दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट तबाह किए जाने के दावे से AI जनरेटेड वीडियो वायरल
US Iran Conflict: बूम ने पाया कि वायरल वीडियो असली नहीं है. DeepFake-O-Meter और HiveModeration जैसे AI डिटेक्शन टूल्स इसके एआई से बने होने की पुष्टि करते हैं.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के दौरान दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल हमले के दावे से एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में एयरपोर्ट जैसी एक संरचना को आग की लपटों में घिरा हुआ दिखाया गया है.
बूम ने फैक्ट चेक में पाया कि वायरल वीडियो असली नहीं है. इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है. DeepFake-O-Meter और HiveModeration जैसे AI डिटेक्शन टूल्स इसके एआई से बने होने की पुष्टि करते हैं.
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए सैन्य संघर्ष के बाद सोशल मीडिया पर इससे जोड़कर AI से बनाए गए कंटेंट बड़ी संख्या में शेयर किए जा रहे हैं. बूम इससे पहले दुबई के बुर्ज खलीफा पर हमले के दावे से वायरल हुए एक ऐसे वीडियो का फैक्ट चेक कर चुका है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
वायरल हो रही इस 10 सेकंड के क्लिप में दुबई एयरपोर्ट और एक प्लेन को जलते हुए देखा जा सकता है. इसके साथ ही अफरा-तफरी के माहौल में लोग इधर-उधर भागते नजर आते हैं.
इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने इस क्लिप को शेयर करते हुए दावा किया, 'ईरानी मिसाइल हमले में दुबई का हवाई अड्डा ध्वस्त हो गया.' (आर्काइव लिंक)
एक अन्य हैंडल ने इसके साथ लिखा, 'मध्य पूर्व में ईरान‑यूएस‑इजराइल संघर्ष के बीच दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा समेत कई प्रमुख एयरपोर्टों के संचालन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जिससे हजारों यात्रियों की उड़ानें रद्द या स्थगित हो गई हैं. ईरान की ओर से कई मिसाइलों और ड्रोन के हमलों के कारण संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था. दुबई एयरपोर्ट पर कुछ संरचनात्मक और सीमित नुकसान की भी पुष्टि हुई है, जिसमें चार कर्मचारियों के घायल होने की खबरें आई हैं...' (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
घटना से संबंधित न्यूज रिपोर्ट
यूरोन्यूज और टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 7 मार्च 2026 को ईरान द्वारा दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल के पास किए गए हमले के बाद एहतियातन हवाई अड्डे का परिचालन अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस दौरान तेज धमाके के बाद एयरपोर्ट के ऊपर काला धुआं उठता देखा गया. इससे पहले दुबई एयरपोर्ट पर 1 मार्च को हुए हमले में चार लोग घायल हो गए थे.
हमने पाया कि ज्यादातर न्यूज रिपोर्ट में एयरपोर्ट पर केवल मामूली नुकसान होने की बात कही गई है. साथ ही रिपोर्ट में मौजूद विजुअल्स वायरल वीडियो से अलग हैं.
वीडियो में मौजूद है वसंगातियां
वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर इसमें कई विसंगतियां नजर आती हैं. उदाहरण के तौर पर वीडियो में दिख रही आग की लपटें और धुआं अस्वाभाविक और बनावटी प्रतीत होते हैं. इसके अलावा पूरे वीडियो की लाइटिंग भी कृत्रिम लगती है. वहीं आसपास का माहौल भी कथित घटना की गंभीरता के अनुरूप नहीं दिखता. ऐसे विसंगतियां अमूमन एआई जनरेटेड कंटेंट में पाई जाती हैं.
एआई डिटेक्शन टूल्स ने की पुष्टि
इसकी सच्चाई जानने के लिए हमने इसे एआई डिटेक्टर टूल DeepFake-O-Meter और Hivemoderation पर चेक किया. DeepFake-O-Meter के Dual Label Deepfake Video Detection और Video Face Forgery Detection मॉडल ने वीडियो को 99.9 प्रतिशत तक फेक बताया.
टूल Hivemoderation ने भी वीडियो के एआई जनरेटेड होने की संभावना 86.2 प्रतिशत बताई.
पुष्टि के लिए हमने वीडियो के कुछ कीफ्रेम्स को Was It AI पर भी चेक किया. इस टूल ने वीडियो के अधिकांश हिस्सों को AI जनरेटेड बताया.
दुबई सरकार का आधिकारिक बयान
दुबई मीडिया कार्यालय ने घटना के संबंध में 7 मार्च 2026 को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "दुबई में संबंधित अधिकारियों ने हवाई रक्षा प्रणाली द्वारा किए गए एक सफल अवरोधन के दौरान गिरे मलबे से जुड़ी एक मामूली घटना को संभाल लिया है. इस घटना में किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है. दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुई घटना को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही जानकारी में कोई सच्चाई नहीं है."


