एपस्टीन के साथ राहुल, सोनिया और पीएम मोदी की वायरल तस्वीरें एआई जनित हैं
Hive Moderation समेत कई एआई डिटेक्शन टूल्स ने पुष्टि की कि तस्वीरें वास्तविक नहीं हैं, इन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है.

अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों का नया बैच जारी किए जाने के बाद से सोशल मीडिया पर कुछ एआई जनित तस्वीरें साझा की जा रही है, जिनमें दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ पोज दे रहे हैं.
वायरल हो रही तीनों तस्वीरों में पीएम मोदी, राहुल गांधी और सोनिया गांधी जेफरी एपस्टीन के साथ खड़े नजर आ रहे हैं.
बूम ने पाया कि तीनों तस्वीरें वास्तविक नहीं हैं. इन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है.
अमेरिकी न्याय विभाग ने 30 जनवरी 2026 को जेफरी एपस्टीन से संबंधित 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज जारी किए थे. इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद उसके संपर्कों और ईमेल संचार की वैश्विक स्तर पर जांच शुरू हो गई.
भारत में 13 फरवरी 2026 को विपक्षी दलों के नेताओं ने संसद के बाहर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. यह विरोध विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस बयान के बाद हुआ जिसमें उन्होंने पुरी के कथित तौर पर जेफरी एपस्टीन से संबंधों को लेकर सवाल उठाए थे.
सोशल मीडिया पर क्या वायरल?
सोशल मीडिया पर जेफरी एपस्टीन के साथ पीएम मोदी, राहुल गांधी और सोनिया गांधी की इन तस्वीरों को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीरें हाल ही में जारी की गई फाइलों में सामने आई हैं.
एक्स पर एक यूजर ने सोनिया गांधी की तस्वीर को शेयर करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और लिखा. "नेशन वांट्स टू नो कि ये मीटिंग कौन से लैंड पर हुई थी और किस फाइल में इसकी इंट्री है."
एक अन्य यूजर ने पीएम मोदी की तस्वीर को शेयर करते हुए दावा कि उनका भी नाम एपस्टीन फाइल्स में आया है. इस तस्वीर में पीएम मोदी और एपस्टीन के बीच में एक महिला पोज देती नजर आ रही है.
एक्स पर एपस्टीन के साथ राहुल गांधी की भी ऐसी ही एक तस्वीर वास्तविक बताकर शेयर की गई, जिसमें पीएम मोदी की तरह समान बैकग्राउंड में एपस्टीन और राहुल गांधी के बीच में वही महिला मौजूद है.
पड़ताल में क्या मिला:
एआई डिटेक्शन टूल्स ने क्या बताया
हमने Hive Moderation और AI-vs-Human जैसे एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से वायरल तस्वीरों का विश्लेषण किया. दोनों टूल्स ने पुष्टि की कि तस्वीरें AI द्वारा बनाई गई हैं.
Hive Moderation ने सोनिया गांधी की तस्वीर को 100 प्रतिशत एआई जनित करार दिया. वहीं इसने एपस्टीन के साथ मोदी वाली तस्वीर में एआई या डीपफेक कंटेंट मौजूद होने की संभावना 93.6 प्रतिशत बताई.
AI-vs-Human ने राहुल गांधी की तस्वीर के भी एआई जनित होने की संभावना 100 प्रतिशत जताई.
डीपफेक एनालिसिस यूनिट में हमारे सहयोगियों ने भी इनमें से एक तस्वीर की जांच की और पुष्टि करते हुए बताया कि तस्वीर संभवतः एआई द्वारा बनाई गई है.
तस्वीरों में मौजूद है विसंगतियां
वायरल तस्वीरों में रोशनी का असंतुलन, कपड़ों की विचित्र बनावट और चेहरों के आसपास अननेचुरल ब्लेंडिंग दिखाई देती है. इनमें हाथों की अवास्तविक स्थिति और बैकग्राउंड में एक असंगत धुंधलापन भी है, जो दर्शाता है कि ये वास्तविक तस्वीरें नहीं हैं बल्कि इन्हें डिजिटली क्रिएट किया गया है.
इसके अलावा हमें अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों में या किसी विश्वसनीय रिपोर्ट में भी एपस्टीन की मोदी, राहुल गांधी या सोनिया गांधी के साथ ऐसी कोई तस्वीर नहीं मिली जो वायरल एआई तस्वीरों से मेल खाती हो.


