उत्तराखंड में साधु के भेष में बच्चियों से छेड़छाड़ के दावे से वायरल वीडियो का सच
पुलिस ने इस शख्स की पहचान बिहार निवासी रमेशानंद के रूप की. साथ ही छेड़छाड़ और बच्चियों को लालच देकर अपने साथ ले जाने वाले वायरल दावे का भी खंडन किया.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ बच्चियां एक भगवाधारी शख्स पर बहलाने-फुसलाने का आरोप लगाती हुई उसके साथ मारपीट करती नजर आ रही हैं.
भगवाधारी शख्स को मुस्लिम बताते हुए सांप्रदायिक दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित गंगा रिसॉर्ट के पास एक मुस्लिम शख्स हिंदू साधु का भेष धारण कर बच्चियों को अपने साथ चलने के लिए कह रहा था. इसके बाद लड़कियों और स्थानीय लोगों ने उसे सबक सिखाते हुए उसके साथ मारपीट की.
ऋषिकेश पुलिस ने बूम से बातचीत में वायरल दावे का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी के मुस्लिम होने का दावा गलत है. उसकी पहचान रमेशानंद के रूप में हुई है, जोकि मूल रूप से बिहार का रहने वाला है. पुलिस की जांच में छेड़छाड़ या बहलाने-फुसलाने वाले दावे की पुष्टि भी नहीं हुई है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में कुछ लड़कियां भगवाधारी वेशभूषा में दिख रहे व्यक्ति पर आरोप लगाती हुई कह रही हैं कि वह उन्हें एक हजार रुपये और साइकिल का लालच देकर अपने साथ चलने के लिए कह रहा था.
वहीं वीडियो में वह व्यक्ति इन आरोपों से इनकार करता नजर आता है. इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोग उसके साथ हल्की मारपीट करते हुए भी दिखाई देते हैं.
एक्स और फेसबुक जैसे माध्यमों पर इसे सांप्रदायिक रंग देते हुए दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहा यह भगवाधारी एक मुस्लिम मौलाना है, जोकि साधु का भेष बनाकर छोटी बच्चियों और बच्चों के पास जा रहा था. आर्काइव लिंक यहां और यहां देखें.
पड़ताल में क्या मिला:
वीडियो ऋषिकेश का है
वायरल वीडियो की जांच में हमने पाया कि यह उत्तराखंड में ऋषिकेश के मुनि की रेती का है. दैनिक भास्कर की 5 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार यह घटना मुनि की रेती स्थित आस्था पथ की है.
बकौल रिपोर्ट, लड़कियों ने भगवा वस्त्र पहने इस शख्स पर उन्हें साइकिल और पैसे का लालच देकर बहलाने-फुसलाने का आरोप लगाया. लड़कियों के शोर मचाने पर मौके पर कई लोग जमा हो गए और उस व्यक्ति को पकड़ लिया. इस दौरान कुछ लोगों ने उस पर साधुओं को बदनाम करने का आरोप भी लगाया. हालांकि रिपोर्ट में इस शख्स की पहचान का कोई उल्लेख नहीं किया गया है.
साधु की पहचान रमेशानंद के रूप में हुई
अधिक जानकारी के लिए हमने मुनि की रेती पुलिस से संपर्क किया. थाना प्रभारी योगेश पांडे ने वायरल सांप्रदायिक दावे का खंडन करते हुए कहा, "वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान रमेशानंद के रूप में हुई, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है. फिलहाल वह राजस्थान सेवा समिति से जुड़ा है."
योगेश पांडे के अनुसार, "वीडियो में दिख रही बच्चियां आसपास फूल बेचने का काम करती हैं. रमेशानंद मदद के तौर पर उन्हें पैसे और सामान देने की बात कर रहा था, जिसे लड़कियों ने गलत समझ लिया."
पुलिस ने बच्चियों को बहलाने के आरोपों का किया खंडन
थाना प्रभारी ने बताया कि जांच के दौरान रमेशानंद के बारे में आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई. उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली कि वह इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहा हो. स्थानीय लोगों ने उनके बारे में सकारात्मक राय दी और उन्हें भला व्यक्ति बताया.
बकौल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर बच्ची और उसके परिजनों को बुलाकर उनसे भी पूछताछ की गई. हालांकी छेड़छाड़ जैसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई. साथ ही परिजनों ने इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज कराने से भी इनकार किया.



