पीएम मोदी द्वारा राष्ट्रगान के अपमान के दावे से एडिटेड वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि मूल वीडियो में पीछे राष्ट्रगान नहीं चल रहा है. 20 जून 2025 को बिहार के सीवान में आयोजित एक कार्यक्रम के वीडियो में राष्ट्रगान की धुन अलग से एडिट करके जोड़ी गई है.

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रगान का अपमान करने के दावे से एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में पीएम मोदी कथित तौर पर राष्ट्रगान के दौरान खड़े होने की बजाय मंच पर चलते और लोगों से मुलाकात करते नजर आ रहे हैं.
बूम ने पाया कि पीएम मोदी का यह वीडियो एडिटेड है. मूल वीडियो 20 जून 2025 को बिहार के सीवान में आयोजित एक जनसभा का है, जिसमें स्पष्ट देखा जा सकता है कि पीछे राष्ट्रगान नहीं चल रहा है. वायरल वीडियो में राष्ट्रगान की आवाज अलग से जोड़ी गई है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
एक्स पर वायरल 12 सेकंड के इस वीडियो में पीएम मोदी मंच पर आते हुए नीतीश कुमार और अन्य नेताओं का अभिवादन करते नजर आ रहे हैं, जबकि पीछे राष्ट्रगान चल रहा है.
एक एक्स यूजर ने इसके साथ दावा किया कि राष्ट्रगान के दौरान पीएम मोदी इसका अपमान करते हुए चलते रहे.
पड़ताल में क्या मिला:
वायरल वीडियो पुराना है
हमने पाया कि वायरल वीडियो में मंच पर लगे एक स्क्रीन पर तारीख 20 जून 2025 और स्थान जसौली खर्ग, पचरुखी लिखा हुआ है. इससे स्पष्ट था कि वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं है. बता दें कि जसौली बिहार के सीवान जिले के पचरुखी प्रखंड में स्थित है.
मूल वीडियो में राष्ट्रगान नहीं चल रहा
यहां से हिंट लेकर हमने संबंधित कीवर्ड सर्च किए, जिसके जरिए हमें पीएम मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 21 जून 2025 का अपलोड किया गया मूल वीडियो मिला.
मूल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि पीछे राष्ट्रगान नहीं बज रहा है. वीडियो में मंच पर आने के क्रम में नरेंद्र मोदी का स्वागत किया जा रहा है और इस दौरान भीड़ उनका अभिनंदन करती नजर आ रही है.
इस कार्यक्रम के लाइव वीडियो में भी देखा जा सकता है कि पीएम मोदी के मंच पर आने के दौरान, जहां वह नीतीश कुमार और अन्य नेताओं से हाथ मिलाते नजर आ रहे हैं, वहां राष्ट्रगान नहीं बज रहा बल्कि उनका स्वागत किया जा रहा है.
बिहार के सीवान में PM मोदी ने किया था कई योजनाओं का शिलान्यास
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले पीएम मोदी 20 जून 2025 को बिहार के सीवान पहुंचे थे, जहां उन्होंने 5,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया था. इस दौरान बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत एनडीए के कई नेता मौजूद थे.


