राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रामनाथ कोविंद की तस्वीर के साथ भ्रामक दावा वायरल

वायरल तस्वीर के साथ दावा किया गया है कि यह पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ यज्ञ करके सत्ता और पद की जिम्मेदारियों को सौंपते दिखाती है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को एकसाथ पूजा-अर्चना करते दिखाती एक पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर ग़लत दावे के साथ शेयर की जा रही है. वायरल तस्वीर के साथ दावा किया गया है कि यह द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने के बाद की है और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ यज्ञ करके सत्ता और पद की जिम्मेदारियों को सौंपते दिखाती है.

बूम ने पाया कि वायरल तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा ग़लत है. असल में, यह तस्वीर दो साल से ज़्यादा पुरानी है जब द्रौपदी मुर्मू झारखण्ड की राज्यपाल थीं और तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद झारखण्ड दौरे के दौरान देवघर पहुंचे थे.

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बता दें कि द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को भारत के 15 वें राष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर काबिज़ होने वाली पहली आदिवासी महिला हैं.

दक्षिणपंथी फेसबुक पेज क्रिएटली ने वायरल तस्वीर को 22 जुलाई को फ़ेसबुक पर शेयर किया था. हालांकि, तस्वीर के साथ प्रत्यक्ष तौर पर किसी तरह का दावा नहीं किया गया था.


फ़ेसबुक पर इस तस्वीर के साथ कैप्शन दिया जा रहा है, "विरासत सौंपना या सत्ता हस्तांतरण करना, अपने आप में एक यज्ञ होता है. यज्ञ देवों और महादेव के साक्षित्व में होता है. हस्तांतरण के ये क्षण, इन क्षणों के भाव, अंतर्भाव और वातावरण ही इतिहास लिखते हैं. राष्ट्रपति पद का हस्तांतरण देखिये. राजनैतिक औपचारिकताएं होती रहेंगी, वैदिक प्रतिबद्धता प्रथमतः हो रही है.. अब शुभ और लाभ दोनों ही मिलेंगे देश को."


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फ़ैक्ट चेक

बूम ने पाया कि वायरल तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा ग़लत है. असल में, यह तस्वीर दो साल से ज़्यादा पुरानी है जब रामनाथ कोविंद ने झारखण्ड के अपने दौरे के दौरान देवघर बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की थी. और उनके साथ तत्कालीन राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद थीं.

हमने वायरल तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च पर खोजा तो यह तस्वीर 29 फ़रवरी 2020 को प्रकाशित प्रभात ख़बर की एक रिपोर्ट में मिली.

रिपोर्ट में बताया गया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देवघर बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा करके देश की सुख-समृद्धि की कामना की. इस दौरान उनके साथ झारखण्ड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू मौजूद थीं.


इससे संबंधित रिपोर्ट खोजने पर हमें जागरण और लाइव हिंदुस्तान पर 29 फ़रवरी को प्रकाशित हुईं रिपोर्ट मिली. इन रिपोर्ट्स में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करते दिखाती दूसरे एंगल से तस्वीर देखी जा सकती हैं.

जांच के दौरान हमें देवघर के दिप्टी कमिश्नर के फ़ेसबुक द्वारा शेयर किया गया एक वीडियो भी मिला. इस वीडियो में रामनाथ कोविंद और द्रौपदी मुर्मू को मंदिर के पुजारियों के बीच पूजा करते देखा जा सकता है.

फ़ेसबुक पोस्ट में वीडियो के साथ कैप्शन दिया गया- बाबा बैद्यनाथ की पूजा अर्चना करते महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद.

साथ ही कैप्शन में ट्विटर पर अपलोड किये गए वीडियो का भी लिंक डाला गया है.

इसके अलावा हमें न्यूज़ 18 बिहार झारखण्ड के यूट्यूब चैनल पर 29 फ़रवरी 2020 को अपलोड की गई वीडियो रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के आधिकारिक देवघर दौरे के दौरान बाबा धाम के दर्शन और पूजा-अर्चना पर विस्तृत रिपोर्टिंग की गई है.

रिपोर्ट में रामनाथ कोविंद और द्रौपदी मुर्मू को पूजा करते दिखाते हूबहू दृश्य देखे जा सकते हैं जो वायरल तस्वीर में हैं.

द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को भारत के 15 वें राष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ ली. चीफ़ जस्टिस एनवी रमना द्रौपदी मुर्मू को देश के सर्वोच्च पद की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण समारोह संसद भवन के सेंट्रल हॉल में हुआ. इस दौरान पीएम मोदी, उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति एम वेंकैया नायडू सहित और लोकसभा अध्यक्ष सहित कई गणमान्य लोगों ने शिरकत किया.

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान किसी तरह का धार्मिक कार्यक्रम नहीं हुआ.

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Claim :   राष्ट्रपति पद का हस्तांतरण देखिए। राजनैतिक औपचारिकताएं होती रहेंगी, वैदिक प्रतिबद्धता प्रथमतः हो रही है
Claimed By :  Social Media Users
Fact Check :  False
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