प्रधानमंत्री मोदी का सेना के जवानों पर दिया गया पुराना बयान फ़र्ज़ी दावों के साथ वायरल

बूम ने पाया की ये वीडियो वर्ष 2012 से इंटरनेट पर मौजूद है और वायरल वीडियो को असल वीडियो से क्लिप किया गया है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने वीडियो क्लिप को कांट छांट के फ़र्ज़ी दावे के साथ सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है | वायरल क्लिप में मोदी को ये कहते सुना जा सकता है की 'देखिये मित्रों सेना में जो जवान होता है ये युद्ध की भूमि में मरने के लिए जाता है...इसलिए कि इसे तनख्वाह मिलती है' |

बूम ने पता लगाया की ये वीडियो वर्ष 2012 से इंटरनेट पर है और वायरल क्लिप को एक लम्बे वीडियो से काट कर फ़र्ज़ी दावे के साथ वायरल किया गया है |

ये वीडियो ऐसे समय पर वायरल हो रहा है जब की भारत और चीन के बीच हालात काफ़ी तनावपूर्ण हैं | जून 15 और 16 को पूर्वी लदाख के गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिको के बीच हुई मुठभेड़ में भारत ने अपने बीस जांबाज़ गवा बैठे | बीजिंग ने अभी तक अपने सैन्य छति पर चुप्पी बनाई हुई है |

दोनों देशों के बीच सरहद पर बढ़ते तनाव को ले कर सोशल मीडिया पर भी फ़र्ज़ी खबरों का तांता लगा हुआ है |

लगभग बारह सेकंड लम्बे इस क्लिप में आप मोदी को स्टेज से बोलते सुन सकते हैं | मोदी कहते हैं 'देखिये मित्रों सेना में जो जवान होता है ये युद्ध की भूमि में मरने के लिए जाता है...इसलिए कि इसे तनख्वाह मिलती है' |

पोस्ट इस हिंदी कैप्शन के साथ वायरल है 'युद्ध की भूमि में जवान मरने के लिए जाता है, इसलिए की उसको "तनख्वाह" मिलती है..नरेन्द्र मोदीजी''

वायरल पोस्ट नीचे देखें |

कोवीड-19 वार्ड बंद करते हुए जश्न मनाते मेडिकल स्टाफ़ का ये वीडियो इटली के एक शहर से है

फ़ैक्ट चेक

रिवर्स इमेज सर्च करने पर बूम ने पाया की इसी वीडियो का एक लम्बा वर्ज़न यूट्यूब पर मार्च 15, 2017 में अपलोड किया गया था | वीडियो का शीर्ष अंग्रेजी में दिया गया था जिसका अनुवाद है 'मोदी का तिरंगा यात्रा से जुड़ा भाषण' |

लगभग छह मिनट लम्बा ये वीडियो मोदी के उसी बयान से शुरू होता है जिसे क्लिप कर के वायरल किया गया है | हालाँकि प्रधानमंत्री के दूसरे वाक्य से ये साफ़ हो जाता है की उनके बोलने का मतलब कुछ और ही था |

मोदी अपने भाषण की शुरुआत कुछ इस तरह करते हैं 'देखिये मित्रों सेना में जो जवान होता है ये युद्ध की भूमि में मरने के लिए जाता है...इसलिए की उसको तनख्वाह मिलती है ? उसको तनख्वाह मिलती है इसलिए वो सेना का जवान युद्ध की भूमि में मरने के लिए तैयार नहीं होता है...वो मरने के लिए इसलिए तैयार होता है इस मिट्टी को वो प्यार करता है...अगर आप अपने जीवन में किसी चीज़ को प्यार करो ... मैं आपको एक उद्धारण देना चाहता हूँ...'

इसके बाद वो अपनी 1992 के तिरंगा यात्रा के बारे में बातें करने लगते हैं |

ऐसा ही एक और वीडियो बूम को 2012 में यूट्यूब पर अपलोड किया हुआ मिला |

हालाँकि इस वीडियो में वो हिस्सा नहीं है जो फ़िलहाल सोशल मीडिया पर वायरल है मगर ये वीडियो भी उसी छह मिनट लम्बे वीडियो से क्लिप किया गया है | वर्ष 2012 में अपलोड किया गया ये वीडियो इस बात की पुष्टि करता है की ये उस समय का है जब मोदी प्रधानमंत्री नहीं बने थे |

बूम इस बात की स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं कर सकता की ये वीडियो कब और कहाँ रिकॉर्ड की गयी थी |

बांग्लादेश के दर्दनाक घटना की तस्वीर को आत्मनिर्भर भारत अभियान से जोड़ किया गया वायरल

गलवान घाटी पर मोदी का बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून 19, 2020 को एक सर्व-दलीय बैठक में भारत-चीन मुद्दे पर बयान दिया था |

"न तो वहां कोई हमारी सीमा में घुसा हुआ है और न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है. लद्दाख में हमारे 20 जांबाज शहीद हुए लेकिन जिन्होंने भारत माता की तरफ आंख उठाकर देखा था, उन्हें वो सबक सिखाकर गए," प्रधानमंत्री ने कहा, आजतक के एक रिपोर्ट के हवाले से |


Updated On: 2020-06-20T16:50:02+05:30
Claim Review :   वायरल पोस्ट दावा करता है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है की एक सैनिक युद्धभूमि में इसलिए मरता है क्यूंकि उसे तनख्वाह मिलती है
Claimed By :  Social media
Fact Check :  False
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