चेन्नई में छात्रों के झगड़े के वीडियो को सांप्रदायिक रंग देकर शेयर किया गया

बूम ने पाया कि वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा ग़लत है. यह वीडियो चेन्नई के पेरंबूर रेलवे स्टेशन में छात्रों के दो गुटों के बीच पथराव की घटना दिखाता है.

देश के अलग-अलग हिस्सों में राम नवमी और हनुमान जयंती के दौरान भड़की हिंसा के बाद से पत्थरबाजी के असंबंधित वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं.

इसी कड़ी में, कुछ लोगों द्वारा ट्रेन पर पथराव करने का एक वीडियो वायरल है. इस वीडियो को शेयर करते हुए अप्रत्यक्ष तौर पर मुसलमानों पर निशाना साधा जा रहा है कि ट्रेन के हॉर्न से नमाज़ में दिक्कत हो रही थी इसलिए मुस्लिमों द्वारा ट्रेन पर पत्थर फेंका जा रहा है.

बूम ने पाया कि वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा ग़लत है. असल में यह वीडियो चेन्नई के पेरंबूर रेलवे स्टेशन में छात्रों के दो गुटों के बीच पथराव की घटना दिखाता है.

दलित व्यक्ति की पिटाई के दावे से वायरल वीडियो का सच क्या है? फ़ैक्ट चेक

वीडियो में ट्रेन पहले तो खड़ी नजर आती है. कुछ देर बाद ट्रेन चलने लगती है. लेकिन लोग उस पर तब तक पथराव करते हैं जब तक कि ट्रेन तेज़ गति से नहीं चलने लगती.

ट्विटर पर एक यूज़र ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "ट्रेन के होरन से इनको दिक्कत हो रही थी नमाज पढ़ने में इसलिए पत्थर फेंक रहे है."


ट्वीट यहां और आर्काइव वर्ज़न यहां देखें.

इसी दावे के साथ वायरल अन्य पोस्ट यहां देखें.

फ़ेसबुक पर वीडियो पोस्ट करते हुए एक यूज़र ने कैप्शन दिया, "लगता है ट्रेन भी इनके मोहल्लों से जय श्री राम के नारे लगा कर जा रही थी..."


पोस्ट यहां देखें.

नीता अंबानी के फ़र्ज़ी ट्विटर हैंडल से किया गया आपत्तिजनक ट्वीट वायरल

फ़ैक्ट चेक

बूम ने पाया कि वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा ग़लत है. असल में यह वीडियो चेन्नई के पेरंबूर रेलवे स्टेशन में छात्रों के दो गुटों के बीच पथराव की घटना दिखाता है.

हमने जब वीडियो के स्क्रीनग्रैब को निकालकर रिवर्स इमेज सर्च पर खोजा तो इसी वीडियो के साथ प्रकाशित कई मीडिया रिपोर्ट्स पाया.

ईटीवी भारत की 13 अप्रैल 2022 की रिपोर्ट में इस वीडियो को देखा जा सकता है.


रिपोर्ट में बताया गया है कि चेन्नई के एक रेलवे स्टेशन पर कॉलेज के छात्रों के दो गुटों के बीच एक विवाद छिड़ गया, जिसके कारण उन्होंने एक ट्रेन पर पथराव कर दिया, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई. पचैयप्पा कॉलेज (Pachaiyappa College) और स्टेट कॉलेज के छात्र पेरंबूर रेलवे स्टेशन के पास आपस में भिड़ गए. पचैयप्पा कॉलेज के छात्र अरक्कोनम (Arakkonam) की ओर जा रही ट्रेन में थे जबकि स्टेट कॉलेज के छात्र तिरुपति एक्सप्रेस में थे.

12 अप्रैल को प्रकाशित Daily Thanthi की रिपोर्ट के अनुसार, यात्रियों ने सेफ्टी चेन पकड़ कर तिरुपति एक्सप्रेस ट्रेन को रोक दिया. इसी दौरान स्टेट कॉलेज के छात्र एक्सप्रेस ट्रेन से नीचे उतर गए और अरक्कोनम इलेक्ट्रिक ट्रेन पर पथराव कर पचैयप्पा कॉलेज के छात्रों पर हमला कर दिया.

उस समय इलाके में गश्त कर रहे सेम्बिलन पुलिस इंस्पेक्टर अयप्पन और पुलिस ने तुरंत स्टेट कॉलेज के 15 छात्रों को गिरफ़्तार किया और उन्हें पेरंबूर रेलवे पुलिस को सौंप दिया.

ज़ी न्यूज़ तमिल पर भी इस घटना से जुड़ी रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट में बताया गया है कि 20 से ज़्यादा स्टेट कॉलेज और पचैयप्पा कॉलेज के छात्रों के बीच झड़प हुई थी. इस मामले में 15 छात्रों को गिरफ़्तार किया गया. इसके बाद कॉलेज प्रशासन और उनके अभिभावकों को सूचित किया गया.


चेन्नई की इसी घटना पर न्यूज़ 18 तमिल की रिपोर्ट यहां देखें. इन मीडिया रिपोर्ट्स में कहीं भी नमाज़ में बाधा की वजह से पथराव का ज़िक्र नहीं है.

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Claim :   ट्रेन के हॉर्न से इनको दिक्कत हो रही थी नमाज पढ़ने में इसलिए पत्थर फेंक रहे है
Claimed By :  Social Media Users
Fact Check :  False
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