UGC के नए नियम के विरोध के दावे से वकीलों का पुराना वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि यह वीडियो अगस्त 2025 का है, जब दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के एक नोटिफिकेशन के विरोध में वकील प्रदर्शन कर रहे थे. इसका हालिया UGC के नए नियम और उसके विरोध से कोई संबंध नहीं है.

दिल्ली के कड़कड़डूमा में विरोध प्रदर्शन करते वकीलों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो में वकील 'तानाशाही नहीं चलेगी' वाली तख्तियां लिए हुए हैं और 'काला कानून वापस लो' जैसे नारे लगा रहे हैं. यूजर इस वीडियो को जातिगत भेदभाव के खिलाफ यूजीसी की नई गाइडलाइंस के विरोध में वकीलों का प्रदर्शन बताकर शेयर कर रहे हैं.
बूम ने जांच में पाया कि यह वीडियो अगस्त 2025 का है, जब वकील दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के एक नोटिफिकेशन का विरोध कर रहे थे, जिसके अनुसार पुलिसकर्मियों को कोर्ट में पेश होकर गवाही देने की आवश्यकता नहीं थी.
गौरतलब है कि यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव को कम करने के लिए 13 जनवरी 2026 को एक नोटिफिकेशन जारी किया था. इसमें शिक्षण संस्थानों में एक समान अवसर केंद्र (EOC) इसी के तहत एक 'इक्विटी कमेटी' और 24*7 इक्विटी हेल्पलाइन बनाए जाने सहित कई अन्य कदम उठाने की बात कही गई थी.
हालांकि आज 29 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने अपनी तीखी टिप्पणियों के साथ इन नियमों पर रोक लगा दी है और अगली सुनवाई के लिए 19 मार्च 2026 की तारीख तय की है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
एक्स पर एक यूजर (आर्काइव लिंक) ने यूजीसी रोलबैक के हैशटैग के साथ इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, ‘काला कानून वापस लो, दिल्ली का कड़कड़डूमा कोर्ट. अब ये जनआक्रोश थमने वाला नहीं है.’
फेसबुक पर एक यूजर ने इस वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा, ‘दिल्ली कोर्ट, वकीलों ने भी UGC के खिलाफ बगावत कर दी है.’ इंस्टाग्राम (आर्काइव लिंक) पर भी इसी दावे से यह वीडियो वायरल है.
पड़ताल में क्या मिला?
बूम ने दावे की पड़ताल के लिए वायरल वीडियो के कुछ कीफ्रेम को गूगल लेंस से सर्च किया. हमें अगस्त 2025 के कुछ सोशल मीडिया पोस्ट मिले, जिसमें यह वीडियो शामिल था. इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने 27 अगस्त 2025 को यह वीडियो शेयर किया.
इस वीडियो के कमेंट्स में एक यूजर ने लिखा, ‘दिल्ली के माननीय LG द्वारा एक ऐसा नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसके अनुसार अब पुलिसकर्मियों को कोर्ट में पेश होकर गवाही देने की आवश्यकता नहीं होगी. वे थाने में किसी ‘डिजिग्नेटिड प्लेस’ पर बैठकर अपनी गवाही दे सकेंगे.’
हमने इसी से संकेत लेकर संबंधित कीवर्ड से सर्च किया तो पाया कि यह वीडियो अगस्त 2025 में हुए एक विरोध प्रदर्शन का है. हमें इसकी कई मीडिया रिपोर्ट भी मिलीं.
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने 13 अगस्त 2025 को एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें दिल्ली के सभी 226 पुलिस थानों को 'डेजिग्नेटेड प्लेस' घोषित किया गया. इससे पुलिस अधिकारी थाने से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में गवाही दे सकते थे या साक्ष्य दर्ज करा सकते थे. इसका मुख्य उद्देश्य पुलिस का समय बचाना और अदालती प्रक्रिया में सुधार लाना बताया गया था.
इस अधिसूचना से वकीलों में भारी नाराजगी हुई क्योंकि उनका मानना था कि इससे न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता खत्म हो जाएगी. उनका कहना था कि कोर्ट को यह पता नहीं चल पाएगा कि गवाही देने वाले अधिकारी के आसपास कौन मौजूद है और बयान दबाव में तो नहीं दिया जा रहा. इससे निष्पक्ष सुनवाई पर असर पड़ सकता है.
न्यूज एजेंसी एएनआई की 26 अगस्त 2025 की रिपोर्ट में बताया गया कि दिल्ली में वकील इस अधिसूचना के खिलाफ 22 अगस्त से हड़ताल पर हैं. यह हड़ताल करीब 6-7 दिनों तक चली थी. यूट्यूब चैनल INDIA 24 KHABAR की 26 अगस्त 2025 की वीडियो रिपोर्ट में इन्हीं तख्तियों और नारों के साथ वकीलों के प्रदर्शन को देखा जा सकता है.
एएनआई की 8 सिंतबर 2025 की रिपोर्ट में बताया गया कि दिल्ली पुलिस ने सभी पुलिस अधिकारियों को अदालतों के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था.
हालांकि आपको बता दें कि यूजीसी के 13 जनवरी 2026 के नोटिफिकेशन के खिलाफ छात्रों, सवर्ण संगठनों के अलावा और कुछ जगहों पर वकीलों ने भी प्रदर्शन किए थे.


