LPU रेप-सुसाइड मामले में अमित शाह के रिश्तेदार की संलिप्तता बताते SP का AI वीडियो वायरल
वीडियो में एआई की मदद से छेड़छाड़ की गई है. मूल वीडियो में फगवाड़ा एसपी LPU मामले पर बात करते हुए अमित शाह के किसी संबंधी की संलिप्तता की बात नहीं कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर पंजाब पुलिस के एक अधिकारी का एआई एडिटेड वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की घटना में केंद्रीय मंत्री अमित शाह के संबंधी की संलिप्तता बताते नजर आ रहे हैं.
इसके साथ दावा किया जा रहा है कि पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि LPU स्थित गर्ल्स हॉस्टल-3 के कमरा नंबर 116 में हुई घटना में अमित शाह के भतीजे शामिल थे.
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में AI की मदद से छेड़छाड़ की गई है. मूल वीडियो में फगवाड़ा एसपी मेजर सिंह LPU में हुए प्रदर्शन और कथित रेप-आत्महत्या के मामले पर बात करते हुए कहते हैं कि उनके पास इस संबंध में कोई पुख्ता जानकारी या शिकायत नहीं आई है. अगर कोई पुख्ता जानकारी या शिकायत मिलती है तो पुलिस मामले की जांच करेगी.
बता दें कि पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में एक छात्रा के कथित रेप और आत्महत्या को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद यूनिवर्सिटी दस दिनों के लिए बंद कर दी गई है. छात्र अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो गए हैं. पंजाब पुलिस ने मामले में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
एक्स पर वायरल इस वीडियो में पुलिस अधिकारी कहते नजर आते हैं, "सूचना मिल रही है कि ये कांड करने वाला बीजेपी का कार्यकर्ता और गृह मंत्री का संबंधी था. यर घटना जीएच-3 के रूम नंबर 116 में हुई. पंजाब पुलिस पूरी तरह सक्रिय है. एफआईआर रजिस्टर हो गई है. वह लड़का अभी दिल्ली में है. हमारी टीम वहां चली गई है."
पड़ताल में क्या मिला:
1. मूल वीडियो में ऐसा कोई बयान नहीं है
हमने पाया कि वीडियो में दिख रहे अधिकारी फगवाड़ा एसपी मेजर सिंह हैं. क्राइम तक के यूट्यूब चैनल पर मौजूद मूल वीडियो में एसपी मेजर सिंह अमित शाह के संबंधी की संलिप्तता वाली बात नहीं बोल रहे हैं.
इस वीडियो में वह LPU में हुए प्रदर्शन और कथित रेप व आत्महत्या की अफवाहों पर बात करते हुए कहते हैं कि उनके पास इस संबंध में कोई पुख्ता जानकारी या शिकायत नहीं आई है. वह आगे कहते हैं कि छात्र अगर कोई शिकायत या ठोस जानकारी देते हैं तो पुलिस मेडिकल और जांच की प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करेगी.
2. कपूरथला पुलिस ने किया वीडियो का खंडन
कपूरथला पुलिस और पीआईबी फैक्ट चेक ने इस वीडियो का खंडन करते हुए बताया कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से हेरफेर कर बनाया गया है. पुलिस के मुताबिक वीडियो में दिखाई गई घटना (बातचीत) वास्तविक नहीं है.
3. एआई डिटेक्शन टूल ने की पुष्टि
पुष्टि के लिए हमने वीडियो की आवाज को Hiya जैसे AI वॉयस डिटेक्शन टूल पर चेक किया. Hiya ने वीडियो की आवाज के ज्यादातर हिस्से को 26 /100 का ऑथेंटिसिटी स्कोर दिया, जो इसके AI जनित होने की संभावना को दर्शाता है


