बाबा रामदेव के नाम पर फर्जी बयान हो रहे वायरल, जानें क्या है सच
बूम ने पाया कि बाबा रामदेव का वायरल वीडियो AI जनरेटेड है. इसके अलावा रामदेव ने पीएम मोदी को लेकर वायरल पोस्टकार्ड जैसा कोई बयान नहीं दिया है.

सोशल मीडिया पर बाबा रामदेव के नाम पर कई बयान वायरल हो रहे हैं, जिनमें उन्हें मोदी सरकार की आलोचना करते हुए दिखाया गया है.
एक वीडियो में कथित तौर पर बाबा रामदेव मौजूदा सरकार की तुलना में कांग्रेस की सराहना करते हुए कहते हैं, "कांग्रेस सरकार चाहे जैसी भी थी लेकिन तानाशाह नहीं थी. महंगाई बेरोजगारी पर कंट्रोल रखती थी. हमारे देश की मीडिया कांग्रेस की छवि खराब की है, उसमें मेरा भी योगदान कम नहीं था. मुझे माफ कर दो." इस बयान को लेकर नवभारत टाइम्स का एक पोस्टकार्ड भी वायरल है.
नवभारत टाइम्स के नाम से एक अन्य पोस्टकार्ड भी वायरल हो रहा है, जिसमें बाबा रामदेव के हवाले से कहा गया कि पीएम मोदी को अब विदाई ले लेनी चाहिए, क्योंकि आने वाला समय अनुकूल नहीं है.
बूम ने पाया कि बाबा रामदेव ने वायरल दावे जैसा कोई बयान नहीं दिया है. वायरल हो रहा वीडियो एआई जनरेटेड है, इसमें 'Grok' का वॉटरमार्क भी देखा जा सकता है.
वहीं वायरल पोस्टकार्ड में भी कई भाषाई अशुद्धियां मौजूद हैं और नवभारत टाइम्स ने आधिकारिक तौर पर ऐसा कोई पोस्टकार्ड जारी नहीं किया है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
दावा: एक
एक्स पर India गठबंधन नाम के हैंडल ने बाबा रामदेव के इस वीडियो को शेयर करते हुए उनके बयान को वास्तविक मानकर कोट किया.
इस बयान का एक पोस्टकार्ड भी वायरल है, जिस पर न्यूज आउटलेट नवभारत टाइम्स का लोगो देख सकते हैं.
दावा: दो
बाबा रामदेव के नाम से नवभारत टाइम्स का एक और पोस्टकार्ड भी शेयर किया गया, जिसमें रामदेव के हवाले से लिखा गया कि "मोदी जी को सम्मान अब विदाई ले लेनी चाहिए. इस समय उनका समय अनुकूल नहीं है, आने वाला समय देश और उनके लिए प्रतिकूल रहेगा. जनता को बदलाव की उम्मीद थी लेकिन बदलाव की जगह बर्बादी शुरू हो गई."
एक एक्स यूजर ने इसके साथ लिखा, 'लगता है योगगुरु बाबा रामदेव जी को पूरा विश्वास हो गया है कि #Evm चोर मशीन भी अब मोदी सरकार को नहीं बचा पायेगी, तभी तो बाबा मोदी से ससम्मान विदाई की बात कर रहें हैं.'
पड़ताल में क्या मिला:
1. बाबा रामदेव का यह वीडियो फेक है
सबसे पहले हमने बाबा रामदेव द्वारा कांग्रेस के संदर्भ में माफी मांगने वाले बयान से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट की तलाश की, लेकिन हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली. अगर रामदेव ने ऐसा कोई बयान दिया होता तो खबरों में इसकी चर्चा जरूर होती.
वीडियो में मौजूद है 'Grok' का वॉटरमार्क
वीडियो को गौर से देखने पर इसमें कई विसंगतियां नजर आती हैं. मसलन, एक फ्रेम में उनका बयान सुनाई देता है लेकिन वह खुद बोलते हुए नजर नहीं आते. इसी दृश्य में उनके सामने मौजूद अलग-अलग न्यूज आउटलेट के माइक भी फ्रेम से अचानक गायब होते दिखाई देते हैं.
इसके अलावा वीडियो में नीचे 'Grok' का वॉटरमार्क मौजूद है, जो इसके एआई से बने होने का संकेत देता है.
एआई डिटेक्शन टूल्स ने क्या बताया
जांच के लिए हमने वीडियो को AI डिटेक्शन टूल Hive Moderation और DetectVideo.ai पर चेक किया. Hive Moderation ने इसकी स्पीच के AI जनरेटेड होने की संभावना 99.3 प्रतिशत जताई. वहीं DetectVideo.ai ने भी वीडियो के AI जनरेटेड होने की संभावना 71 प्रतिशत बताई.
एआई वॉइस टूल Hiya ने भी ऑडियो के ज्यादातर हिस्से को 14/100 तक का ऑथेंटिसिटी स्कोर दिया, जो इसके डीपफेक होने की संभावना को दर्शाता है.
नवभारत टाइम्स ने किया खंडन
नवभारत टाइम्स ने अपने सोशल मीडिया पर बाबा रामदेव के इस बयान वाले पोस्टकार्ड का खंडन करते हुए इसे फेक बताया है.
2. बाबा रामदेव के नाम पर वायरल दूसरा पोस्टकार्ड भी फेक है
पड़ताल के दौरान हमें रामदेव के इस बयान से भी जुड़ी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी के लिए कहा हो कि अब उन्हें विदाई ले लेनी चाहिए.
हमने नवभारत टाइम्स के सोशल मीडिया हैंडल्स पर इस पोस्टकार्ड की तलाश की. हमने पाया कि नवभारत टाइम्स ने आधिकारिक तौर पर ऐसा कोई पोस्टकार्ड जारी नहीं किया है.
पोस्टकार्ड में स्पष्ट तौर पर कई भाषाई त्रुटियां देखी जा सकती हैं और इसका फॉन्ट भी NBT के मूल फॉन्ट से अलग है.
हमें NBT के ऐसे कई पोस्टकार्ड मिले जिनमें रामदेव की वही तस्वीर मौजूद है, लेकिन उनमें दिया गया बयान बिल्कुल अलग है. स्पष्ट है कि नवभारत टाइम्स और बाबा रामदेव के हवाले से मनगढ़ंत बयान वायरल किया जा रहा है.
एआई क्रिएटर ने शेयर किया वीडियो
Mdnooren Inktehab नाम के एक फेसबुक यूजर की प्रोफाइल पर हमें बाबा रामदेव के वायरल वीडियो के अलावा उनके दूसरे कथित बयान का भी एक वीडियो मिला, जिसमें वह पोस्टकार्ड में दिए गए बयान को दोहराते नजर आ रहे हैं.
वीडियो पर AI कंटेंट का टैग देखा जा सकता है. यूजर की सोशल मीडिया प्रोफाइल पर मौजूद जानकारी के मुताबिक वह एक AI वीडियो क्रिएटर हैं.
जांच के दौरान कई AI टूल्स ने इस दूसरे वीडियो के भी AI जनरेटेड होने की पुष्टि की.


