दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे से जोड़कर वायरल हुए AI जनित और असंबंधित वीडियो
बूम ने पाया कि इनमें से दो वीडियो AI की मदद से बनाए गए हैं. वहीं एक वीडियो 2021 में बेंगलुरु में हुई घटना का है, जबकि दूसरा उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक इमारत गिरने की घटना से संबंधित है.

दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना से जोड़कर सोशल मीडिया पर कई असंबंधित और AI जनित वीडियो वायरल हो रहे हैं. इमारतों के ढहने के इन वीडियो को घटना का वास्तविक वीडियो बताकर साझा किया जा रहा है.
बूम ने ऐसे चार वीडियो की जांच की और पाया कि इनमें से दो वीडियो AI की मदद से बनाए गए हैं, जबकि दो अन्य वीडियो मुरादाबाद और बेंगलुरु में हुई अलग-अलग घटनाओं से संबंधित हैं.
दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को पांच मंजिला इमारत ढह गई, जिसका इस्तेमाल पीजी के तौर पर किया जा रहा था. इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. वहीं मलबे में और भी लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
दावा: एक
वायरल 10 सेकेंड के इस वीडियो में एक इमारत अचानक गिरती हुई दिखाई देती है, जिसके बाद आसपास मौजूद लोग इधर-उधर भागते नजर आते हैं.
एक्स और फेसबुक पर यूजर्स ने वीडियो को सत्य निकेतन हादसे का सीसीटीवी फुटेज बताते हुए दावा किया कि दिल्ली की यह घटना दिल दहला देने वाली है. पोस्ट में कहा गया कि देखते ही देखते इमारत धराशायी हो गई और मलबे में 7 से ज्यादा स्टूडेंट्स दब गए.
आर्काइव लिंक यहां और यहां देखें.
कांग्रेस ने भी सत्य निकेतन की घटना से जुड़े अपने वीडियो में इसके विजुअल का इस्तेमाल किया है.
दावा: दो
इस घटना से जोड़कर एक और वीडियो भी शेयर किया गया, जिसमें ढहती इमारतों के दो क्लिप शामिल हैं.
दावा: तीन
इसी तरह के एक अन्य वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया गया कि सड़क किनारे गिरती हुई यह बिल्डिंग सत्य निकेतन में गिरी इमारत है. घटना से जुड़े कई वीडियो में इस वीडियो के एक हिस्से का इस्तेमाल किया गया है.
पड़ताल में क्या मिला:
वीडियो: एक
गौर से देखने पर हमें वीडियो में कई विसंगतियां दिखीं. मसलन वीडियो में दिख रहे एक दुकान के साइनबोर्ड की लिखावट अजीब और अस्पष्ट नजर आती है. वहीं 3-4 सेकेंड के करीब एक दृश्य में बिल्डिंग गिरने के बाद एक व्यक्ति अचानक प्रकट होकर भागता दिखाई देता है. हमने पाया कि लोगों के भागने और चीखने-चिल्लाने का पूरा घटनाक्रम वास्तविक नहीं लग रहा.
यह वीडियो AI जनरेटेड है
इसके अलावा यह वीडियो हमें एक एआई क्रिएटर (sirrixai) के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला, जिसके डिस्क्रिप्शन में साफ बताया गया कि यह सत्य निकेतन में गिरी बिल्डिंग का असली फुटेज नहीं बल्कि एक फिक्शनल विजुअल रीकंस्ट्रक्शन है. इस अकाउंट पर इस तरह के कई अन्य एआई जनित वीडियो मौजूद हैं.
पुष्टि के लिए हमने इसे AI डिटेक्शन टूल Hive Moderation पर भी चेक किया, जिसने वीडियो के एआई जनरेटेड होने की संभावना 99.7 प्रतिशत बताई.
वीडियो: दो
वीडियो की पहली क्लिप एआई जनित है
इस क्लिप में भी AI जनरेटेड कंटेंट की कई गड़बड़ियां नजर आती हैं. जैसे, बिल्डिंग गिरने के बावजूद कई लोग अपनी जगह पर खड़े दिखाई देते हैं. लोगों की भागने की गतिविधियां भी बनावटी लगती हैं. वहीं एक दृश्य में लोग एक गिरे हुए शख्स को उठाते हैं, जो बाद में विकृत तरीके से गायब होता दिखता है. इसमें मौजूद एक कार की नंबर प्लेट पर लिखावट भी अस्पष्ट और अजीब है.
पुष्टि के लिए हमने इसे भी AI डिटेक्शन टूल Hive Moderation और NVIDIA पर चेक किया. इन टूल्स ने वीडियो के एआई जनरेटेड होने की संभावना बताई.
दूसरी क्लिप बेंगलुरु से है
रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमें 2021 की कई मीडिया रिपोर्ट और पोस्ट मिलीं, जिनसे पता चला कि वीडियो बेंगलुरु के लक्कासंद्रा इलाके का है. 27 सितंबर 2021 को यहां एक तीन मंजिला इमारत ढह गई थी. समय रहते बिल्डिंग खाली करा ली गई थी, जिससे करीब 50 लोग बाल-बाल बच गए.
वीडियो: तीन
रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें यह वीडियो 5 सितंबर 2026 की एक एक्स पोस्ट में मिला, जिसके मुताबिक वीडियो मुरादाबाद के मुगलपुरा में बारिश के दौरान गिरी एक इमारत का है.
वीडियो यूपी के मुरादाबाद का है
दैनिक जागरण और नवभारत टाइम्स के अनुसार, मुरादाबाद के मुगलपुरा में जामा मस्जिद के पास 5 सितंबर को 54 साल पुराना दो मंजिला मकान ढह गया. हालांकि प्रशासन ने इसे पहले ही जर्जर घोषित कर खाली करा दिया था और आसपास आवागमन भी बंद करा दिया था.
मुरादाबाद डीएम के आधिकारिक एक्स हैंडल पर भी इससे संबंधित जानकारी साझा की गई है, जिसमें बताया गया है कि सतर्कता बरतने की वजह से एक बड़ा खतरा टल गया.


