CJP प्रदर्शन में शामिल छात्रों को धमकी देने के दावे से पीएम मोदी का डीपफेक वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि मूल वीडियो में पीएम मोदी परीक्षा पद्धति में सुधार के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की चर्चा कर रहे थे. कई AI डिटेक्शन टूल्स ने भी वायरल वीडियो की आवाज को एआई जनरेटेड बताया है.

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसके साथ दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों को चेतावनी देते हुए कहा है कि भले ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया हो, लेकिन हिंसक प्रदर्शन में शामिल छात्रों को ढूंढ़कर उन्हें सबक सिखाया जाएगा.
बूम ने पाया कि पीएम मोदी के इस वीडियो में एआई की मदद से छेड़छाड़ की गई है. मूल वीडियो में मोदी परीक्षा पद्धति में सुधार के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की चर्चा कर रहे थे. Hive Moderation और Hiya जैसे एआई डिटेक्शन टूल्स ने वायरल वीडियो की आवाज को AI जनरेटेड बताया है.
गौरतलब है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी और छात्र-युवाओं ने 37 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया है. हालांकि इसके बावजूद सोशल मीडिया पर कुछ प्रोपेगेंडा अकाउंट द्वारा इस आंदोलन से जोड़कर लगातार ऐसे डीपफेक वीडियो साझा किए जा रहे हैं.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट @InsiderWB ने इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया कि पीएम मोदी ने विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सबक सिखाने का संकल्प लिया है और अपने बयान में कहा है कि विरोध करने वाले छात्रों को भुलाया नहीं जाएगा और उन्हें सजा दी जाएगी.
बूम इससे पहले भी @InsiderWB द्वारा फैलाई गई कई फर्जी खबरों की पड़ताल कर चुका है. पड़ताल के दौरान बूम ने पाया था कि CJP प्रदर्शन के समय ऐसे पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट ने कई नेताओं और अधिकारियों के डीपफेक और AI जनित वीडियो साझा किए थे.
पड़ताल में क्या मिला:
पीएम मोदी का मूल वीडियो
हमें पीएम मोदी के आधिकारिक एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट पर 26 जुलाई का अपलोड किया गया मूल वीडियो मिला. हमने पाया कि मूल वीडियो में पीएम मोदी छात्रों को चेतावनी नहीं दे रहे बल्कि परीक्षा पद्धति में सुधार के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की चर्चा कर रहे हैं.
इसी क्रम में वह परीक्षा संबंधी सुधारों के लिए इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में बनाई गई हाई पावर टास्क फोर्स के गठन की भी जानकारी देते नजर आते हैं.
वीडियो में AI की मदद से की गई हेरफेर
हमने वीडियो और इसकी आवाज को Hive Moderation और Hiya जैसे AI डिटेक्शन टूल्स पर चेक किया. Hive Moderation ने वीडियो की आवाज के AI जनरेटेड होने की संभावना 95.9 प्रतिशत जताई.
वहीं Hiya ने भी ऑडियो को 8/100 तक का ऑथेंटिसिटी स्कोर दिया, जो इसके डीपफेक होने की संभावना को दर्शाता है.


