मिर्ज़ापुर में आपसी झगड़े का वीडियो सांप्रदायिक रंग देकर शेयर किया गया

बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा फ़र्ज़ी है. असल में इस घटना में शामिल आरोपी और पीड़ित पक्ष दोनों एक ही समुदाय से हैं.

"मिर्जापुर के कटरा थाना क्षेत्र में अब्दुल ने कचरा फेंकने को मना करने पर हिंदू परिवार की महिलाओं के ऊपर जानलेवा हमला कर दिया वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस निर्दयता से अब्दुल महिलाओं की जान लेने पर आमादा है. अब क्यों न अब्दुल को आतंकी कहा जाए इसी को तो आतंक कहते है."

यह दावा किया जा रहा है सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के साथ. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि टोपी पहने हुए एक युवक सरिया से महिलाओं पर हमला करता है. उसे वीडियो बना रहे युवक पर भी हमला करते हुए देखा जा सकता है. इस वीडियो को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.

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बूम ने पाया कि वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा फ़र्ज़ी है. असल में यह घटना मिर्ज़ापुर के कटरा थानाक्षेत्र की है और जनवरी में घटित हुई थी. आरोपी और पीड़ित पक्ष दोनों एक ही समुदाय से हैं.

ट्विटर पर ज़ी हिंदुस्तान के पत्रकार तुषार श्रीवास्तव ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा 'मिर्जापुर के कटरा थाना क्षेत्र में अब्दुल ने कचरा फेंकने को मना करने पर हिंदू परिवार की महिलाओं के ऊपर जानलेवा हमला कर दिया वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस निर्दयता से अब्दुल महिलाओं की जान लेने पर आमादा है अब क्यों न अब्दुल को आतंकी कहा जाए इसी को तो आतंक कहते है'.


ट्वीट यहां और आर्काइव वर्ज़न यहां देखें.

एक अन्य ट्विटर यूज़र ने इसी वीडियो को शेयर करके कैप्शन दिया, "पिछले महीने मिर्जापुर में अब्दुल को उसके पड़ोसी (हिंदू परिवार) नए घर के सामने कचरा फेंकने से मना किया उसके बाद जो अब्दुल ने किया आप लोग इस वीडियो में देखो मुझे नहीं पता इस पर कोई कार्यवाही हुई या नहीं."


ट्वीट यहां देखें और आर्काइव वर्ज़न यहां देखें.

फ़ेसबुक पर भी इसी दावे के साथ वीडियो बड़े पैमाने पर शेयर किया गया है.


पोस्ट यहां देखें.अन्य पोस्ट यहां देखें.


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फ़ैक्ट चेक

बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा फ़र्ज़ी है. असल में यह घटना मिर्ज़ापुर के कटरा थानाक्षेत्र की है और जनवरी में घटित हुई थी. आरोपी और पीड़ित पक्ष दोनों एक ही समुदाय से हैं.

हमने वायरल वीडियो के स्क्रीनग्रैब निकालकर संबंधित कीवर्ड के साथ सर्च किया तो वीडियो 'मिर्ज़ापुर ऑफिशियल' के फ़ेसबुक पेज पर 17 जनवरी 2022 को अपलोड हुआ मिला.

वीडियो के साथ कैप्शन में बताया गया है, "#Mirzapur: दबंग ने कूड़ा फेकने के मामूली विवाद में लोहे की सरिया से महिलाओं को बेरहमी से पीटा. वीडियो बना रहे युवक पर भी सरिया से किया हमला. आरोपी के खिलाफ दर्ज, कटरा कोतवाली के इमामबाड़ा मोहल्ले के कुंजलगीर बाग की घटना."

वीडियो के साथ दिए गए डिस्क्रिप्शन में कहीं भी हिन्दू-मुस्लिम जैसा एंगल नहीं है.

हमें यही वीडियो मिर्ज़ापुर ऑफिशियल के ट्विटर हैंडल और यूट्यूब चैनल पर भी 17 जनवरी 2022 को अपलोड हुआ मिला.

इसके बाद हमने मिर्ज़ापुर ऑफिशियल के फाउंडर विशाल योमन से संपर्क किया. उन्होंने बताया, "यह घटना 16 जनवरी 2022 को कटरा कोतवाली के इमामबाड़ा मोहल्ले के कुंजलगीर बाग में हुई थी. और हमने वीडियो 17 जनवरी को अपलोड किया था."

"यह पूरा मामला कूड़ा फेंकने को लेकर हुआ था. दोनों पक्ष एक ही समुदाय के हैं. इसमें से एक आरोपी का नाम शायद सलमान है," उन्होंने बताया.

विशाल ने बूम के साथ मिर्ज़ापुर एसपी सिटी संजय वर्मा की वीडियो बाईट भी शेयर की, जिसमें एसपी सिटी ने वीडियो के साथ किये गए सांप्रदायिक को ख़ारिज कर दिया.

एसपी सिटी संजय वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में दोनों पक्ष मुस्लिम समुदाय से हैं और एक ही परिवार के हैं.

हमने मिर्ज़ापुर के कोतवाली कटरा थाने से संपर्क किया. पुलिस ने बूम को बताया कि यह घटना जनवरी की है. मामला कूड़ा फेंकने के संबंध में हुआ था. आरोपी और पीड़ित पक्ष दोनों मुस्लिम समुदाय से हैं. इस मामले में नसरीन नाम की महिला ने बाबा और सलमान के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करवाया था.

इस घटना पर हमें 17 जनवरी 2022 को जागरण पर प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट में बताया गया है कि इमामबाड़ा मोहल्ला निवासी सलमान का मोहल्ले की तीन महिलाओं से कूड़ा फेंकने को लेकर विवाद हो गया था. मामला बढ़ने पर इरफान समेत अन्य लोगों ने तीनों महिलाओं की पिटाई कर दी.

राड और हथौड़ी चलता देख लोग इधर उधर भागने लगे. इस दौरान बीच बचाव करने पहुंचे लोगों को भी आरोपितों ने पीटने के लिए दौड़ाया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराकर घायल महिलाओं को अस्पताल मेडिकल के लिए भेजा.

रिपोर्ट में कहीं भी हिन्दू-मुस्लिम कोण का ज़िक्र नहीं है.

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मिर्ज़ापुर पुलिस ने भी वायरल वीडियो के संबंध में Additional SP city की बाइट शेयर करते हुए ट्वीट किया.


Updated On: 2022-04-07T17:34:46+05:30
Claim :   मिर्जापुर में अब्दुल को उसके पड़ोसी (हिंदू परिवार) नए घर के सामने कचरा फेंकने से मना किया उसके बाद जो अब्दुल ने किया आप लोग इस वीडियो में देखो
Claimed By :  Social Media Users
Fact Check :  False
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