कॉकरोच जनता पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अन्ना हजारे के शामिल होने की तस्वीर फेक है
बूम ने पाया कि वायरल हो रही तस्वीर एडिटेड है. कॉकरोच जनता पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंच पर अन्ना हजारे मौजूद नहीं थे.

सोशल मीडिया पर दिल्ली में आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में समाजसेवी अन्ना हजारे की मौजूदगी के दावे से एक एडिटेड तस्वीर वायरल हो रही है. तस्वीर में अन्ना हजारे को सीजेपी के तीनों प्रवक्ताओं के साथ मंच पर खड़ा दिखाया गया है.
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत के एक बयान की प्रतिक्रिया में बनी कॉकरोच जनता पार्टी ने 3 जून को दिल्ली में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की. इस दौरान पार्टी के तीन प्रवक्ता सौरभ दास, विजेता दहिया और आशुतोष रांका मौजूद रहे. प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था की आलोचना करते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की.
बता दें कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वह 6 जून को भारत आकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे. इस अभियान में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने की भी चर्चा है.
क्या है वायरल दावा?
सीजेपी के तीनों प्रवक्ताओं के साथ अन्ना हजारे की यह तस्वीर खूब वायरल हो रही है. एक्स जैसे माध्यमों पर यूजर तस्वीर को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि अन्ना इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में माजूद थे. कुछ यूजर इसके जरिए अन्ना हजारे को बीजेपी का करीबी भी बता रहे हैं.
पड़ताल में क्या मिला:
वायरल तस्वीर एडिटेड है
हमें सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और पत्रकार प्रशांत कुमार के सोशल मीडिया हैंडल पर मूल तस्वीर मिली. हमने पाया कि तस्वीर में मंच पर उनके साथ अन्ना हजारे मौजूद नहीं हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस का लाइव वीडियो
हमने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के लाइव वीडियो के अलावा एक अन्य वीडियो भी देखा, जिसमें तीनों प्रवक्ता वायरल तस्वीर वाली मुद्रा में खड़े हैं. वीडियो में कहीं भी अन्ना हजारे नजर नहीं आते हैं.
तस्वीर को AI की मदद से एडिट किया गया है
हमें Alamy की वेबसाइट पर अन्ना हजारे की तस्वीर मिली जो वायरल तस्वीर में मौजूद है. हमने दोनों मूल तस्वीरों को एक विशेष प्रॉम्प्ट के साथ ChatGPT को दिया और उससे एक तस्वीर तैयार करने को कहा. ChatGPT द्वारा बनाई गई तस्वीर वायरल तस्वीर से लगभग मेल खाती है. इससे संकेत मिलता है कि वायरल तस्वीर संभवतः एआई एडिटिंग टूल्स के इस्तेमाल से ही बनाई गई है. नीचे हमारे द्वारा तैयार की गई तस्वीर देखी जा सकती है.
बूम ने तस्वीर की जांच के लिए Deepfakes analysis unit (DAU) के अपने सहयोगियों की भी मदद ली. उनकी पड़ताल में कुछ एआई डिटेक्शन टूल्स ने तस्वीर में AI की मदद से छेड़छाड़ की संभावना बताई.
अन्ना हजारे ने दिया सीजीपी को समर्थन
गौरतलब है कि अन्ना हजारे ने बीते दिनों कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन करते हुए कहा था कि "युवा शक्ति राष्ट्र की शक्ति होती है. इनकी आवाज को नजरअंदाज करना प्रशासन के लिए हानिकारक साबित हो सकता है."


