भारत में सांप्रदायिक राजनीति की चेतावनी देते नेहरू का वीडियो एआई जनरेटेड है
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो नेहरू के भाषण का असली वीडियो नहीं है, इसे एआई की मदद से बनाया गया है.

सोशल मीडिया पर भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की भविष्यवाणी के दावे से एक वीडियो वायरल है. भारत के 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर इस वीडियो को तमाम यूजर्स ने शेयर किया. वीडियो में नेहरू कह रहे हैं, "इस देश को संभाल लेना वरना 75 साल बाद कोई गंवार इस देश को धर्म के नाम पर बांट देगा."
बूम ने जांच में पाया कि वायरल एआई जनरेटेड है, एआई डिटेक्टर टूल्स ने इसके एआई जनरेटेड होने की पुष्टि की है.
क्या है वायरल दावा :
फेसबुक यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, "नेहरू जी की भविष्यवाणी." आर्काइव लिंक
इंस्टाग्राम पर भी यह वीडियो वायरल है. आर्काइव लिंक
पड़ताल में क्या मिला :
वीडियो की पुष्टि नहीं हुई
संबंधित कीवर्ड से सर्च करने पर हमें वायरल वीडियो में नेहरू के बयान की पुष्टि करने वाली कोई रिपोर्ट नहीं मिली. जांच में हमें नेहरू का ऐसा कोई पुराना वीडियो या वीडियो से संबंधित न्यूज रिपोर्ट भी नहीं मिली.
टूल्स ने बताया एआई जनरेटेड
हमने वीडियो को एआई डिटेक्टर टूल DeepFake-O-Meter पर चेक किया. इसके मॉड्यूल AVSRDD (2025) और DSP-FWA (2019) ने वीडियो के एआई जनरेटेड होने की प्रबल संभावना बताई है.
हमने वीडियो से ऑडियो को अलग करते हुए इसे डीपफेक वॉइस डिटेक्टर Hiya पर भी चेक किया. इसने भी ऑडियो के डीपफेक होने की प्रबल संभावना बताई है.
पहले भी वायरल हुआ था वीडियो
यह वीडियो अक्टूबर 2025 में भी मिलते जुलते दावे के साथ वायरल था, तब भी बूम ने इसका फैक्ट चेक किया था.


