पंजाब: रेप और सुसाइड की अफवाहों के बीच हंगामे के बाद अब कैसे हैं LPU के हालात, जानिए
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में वीकेंड पर छात्रों के प्रदर्शन के बाद स्थिति काफी उथल-पुथल रही. प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं. हालांकि अब हालात सामान्य बताए जा रहे हैं. जानिए इस मामले में अब तक क्या-क्या हुआ.

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 26 सितंबर की देर रात एक छात्रा की कथित रेप और आत्महत्या को लेकर हुए प्रदर्शन के बीच दस दिन के लिए यूनिवर्सिटी बंद कर दी गई है और छात्र अपने-अपने घरों की ओर लौट गए हैं. इसी बीच पंजाब पुलिस ने इस मामले में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.
इस प्रदर्शन के दौरान कैंपस में तोड़फोड़, आगजनी, पुलिस वाहनों पर पथराव और जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे जाम करने की भी घटनाएं हुईं. हालांकि छात्रा की पहचान, उसके साथ रेप और आत्महत्या से जुड़े दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. फिलहाल के इस मामले पर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए यूनिवर्सिटी के आसपास की इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं. जानें इस मामले में अबतक क्या-क्या हुआ-
Reddit post से शुरू हुई रेप के बाद सुसाइड की अफवाह
लल्लनटॉप और क्राइम तक से बातचीत में छात्रों ने बताया कि यह मामला एक रेडिट पोस्ट की वजह से शुरू हुआ, जिसमें कहा गया था कि यह अफवाह नहीं है बल्कि एक मेल वर्कर ने गर्ल्स हॉस्टल-3 की एक लड़की के साथ रेप किया है. पोस्ट में आगे कहा गया कि शिकायत करने पर वार्डन ने उस लड़की को घर भेज दिया और इसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई. छात्रों द्वारा बयान में इसके साथ यह भी दावा किया गया कि पीड़िता ने बाद में आत्महत्या कर ली.
हालांकि प्रदर्शन शुरू होने के बाद यह पोस्ट डिलीट कर दिया गया. छात्रों ने यह दावा किया उनके पास उस लड़की और प्लम्बर (आरोपी) की तस्वीरें हैं.
छात्रों का दावा, बाहरी तत्वों ने की तोड़फोड़
छात्रों के मुताबिक वे शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे. स्थानीय और बाहरी असामाजिक तत्वों ने आकर तोड़फोड़ की शुरुआत की जिसकी वजह से प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. इस दौरान पुलिस की गाड़ियां भी जला दी गईं. छात्रों ने बताया कि पिछले 6 महीने में कैंपस में करीब आठ बच्चों ने सुसाइड किया है, जिसे प्रशासन द्वारा दबा दिया जाता है.
इसके बाद से सोशल मीडिया पर इस लेकर कई तरह के दावे और वीडियो वायरल हो रहे हैं. कई वीडियो में अन्य छात्राओं ने भी दावा किया बाहरी और असामजिक तत्वों द्वारा हॉस्टल में घुसने की कोशिश की गई और आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया.
एलपीयू में 26-27 सितंबर की रात क्या हुआ?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 26-27 सितंबर की रात करीब एक बजे गर्ल्स हॉस्टल-3 के पास छात्रों की भीड़ जुटने लगी. छात्रों के बीच यह बात फैल गई कि हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ कथित तौर पर एक प्लंबर द्वारा रेप किया गया और छात्रा द्वारा प्रशासन के पास जाने के बाद बिना कार्रवाई किए उसे घर भेज दिया गया.
बता दें कि इससे पहले पटियाला के पास चितकारा यूनिवर्सिटी में भी इसी तरह की एक घटना सामने आई थी, जहां एक लड़की की मौत और गायब होने से जुड़ी अफवाहों के बाद छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई और पुलिस की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए.
सामने आए तीन छात्राओं के वीडियो
इस बीच तीन छात्राओं का एक वीडियो भी सामने आया जिसमें उन्होंने दावा किया कि वह पीड़िता बताई जा रही छात्रा के कमरा नंबर 504 में रहती हैं. उन्होंने दावा किया कि उस कमरे में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है.
हालांकि उन छात्राओं ने बाद में इस वीडियो का खंडन करते हुए कहा कि यह वीडियो उनकी मर्जी के खिलाफ इस्तेमाल गया है. इसके अलावा गर्ल्स हॉस्टल-3 के कुछ ऐसे वीडियो भी आए जिनमें घटना पर छात्राओं को वार्डन के साथ सवाल-जवाब करते देखा गया.
पुलिस ने क्या बताया
कपूरथला पुलिस ने बताया कि पुलिस को रात करीब 2 बजे सूचना मिली कि एलपीयू परिसर में एक छात्रा की रेप की अफवाह के बाद छात्र जमा हो गए हैं और उन्होंने सड़क जाम कर दी है. जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों के मसले सुने और फिर छात्रों को वापस भेज दिया.
पंजाब डीजीपी गौरव यादव ने घटना पर ANI से बात करते हुए बताया कि कुछ छात्रों की शिकायत के आधार पर कपूरथला स्थित सतनामपुरा थाने में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और जांच के लिए SIT का गठन किया गया है.
जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला के मुताबिक, शिकायत में सिर्फ यह कहा गया है कि गर्ल्स हॉस्टल-3 में रहने वाली एक छात्रा के साथ रेप हुआ है, इसलिए अभी FIR अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज की गई है. छात्रा गर्ल्स हॉस्टल-3 की रहने वाली है, लेकिन उसका नाम अभी साफ नहीं है और यह जांच का हिस्सा है.
आजतक की रिपोर्ट में कपूरथला एसएसपी के हवाले से कहा गया कि कुछ दिन पहले एक छात्रा के आत्महत्या का मामला सामने आया था, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. यह स्पष्ट नहीं है कि छात्र इसी मामले का जिक्र कर रहे थे या नहीं.
एलपीयू ने किया खंडन
विश्विद्यालय प्रशासन की ओर से जारी बयान में वायरल खबरों का खंडन करते हुए रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी की ओर से कहा गया कि असामजिक तत्वों द्वारा विश्विद्यालय की छवि धूमिल करने के लिए झूठी और निराधार खबर फैलाई जा रही है. इन अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है.
यूनिवर्सिटी के एक्जीक्यूटिव डीन स्टूडेंट वेलफेयर विंग सौरभ लखनपाल ने भी इन खबरों को झूठा और मनगढ़ंत करार दिया है.
कैंपस में शांति व्यवस्था बहाल: पंजाब पुलिस
फिलहाल हिंसक प्रदर्शन के बाद LPU ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और Mid-Term Examinations को भी अगले आदेश तक टाल दिया गया है. साथ ही छात्रों को घर जाने या हॉस्टल के भीतर ही रहने की सलाह दी गई है.
इस बीच यूनिवर्सिटी के आसपास इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं और छात्र अपने-अपने घरों की तरफ लौट गए हैं.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हॉस्टल की जांच की गई है और कैंपस में कानून-व्यवस्था बहाल कर दी गई है. स्थिति को संभालने के लिए मौके पर 2000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं. पुलिस के मुताबिक हिंसा के बाद कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया गया है.
कौन हैं एलपीयू के मालिक अशोक मित्तल?
गौरतलब है कि अफवाहों और सच के बीच जूझ रहे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के मालिक बिजनेसमैन अशोक मित्तल हैं. राज्स्यभा सांसद अशोक मित्तल अप्रैल 2026 में आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे.


