क्या कंगना रनौत को पद्म पुरस्कार देकर राष्ट्रपति शर्मिंदगी महसूस कर रहे हैं? फ़ैक्ट चेक

बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल स्क्रीनशॉट दरअसल राष्ट्रपति के नाम पर बनाये गए एक फ़र्ज़ी ट्विटर हैंडल से किये गए ट्वीट का है जोकि अब सस्पेंड हो चुका है.

भारत के राष्ट्रपति (President of India) रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) के नाम से अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) पर किये गए एक कथित ट्वीट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल है. वायरल ट्वीट में राष्ट्रपति, कंगना को पद्म पुरस्कार (Padma Award) दिए जाने के लिए शर्मिंदगी महसूस कर रहे हैं. साथ ही कंगना से पद्म पुरस्कार वापस लेने के लिए वो प्रधानमंत्री नरेंद मोदी से अनुमति देने की विनती कर रहे हैं.

सोशल मीडिया यूज़र्स ट्वीट को सही मानकर ख़ूब शेयर कर रहे हैं और इसे शेयर करते हुए सवाल उठा रहे हैं कि क्या देश के राष्ट्रपति को इतना भी अधिकार नहीं है कि वो फ़ैसला ख़ुद ले सकें, उन्हें आदेश देना चाहिए ना कि विनती करनी चाहिए.

बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल स्क्रीनशॉट दरअसल राष्ट्रपति के नाम पर बनाये गए एक फ़र्ज़ी ट्विटर हैंडल से किये गए ट्वीट का है जोकि अब सस्पेंड हो चुका है.

कंगना रनौत पर राज ठाकरे के फ़र्ज़ी ट्विटर हैंडल से किया गया ट्वीट वायरल

वायरल ट्वीट में लिखा है, "कंगना रनौत द्वारा की गई टिप्पणी देश की भावनाओं को आहत करने वाली है, मैं स्वयं उन्हें पद्म पुरस्कार दिये जाने के लिए शर्मिंदगी महसूस कर रहा हूं! मेरी सरकार श्री @narendramodi से विनती है कि मुझे पुरस्कार वापस लेने की अनुमति दी जाए."

फ़ेसबुक पर ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए एक यूज़र ने लिखा कि "ये है इस देश का दुर्भाग्य कि राष्ट्रपति कंगना को दिये पुरस्कार को वापस लेने के लिए प्रधानमंत्री से विनती कर रहा है आदेश नहीं दे सकता है."


पोस्ट यहां देखें

एक यूज़र ने लिखा कि "महामहिम के इस विचार को आप क्या सोचेंगे सौभाग्य या दुर्भाग्य महामहिम सरकार से अनुमति मागे तो क्या होगा देश का वाह रे लोकतंत्र ?"


पोस्ट यहां देखें

फ़ेसबुक पर वायरल


क्या सबरीमाला मंदिर का 'अरवाना प्रसादम' यूएई की कंपनी से बना है? फै़क्ट-चेक

फ़ैक्ट चेक

बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल स्क्रीनशॉट दरअसल राष्ट्रपति के नाम पर बनाये गए एक फ़र्ज़ी ट्विटर हैंडल से किये गए ट्वीट का है जोकि अब सस्पेंड हो चुका है.

हमने ट्विटर हैंडल @rashtrptibhvn को जाकर देखा और पाया कि यह हैंडल अब अस्तित्व में नहीं है यानी कि इसे सस्पेंड कर दिया गया है.

जांच आगे बढ़ाते हुए हमने इस ट्विटर हैंडल को आर्काइव में चेक किया और पाया कि इस हैंडल के दो ट्वीट आर्काइव किये गए थे जिसमें वायरल ट्वीट भी शामिल है.


इसके बाद हमने इस ट्वीट के सोर्स कोड में जाकर ट्विटर आईडी निकाला. हमने पाया कि राष्ट्रपति के आधिकारिक ट्विटर हैंडल (885487044243238912) और इस हैंडल का ट्विटर आईडी (1325042453510934530) अलग-अलग है जो पुष्टि करता है कि यह ट्विटर हैंडल फ़र्ज़ी है.

राष्ट्रपति के आधिकारिक ट्विटर हैंडल और वायरल ट्वीट वाले हैंडल के बीच तुलतात्मक विश्लेषण करने पर हमें दोनों हैंडल के यूज़रनेम, स्थान और ट्विटर जॉइन करने की तारीख़ में अंतर मिला. यही नहीं, भारत के राष्ट्रपति का हैंडल वेरीफ़ाइड है जबकि फ़र्ज़ी हैंडल वेरीफ़ाइड नहीं है, और तो और इसके बायो सेक्शन में 'प्रेसिडेंट ऑफ़ इंडिया फैन अकाउंट' लिखा दिखाई पड़ता है.

राष्ट्रपति के आधिकारिक ट्विटर हैंडल @rashtrapatibhvn है. ट्विटर हैंडल में स्थान- नई दिल्ली है जबकि ट्विटर जॉइन करने की तारीख़ जुलाई, 2017 है. वहीं, वायरल ट्वीट वाले ट्विटर हैंडल का यूज़रनेम @rashtrptibhvn है. ट्विटर हैंडल में स्थान – यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका है जबकि ट्विटर जॉइन करने की तारीख़ नवंबर, 2020 है.


कंगना रनौत के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन का पुराना वीडियो भ्रामक दावे से वायरल

Claim :   राष्ट्रपति के नाम से वायरल ट्वीट का स्क्रीनशॉट
Claimed By :  Social Media Users
Fact Check :  False
Show Full Article
Next Story
Our website is made possible by displaying online advertisements to our visitors.
Please consider supporting us by disabling your ad blocker. Please reload after ad blocker is disabled.