मध्य प्रदेश: बच्चा चुराने के भ्रामक दावे से वायरल हुआ सात साल पुराना वीडियो
भोपाल पुलिस के मुताबिक वीडियो साल 2019 का है और इसमें कही जा रही बातें बनावटी हैं, जो युवक से जबरन बुलवाई गई थीं.

सोशल मीडिया पर भोपाल में बच्चा चोर युवक के पकड़े जाने के दावे से एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में कुछ लोग खंभे से बंधे युवक से पूछताछ करते नजर आ रहे हैं. सवाल-जवाब के दौरान युवक स्वीकार करते हुए कह रहा है कि वे लोग बच्चा चुराते हैं और उनके अंग निकालकर भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बेचते हैं.
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो भ्रामक है और करीब सात साल पुराना है. भोपाल पुलिस ने इस वीडियो का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि बच्चा चोर से जुड़ा यह वीडियो अगस्त 2019 का उत्तर प्रदेश के जालौन जिले का है. पुलिस के मुताबिक युवक द्वारा बोली गई बातें काल्पनिक हैं जो उसे जबरन डराकर बुलवाई गई थीं. ये युवक कभी भोपाल नहीं गया था.
सोशल मीडिया पर क्या वायरल?
वायरल हो रहे इस वीडियो में युवक सवालों का जवाब देने के क्रम में बताता है कि किस तरह वह और उसका समूह बच्चा चोरी करते हैं और उनके किडनी-गुर्दे जैसे अंग निकालकर भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बेचते हैं.
वीडियो के लंबे संस्करण में युवक खुद को भोपाल के अयोध्यानगर का निवासी बताता है. वीडियो में हो रही बातचीत मुताबिक यह वीडियो एट का है. आगे पूछताछ में वह अपने कथित गैंग की गतिविधियों के बारे में जानकारी देता दिखाई देता है और यह भी कहता है कि वह वहां बच्चा चोरी के इरादे से आया था.
इस वीडियो को शेयर करते हुए यूजर्स इसके जरिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साध रहे हैं और लिख रहे हैं कि 'ये लड़का बच्चों को चुरा के उनके कलेजे, किडनी ,गुर्दे सब हमीदिया हॉस्पिटल, भोपाल में बेचता है. मतलब मोहन यादव के नाक के नीचे ये सब हो रहा है और कोई ना रोक रहा. सभी लोग अपने बच्चों की सुरक्षा खुद करे क्योंकि भेड़िये आ गए हैं सरकार में.' (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
भोपाल पुलिस ने किया खंडन
संबंधित कीवर्ड सर्च की मदद से हमें भोपाल पुलिस के फेसबुक पेज पर इस मामले से जुड़ी एक पोस्ट मिली. पोस्ट में पुलिस ने वायरल वीडियो का खंडन करते हुए घटना के बारे में विस्तृत जानकारी दी थी.
पुलिस के मुताबिक एक इंस्टाग्राम यूजर द्वारा इस वीडियो के शेयर किए जाने के बाद भोपाल पुलिस ने इसकी तस्दीक की और पाया कि यह वीडियो साल 2019 का है. भ्रामक जानकारी साझा करने के आरोप में इस यूजर के खिलाफ थाना अयोध्या नगर, भोपाल में मामला दर्ज किया गया और प्रकरण को विवेचना में लिया गया.
पुलिस ने मूल घटना के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि वीडियो उत्तर प्रदेश के जालौन का है. जालौन के एट टोल नाके के पास एक लड़का सोनू श्रीवास अपनी बहन के घर से वापस जाने के लिए एक ढाबे के सामने खड़ा होकर साधन का इंतजार कर रहा था. इस दौरान ढाबे के कुछ कर्मचारियों और चार लोकल लड़कों ने शराब के नशे में उसे बच्चा चोर बोलकर पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की.
युवक से जबरन बुलवाया गया कि वह बच्चा चोर है!
मारपीट के बाद लड़के का हाथ एक खंभे में बांध दिया और डराया कि बचकर घर जाना है तो बच्चा चोर होना स्वीकारना होगा. उससे एक गढ़ी हुई कहानी बोलने के लिए बोला गया. डर के मारे लड़के ने खुद को बच्चा चोर और भोपाल के अयोध्या नगर का निवासी बताया तथा बच्चों का अपहरण कर उनके बॉडी पार्ट्स- किडनी, कलेजा आदि भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बेचने वाली झूठी कहानी भी बोली.
जबकि वह लड़का कभी भोपाल नहीं गया है. वह टाडा गांव का रहने वाला है. तब पुलिस ने घटना के संज्ञान में आते ही तस्दीक की थी जिसमें पता चला कि यह बच्चा चोर वाली घटना फर्जी है. उस समय मारपीट करने एवं वीडियो बनाने वाले एट निवासी चार आरोपियों- अंकित वाल्मिक, नीलू सिंह ठाकुर, अरविंद पाल एवं आशीष के खिलाफ बंधक बनाकर मारपीट करने, वीडियो वायरल करने, धमकी देने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई थी.
घटना साल 2019 की है
हमें साल 2019 की इस मामले से संबंधित एफआईआर कॉपी भी मिली. इसके मुताबिक घटना 10 अगस्त 2019 को रात बारह बजे के करीब हुई थी. इसमें भी बताया गया कि युवक सोनू श्रीवास अपनी बहन घर से अपने घर लौट रहा था. साधन का इंताजर करने के दौरान एक युवक उससे पूछताछ करने लगा और उसे बच्चा चोर कहने लगा.
शिकायत के अनुसार उसे खंभे से बांधकर उसके साथ मारपीट की गई और कहा गया कि जैसा बोला जाए वैसा जवाब दे, युवक उनके मुताबिक जवाब देता गया. तहरीर में युवक ने कहा, 'मुझे फर्जी बच्चा चोर कहा गया और आरोपी अंकित ने इसका वीडियो भी बनाया. मारपीट के डर से मैं खुद को बच्चा चोर कहता रहा.' एफआईआर में दर्ज जानकारी के अनुसार युवक झांसी के टाडा का रहने वाला था.
2019 में जालौन पुलिस ने की थी वीडियो बनाने वाले पर कार्रवाई
एक्स के एडवांस सर्च फीचर की मदद से हमें जालौन पुलिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर 14 अगस्त 2019 की इस मामले से जुड़ी पोस्ट मिली. पोस्ट में बताया गया था कि थाना एट पुलिस ने एक लड़के को खंभे से बांधकर उसके साथ मारपीट करने और उससे जबरन स्वयं को बच्चा चोर कहलवाते हुए वीडियो बनाने तथा उसे वायरल करने के मामले में अभियुक्त अंकित कुमार को गिरफ्तार किया.
उस समय जालौन पुलिस ने सोशल मीडिया पर जालौन में कथित बच्चा चोर गिरोह के सक्रीय होने की खबरों को अफवाह बताया था. और साथ ही इस तरह की भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी.
घटना पर मौजूद है न्यूज रिपोर्ट
टाइम्स ऑफ इंडिया ने उस समय वीडियो के वायरल होने और पुलिस की तस्दीक के बाद इस पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी. 28 अगस्त 2019 की इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट मौजूद है. यह पुष्टि करता है कि वीडियो करीब सात साल पुराना है.
रिपोर्ट में बताया गया कि वीडियो पिछले 15 दिनों से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहा था. एएसपी ने वीडियो में बताए गए संबंधित पुलिस स्टेशनों से पूछताछ की थी और पाया था कि उनके क्षेत्रों में वीडियो में उल्लेखित ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया था. टाइम्स ऑफ इंडिया ने हाल में वीडियो के दोबारा वायरल होने और भोपाल पुलिस द्वारा किए गए खंडन के बाद इस संबंध में एक अन्य रिपोर्ट प्रकाशित की है.
गौरतलब है कि हाल के दिनों में मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों के विभिन्न हिस्सों में इस तरह की अफवाहें और वीडियो प्रचारित-प्रसारित की गई हैं. इन भ्रामक दावों के आधार पर लोगों को गलत तरीके से बच्चा चोर बताकर उनके साथ मारपीट किए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं.


