Skip to main content
Boom Live
  • फैक्ट चेक
  • एक्सप्लेनर्स
  • फास्ट चेक
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • बिहार चुनाव 2025
  • वेब स्टोरीज़
  • राजनीति
  • वीडियो
  • Home-icon
    Home
  • Authors-icon
    Authors
  • Careers-icon
    Careers
  • फैक्ट चेक-icon
    फैक्ट चेक
  • एक्सप्लेनर्स-icon
    एक्सप्लेनर्स
  • फास्ट चेक-icon
    फास्ट चेक
  • अंतर्राष्ट्रीय-icon
    अंतर्राष्ट्रीय
  • बिहार चुनाव 2025-icon
    बिहार चुनाव 2025
  • वेब स्टोरीज़-icon
    वेब स्टोरीज़
  • राजनीति-icon
    राजनीति
  • वीडियो-icon
    वीडियो
  1. Home
  2. फैक्ट चेक
  3. भारत को 99 साल की लीज पर मिली...
फैक्ट चेक

भारत को 99 साल की लीज पर मिली आजादी? नहीं, वायरल लेटर AI जनरेटेड है

बूम ने पाया कि यह लेटर फर्जी है और इसे एआई की मदद से तैयार किया गया है. इसमें मौजूद गलतियां भी इस बात की पुष्टि करती हैं कि यह कोई वास्तविक आधिकारिक ऐतिहासिक पत्र नहीं है.

By -  Anmol Alphonso
Published -  27 Aug 2026 11:09 AM IST
  • Boomlive
    Listen to this Article
    Your browser does not support the audio element.
    AI-generated letter falsely claiming India got independence on a 99-year lease.

    लॉर्ड माउंटबेटन द्वारा भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लिखा गया एक कथित लेटर सोशल मीडिया पर वायरल है. इसके साथ दावा किया जा रहा है कि भारत को अंग्रेजों से 15 अगस्त 1947 को केवल 99 सालों की अवधि के लिए स्वतंत्रता मिली थी.

    बूम ने पाया कि यह लेटर फर्जी है और इसे AI की मदद से तैयार किया गया है. इसमें मौजूद गलतियां भी इस बात की पुष्टि करती हैं कि यह कोई वास्तविक आधिकारिक ऐतिहासिक पत्र नहीं है.

    भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की नेता रुचि पाठक ने अक्टूबर 2021 में एक मीडिया पैनल चर्चा के दौरान दावा किया था कि भारत को 1947 में पूर्ण स्वतंत्रता नहीं मिली बल्कि ब्रिटिश क्राउन ने देश को 99 साल की लीज पर दिया था.

    सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?

    14 अगस्त 1947 की तारीख वाले इस कथित लेटर में बकिंघम पैलेस के लेटरहेड का इस्तेमाल किया गया है और दावा किया गया है कि माउंटबेटन ने नेहरू को सूचित किया था कि भारत को आजादी 'निन्यानवे साल की लीज' पर दी जा रही है.


    आर्काइव लिंक.

    बूम को जांच के लिए यह लेटर उसके टिपलाइन नंबर (7700906588) के जरिए भी मिला.

    हमने क्या पाया:

    1) AI डिटेक्शन टूल ने लेटर को एआई जनित बताया

    बूम ने इस लेटर की जांच OpenAI के इमेज वेरिफिकेशन टूल पर की. जांच के दौरान इसमें OpenAI का एम्बेडेड SynthID वॉटरमार्क मिला, जिससे संकेत मिलता है कि यह लेटर/तस्वीर OpenAI के AI टूल्स की मदद से तैयार की गई है.


    2) लेटर में मौजूद त्रुटियां

    इस कथित पत्र में कई ऐसी विसंगतियां हैं, जो इसे किसी आधिकारिक ऐतिहासिक पत्र से असंगत बनाती हैं. उदाहरण के लिए अंतिम पैराग्राफ में 'stability' शब्द की जगह 'staellity' लिखा गया है.

    3) भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम में 99 साल की लीज का जिक्र नहीं है

    हमने भारत की स्वतंत्रता से जुड़े कानूनी दस्तावेज भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 की भी जांच की, जिसे 18 जुलाई 1947 को रॉयल असेंट (राजकीय स्वीकृति) प्राप्त हुई थी.

    इस अधिनियम की धारा एक में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 15 अगस्त 1947 से भारत और पाकिस्तान के रूप में 'दो स्वतंत्र डोमिनियन' स्थापित किए जाएंगे. इसमें कहीं भी 99 साल की लीज या भारत की स्वतंत्रता की समाप्ति की तारीख का कोई उल्लेख नहीं है.



    यह भी पढ़ें -RSS के आजादी की लड़ाई में भाग न लेने के दावे से वायरल पत्र फर्जी


    Tags

    Jawahar Lal NehruIndependence dayFake LetterArtificial Intelligence
    Read Full Article
    Claim :   भारत को 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से 99 साल की लीज पर आजादी मिली थी.
    Claimed By :  Social Media Users
    Fact Check :  False
    Next Story
    Our website is made possible by displaying online advertisements to our visitors.
    Please consider supporting us by disabling your ad blocker. Please reload after ad blocker is disabled.
    X
    Or, Subscribe to receive latest news via email
    Subscribed Successfully...
    Copy HTMLHTML is copied!
    There's no data to copy!