रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ईरानी ड्रोन हमले के दावे से असंबंधित वीडियो वायरल
US Iran War: बूम ने पाया कि यह वीडियो अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष से पहले से इंटरनेट पर मौजूद है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बढ़ते तनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हुए ईरानी हमले का बताया जा रहा है.
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो ईरान द्वारा दूतावास पर किए गए हमले से जुड़ा नहीं है. यह वीडियो 28 फरवरी से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष से पहले से इंटरनेट पर मौजूद है.
गौरतलब है कि अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले की प्रतिक्रिया में ईरान ने 3 मार्च 2026 को सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला कर दिया. रिपोर्ट के मुताबिक इस ड्रोन हमले से दूतावास परिसर में आग लग गई और इमारत को मामूली-सा नुकसान हुआ.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
वायरल हो रहे इस वीडियो में एक सड़क किनारे भीषण आग की लपटें नजर आ रही हैं और काले धुएं का गुबार उठता दिखाई दे रहा है.
रियाद में यूएस एम्बेंसी पर हमले की घटना से जोड़कर टाइम्स ऑफ इंडिया, WION न्यूज, एबीपी न्यूज, रिपब्लिक वर्ल्ड, न्यूज 9, फ्री प्रेस जर्नल, द स्टेट्समैन, जी न्यूज बांग्ला और न्यूज मोबाइल हिंदी समेत कई मीडिया आउटलेट्स ने अपनी खबरों में इस वीडियो के विजुअल का इस्तेमाल किया है.
इसके अलावा कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस पुराने वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया कि यह ईरान द्वारा अमेरिकी दूतावास पर किए गए हालिया हमले का वीडियो है. (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
वीडियो पहले से इंटरनेट पर मौजूद है
वायरल वीडियो के कमेंट सेक्शन में कई यूजर्स ने एक टिकटॉक अकाउंट का हवाला देते हुए इसे पुराना वीडियो बताया. यहां से हिंट लेकर हम वीपीएन की मदद से टिकटॉक अकाउंट पर पहुंचे. हमने पाया कि यहां यह वीडियो 23 फरवरी 2026 को पोस्ट किया गया था.
इसके अलावा वीडियो के कीफ्रेम को संबंधित कीवर्ड के साथ रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें Imamuddin Ansari नाम के इंस्टाग्राम हैंडल पर भी 8 फरवरी 2026 का पोस्ट किया गया यही वीडियो मिला. इससे स्पष्ट था कि यह वीडियो 28 फरवरी 2026 से जारी संघर्ष और 3 मार्च को अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले से पहले से इंटरनेट पर मौजूद है.
टिकटॉक वीडियो के साथ दिए गए टेक्स्ट में सऊदी-आधारित अकाउंट ने इसे रियाद के अल-नसीम रोड पर लगी आग का वीडियो बताया था. हालांकि बूम स्वतंत्र रूप से इस घटना की पुष्टि नहीं कर सका लेकिन हमारी जांच में यह स्पष्ट है कि वीडियो रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हुए हालिया हमले से पहले ही इंटरनेट पर उपलब्ध है.
अरबी फैक्ट चेकिंग वेबसाइट Misbar ने भी इस वीडियो का फैक्ट चेक करते हुए बताया कि वीडियो में दिख रहा स्थान रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास के पास नहीं है.
रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने अपने आधिकारी एक्स हैंडल से बताया कि प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हमला किया गया, जिसके परिणामस्वरूप आग लग गई और इमारत को मामूली क्षति हुई. हमने पाया कि वायरल वीडियो में इस बयान के विपरीत भीषण आग दिखाई दे रही है.
हमले के बाद 3 मार्च को अमेरिकी दूतावास बंद कर दिया गया और सभी नागरिक सेवाएं रद्द कर दी गईं. दूतावास ने रियाद, जेद्दा और धहरान में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर रहने और अगली सूचना तक दूतावास न आने की सलाह दी.
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेताया कि सऊदी अरब के रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले के लिए ईरान को जवाबी कार्रवाई झेलनी पड़ेगी



