फैक्ट चेक: मोहन भागवत और गौरव भाटिया के नाम पर मनगढ़ंत बयान हो रहे वायरल
बूम ने पाया कि नवभारत टाइम्स के लोगो वाले ये पोस्टकार्ड फेक हैं. इनमें मोहन भागवत और गौरव भाटिया के हवाले से पीएम मोदी व स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर फर्जी बयान वायरल किए जा रहे हैं.

सोशल मीडिया पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और बीजेपी नेता गौरव भाटिया के नाम से कुछ मनगढ़ंत बयान वायरल हो रहे हैं. बयान वाले इन पोस्टकार्ड में न्यूज आउटलेट नवभारत टाइम्स के लोगो का इस्तेमाल किया गया है.
एक पोस्टकार्ड में मोहन भागवत के हवाले से पीएम मोदी पर वशीकरण की बात की गई है. वहीं दूसरे पोस्टकार्ड में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने को लेकर चर्चा में आए हिंदुत्ववादी चरमपंथी विचारों वाले स्वतंत्र भारद्वाज को गौरव भाटिया के हवाले से 'दिमागी नक्सल' बताया गया है.
बूम ने अपनी जांच में पाया कि दोनों ही पोस्टकार्ड फेक हैं. मोहन भागवत और गौरव भाटिया ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है. नवभारत टाइम्स ने भी अपने सोशल मीडिया से इन पोस्टकार्ड का खंडन करते हुए इन्हें फर्जी बताया है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
दावा: एक
NBT के कथित पोस्टकार्ड में मोहन भागवत की पीएम मोदी पर की गई टिप्पणी को वास्तविक मानकर शेयर करते हुए यूजर्स ने दावा किया कि मोहन भागवत कह रहे हैं कि दूसरे धर्मों के लोगों द्वारा मोदी पर वशीकरण किया गया है, इसलिए वह सही फैसले नहीं ले पाते हैं. (आर्काइव लिंक)
दावा: दो
NBT के एक अन्य पोस्टकार्ड को शेयर करते हुए, जिसमें गौरव भाटिया के हवाले से स्वतंत्र भारद्वाज को 'दिमागी नक्सल' बताया गया है, एक एक्स यूजर ने लिखा, 'लीजिए एक और ने पल्ला झाड़ कर "दिमागी नक्सल" बता दिया है!' (आर्काइव लिंक)
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने भी गौरव भाटिया के नाम से वायरल इस मनगढ़ंत बयान वाले पोस्टकार्ड को शेयर किया था. हालांकि बाद में उन्होंने यह कहते हुए अपना पोस्ट डिलीट कर दिया कि उन्हें पता चला कि यह AI जनरेटेड ग्राफिक है.
पड़ताल में क्या मिला:
जांच के दौरान हमें मोहन भागवत द्वारा पीएम मोदी पर वशीकरण किए जाने या गौरव भाटिया द्वारा स्वतंत्र भारद्वाज को दिमागी नक्सल बताए जाने से जुड़ी ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें इस तरह की टिप्पणी का जिक्र हो.
पोस्टकार्ड एक:
हमने नवभारत टाइम्स के सोशल मीडिया हैंडल की तलाश की तो पाया कि NBT Uttar Pradesh के फेसबुक पेज पर मौजूद एक पोस्टकार्ड में मोहन भागवत की वही तस्वीर मौजूद है लेकिन उसमें दिया गया बयान बिल्कुल अलग है.
पोस्टकार्ड दो:
हमें नवभारत टाइम्स के एक्स हैंडल पर गौरव भाटिया वाले बयान का भी मूल पोस्टकार्ड मिला. इसमें भी उनकी तस्वीर वही थी पर बयान पूरी तरह अलग था.
हमने गौर किया कि NBT के मूल पोस्टकार्ड की भाषा और फॉन्ट वायरल पोस्टकार्ड से अलग हैं. मसलन गौरव भाटिया वाले वायरल पोस्ट में 'ज़हर' में नुक्ते का इस्तेमाल है, जबकि नवभारत टाइम्स के अन्य पोस्टकार्ड में नुक्ते का इस्तेमाल नहीं किया गया है.
नवभारत टाइम्स ने किया खंडन
नवभारत टाइम्स ने भी अपने सोशल मीडिया से इन पोस्टकार्ड का खंडन करते हुए बताया कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर NBT के नाम से कई फर्जी पोस्ट वायरल हो रही हैं, जिनके जरिए भ्रामक संदेश फैलाए जा रहे हैं. गौरव भाटिया ने भी इस बयान को फर्जी बताया है.
स्पष्ट है कि नवभारत टाइम्स ने आधिकारिक तौर पर ऐसा कोई पोस्टकार्ड जारी नहीं किया है. NBT के हवाले से मोहन भागवत और गौरव भाटिया के मनगढ़ंत बयान वायरल किए जा रहे हैं. बूम इससे पहले भी NBT के नाम पर वायरल ऐसे कई एडिटेड और फर्जी ग्रफिक्स का फैक्ट चेक कर चुका है.



