खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू के साथ राहुल गांधी और दीपके की तस्वीर फेक है
बूम ने पाया कि राहुल गांधी और अभिजीत दीपके की वायरल तस्वीर वास्तविक नहीं है. इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है.

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके, अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस, इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा, क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग और खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू के साथ एक फ्रेम में खड़े नजर आ रहे हैं.
बूम ने पाया कि राहुल गांधी और अभिजीत दीपके की यह तस्वीर वास्तविक नहीं है. इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है. कई AI डिटेक्शन टूल भी इसके एआई जनरेटेड होने पुष्टि करते हैं.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
एक्स पर इस तस्वीर को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, 'भारत-विरोधी गैंग एक ही फ्रेम में. आमतौर पर देशों के बाहरी दुश्मन होते हैं, लेकिन भारत के अंदर ही बहुत सारे दुश्मन हैं.' एक अन्य एक्स यूजर ने दावा किया कि यह फोटो विदेश में एक मीटिंग के दौरान ली गई थी.
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पड़ताल में क्या मिला:
पड़ताल के दौरान हमें राहुल गांधी, अभिजीत दीपके, जॉर्ज सोरोस, सैम पित्रोदा, ग्रेटा थनबर्ग और गुरपतवंत सिंह पन्नू की कथित मुलाकात और इस तस्वीर का कोई प्रामाणिक स्रोत नहीं मिला.
हमने तस्वीर को गौर से देखा तो पाया कि इसमें एक अवास्तविक चमक है, जो अक्सर AI जनरेटेड तस्वीरों में देखने को मिलती है. साथ ही इसमें मौजूद लोगों के चेहरे भी उनके वास्तविक स्वरूप से थोड़े अलग दिखाई पड़ते हैं.
तस्वीर एआई जनरेटेड है
जांच के लिए हमने तस्वीर को AI डिटेक्शन टूल Hive Moderation पर चेक किया. Hive Moderation ने तस्वीर के AI जनरेटेड होने की संभावना 99.9 प्रतिशत जताई.
पुष्टि के लिए हमने Undetectable AI और Sightengine जैसे एआई डिटेक्शन टूल्स पर भी इसकी जांच की. जांच में इन दोनों टूल्स ने भी तस्वीर के AI जनरेटेड होने की संभावना बताई.
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