रेल की पटरी पर जूठन खाते व्यक्ति के पुराने वीडियो को कांग्रेस ने कोरोना संकट से जोड़ कर ट्वीट किया

बूम ने पता लगाया की ये वीडियो अगस्त 2019 से यूट्यूब पर है

कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में अपने ऑफ़िशियल ट्विटर हैंडल से दो वीडियोज़ का एक सेट शेयर किया है | इसमें से एक वीडियो तो हाल ही का है पर दूसरा वीडियो करीब नौ महीने पुराना है | कांग्रेस ने इन दोनों वीडियोज़ को इस तरह से शेयर किया है जैसे वो दोनों हाल ही में रिकॉर्ड की गयी हो, जबकि ऐसा नहीं है |

ये ट्वीट ऐसे समय पर शेयर किया गया है जब देशभर से अपने घरों को वापस लौटते प्रवासी मज़दूर भूख और लाचारी की दोहरी मार झेल रहे हैं |

दोनों वीडियो दो अलग अलग कैप्शन के साथ शेयर की गयी हैं | जहाँ विचलित कर देने वाले पहले वीडियो में आप एक गरीब व्यक्ति को रेल की पटरियों पर से जूठन उठा कर खाते देख सकते हैं, वहीँ दूसरे वीडियो में कांग्रेस के कार्यकर्ता ज़रूरतमंद लोगों को खाने के पैकेट्स बांटते नज़र आते हैं |

पहले वीडियो के साथ लिखा कैप्शन कहता है 'भाजपा: गरीबों को दाने-दाने के लिए तरसाती है' वहीँ दूसरे वीडियो के साथ लिखा कैप्शन कुछ इस प्रकार है 'कांग्रेस: गरीबों को खाना खिलाती है' |

इन दोनों वीडियोज़ को इस कैप्शन के साथ ट्वीट किया गया है 'फर्क- मानवता का। भाजपा ने कोरोना संकट के दौरान खाने के लिए तरसते गरीब देशवासियों से मुँह मोड़ लिया, जबकि कांग्रेस ने संकट की इस घड़ी में देशवासियों के लिए अपने कार्यालयों को "रसोई" बना दिया।'

ट्वीट नीचे देखें और आर्काइव्ड वर्ज़न यहां देखें |

हालांकि ये भी सच है की कांग्रेस ने अपने आई.टी.ओ, दिल्ली स्थित दफ्तर को प्रवासी मज़दूरों के लिए शेल्टर हाउस में परिवर्तित कर दिया है | यहां उनके ठहरने की व्यवस्था - लॉक डाउन के नियमो का पालन करते हुए - की गयी है तथा उन्हें तीन वक्त खाना भी खिलाया जा रहा है | इसके बारे में और यहां पढ़ें |

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज़रूरतमंद लोगों के बीच खाना बाँटने का काम भी कांग्रेस रसोईं के ज़रिये शुरू किया हुआ है |

नहीं, यह तस्वीरें पश्चिम बंगाल के तेलिनिपारा की नहीं बल्कि पाकिस्तान में हुई हिंसा की है

यही वीडियो फ़ेसबुक पर भी शेयर की गयी है |

फ़ैक्ट चेक

बूम ने यूट्यूब पर सही कीवर्ड्स के साथ सर्च करके पाया की यही वीडियो वर्ष 2019 में अपलोड किया गया था | यूट्यूब चैनल O.M.G Page 2 पर ये वीडियो अगस्त 21, 2019 को इस अंग्रेजी कैप्शन के साथ अपलोड किया गया था 'कृपया खाना बर्बाद ना करें | सचमुच दिल को छू लेने वाला वीडियो' |

क्या दिल्ली के पटपड़गंज में लॉकडाउन के दौरान सड़क पर नमाज़ अदा की गयी?

यूट्यूब पर अपलोड किया गया वीडियो तीन अलग-अलग क्लिप्स को जोड़कर दिखाता है | इन वीडियो क्लिप्स में आप भूख से मजबूर लोगों को कचड़े के डिब्बे और एक कचड़े वाले ट्रक से खाना निकाल कर खाते देख सकते हैं | यही वीडियो O.M.G Page 2 के फ़ेसबुक पेज पर भी अगस्त 21, 2019 को शेयर की गयी थी |


इसी वीडियो को इस साल मार्च 1 को दोबारा ट्विटर पर शेयर किया गया था | रवि नायर नामक शख्स ने इसी वीडियो को इस कैप्शन के साथ ट्वीट किया था: इसका धर्म क्या है?

ये वीडियो कहाँ और कब शूट किया गया है, ये पता लगाने में बूम को सफ़लता नहीं मिली | हालाँकि हमने ये ज़रूर पता लगा लिया की ये वीडियो पुराना है और हाल के लॉकडाउन से इसका कोई सम्बन्धः नहीं है |

बूम ने कांग्रेस द्वारा ट्वीट किये गए दूसरे वीडियो का पता भी लगाया | ये वीडियो दरअसल वायर एजेंसी ऐ.एन.आई द्वारा उसके यूट्यूब चैनल पर मार्च 30 को अपलोड किया गया था | वीडियो दिल्ली से है और कांग्रेस कार्यकर्ताओ द्वारा ज़रूरतमंद लोगो को खाद्य सामग्री बांटने के क्रम में बनाया गया है |


Claim Review :  काँग्रेस ने रेल पटरी पर जूठन खाते व्यक्ति के वीडियो को कोरोना संकट से जोड़ कर शेयर किया
Claimed By :  Social media
Fact Check :  False
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