गाजियाबाद के सूर्या हत्याकांड के आरोपियों से जोड़कर मध्य प्रदेश का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो मध्य प्रदेश के मंदसौर का है, जहां एक युवक की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी घटनास्थल पर ले जाने के दौरान लंगड़ाते हुए नजर आए थे.

सोशल मीडिया पर गाजियाबाद के सूर्या चौहान हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी से जोड़कर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है. वीडियो में पुलिस दो लोगों को जंजीर से बांधकर ले जाती दिखाई दे रही है.
बूम ने पाया कि वीडियो सूर्या चौहान हत्याकांड के आरोपियों से जुड़ा नहीं है. यह वीडियो मध्य प्रदेश के मंदसौर का है, जिसमें अप्रैल 2026 में चाकूबाजी और हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी नजर आ रहे हैं.
गौरतलब है कि गाजियाबाद में सूर्या चौहान की हत्या के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी असद को एनकाउंटर में मार गिराया, जबकि मामले में शामिल तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
एक्स और फेसबुक जैसे माध्यमों पर मध्य प्रदेश के इस वीडियो गाजियाबाद की घटना से जोड़कर शेयर करते हुए यूजर्स लिख रहे हैं कि सूर्या चौहान की हत्या के आरोपी असद खान का एनकाउंटर हो चुका है, जबकि दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जंजीरों में जकड़ा गया है. कई यूजर्स इन आरोपियों के भी एनकाउंटर की मांग करते हुए वीडियो को साझा कर रहे हैं. आर्काइव लिंक यहां और यहां देखें.
पड़ताल में क्या मिला:
वीडियो एमपी के मंदसौर का है
रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमें खबरवाला के फेसबुक पेज पर 8 अप्रैल 2026 को पोस्ट की गई वायरल वीडियो से जुड़ी कई तस्वीरें मिलीं. तस्वीरों में जंजीरों से बंधे आरोपियों को लंगड़ाते हुए चलते देखा जा सकता है.
इसके साथ दी गई जानकारी में बताया गया कि यह घटना मध्य प्रदेश के मंदसौर की है, जहां गांधी चौराहे पर हुई चाकूबाजी की वारदात में गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस कुछ इस तरह घटनास्थल पर ले जाती हुई दिखाई दे रही है.
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक घटना 5 अप्रैल 2026 की देर रात की है, जहां 19 वर्षीय युवक अरुण पर रोहित चौहान और युवराज माली ने चाकू से हमला कर दिया था. गंभीर रूप से घायल अरुण को पहले जिला अस्पताल फिर रतलाम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 अप्रैल को दोनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया. गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर घटनास्थल पर पहुंची, तो वे लंगड़ाते हुए नजर आए. इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो से मिलती-जुलती तस्वीरें देखी जा सकती हैं.
क्या था पूरा मामला
दैनिक भास्कर और अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी पक्ष और अरुण के बीच कई महीनों से विवाद चल रहा था. करीब एक महीने पहले एक आरोपी युवराज ने अरुण के साथ गाली-गलौच भी की थी. इसी क्रम में 5 अप्रैल को जब दोनों पक्ष आमने-सामने आए तो गाली-गलौज से शुरू हुआ झगड़ा खून-खराबे में बदल गया.
अरुण की मौत के बाद उसके परिजन और बरगुण्डा समाज के लोग सड़क पर उतर आए. उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके अवैध निर्माणों को ध्वस्त किए जाने की मांग की थी.
कई स्थानीय न्यूज चैनलों पर भी घटना से संबंधित वीडियो रिपोर्ट देखी जा सकती है, जिनमें घटना का सीसीटीवी फुटेज और पुलिस का बयान भी मौजूद है.



