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) से जुड़े देश भर में हो रहे विरोध के मद्देनज़र यह वीडियो वायरल हुआ है। कई ट्वीट में नई दिल्ली की एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया गया है, जहां ट्रैफिक नियमों को तोड़ पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर पुरुषों के एक समूह ने दो ट्रैफिक पुलिस को पीटा था।

इसके साथ दिए गए कैप्शन में लिखा था, "सावधान भारत फ्रांस पुलिस की टीम पर जब मुस्लिम घुसपैठियों ने हमला किया तो पलटकर उन्होंने उन्होंने एक की जान ले ली। उन्हें छूट है कि अगर उन पर हमला होता है तो वे जान से मार सकते हैं, यहां नहीं। दिल्ली में चालान पर दो पुलिस को मुस्लिम भीड़ ने जम कर धुनाई कर दी। भागकर जान बचा पाए।"

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बूम को अपने हेल्पलाइन नंबर (7700906588) पर भी यही वीडियो मिला है जिसमें इसकी सच्चाई पर जानकारी मांगी गई है।


फ़ैक्ट चेक

बूम ने कुछ प्रमुख फ़्रेमों को रिवर्स इमेज सर्च कर देखा और हम ब्राजील के कुछ समाचार लेखों तक पहुंचे जिसमें यह वीडियो शामिल था।

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समाचार रिपोर्टों के अनुसार, घटना पिछले साल नवंबर में ब्राजील के साओ पाउलो में हुई थी, जब ड्रग माफिया के एक समूह और ब्राजील के सीविल गार्डों के बीच झड़प हुई थी।

वीडियो में ब्राजील के साओ पाउलो के क्रेकोलांडिया क्षेत्र में जीसीएम (मेट्रोपॉलिटन सिविल गार्ड) और ड्रग डीलरों के बीच झड़प दिखाया गया है।


बी न्यूज़ की रिपोर्ट में उस घटना का वर्णन किया गया है जहां एक ड्रग डीलर ने जीसीएम गार्ड की मोटरसाइकिल का पीछा किया था। बदमाश ने गार्ड की बंदूक छीन ली और उसे ओवरटेक करने के कुछ क्षण बाद गोली मार दी। इसके बाद, अन्य गार्ड आए और कई शॉट फायर करते हुए हमलावर का पीछा किया। बदमाश को एक गार्ड की गोली लगी। घटना पर एक और समाचार रिपोर्ट तक यहां पहुंचा जा सकता है।


म्यूनिसपल पुलिस ने भी अपने फ़ेसबुक पेज पर यही वीडियो शेयर किया है।



Claim Review :  फ्रांस पुलिस ने मुस्लिम आप्रवासियों को मारा
Claimed By :  Social media
Fact Check :  False
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