जंतर-मंतर 2.0 में छात्राओं और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प के दावे से असंबंधित वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो जंतर-मंतर प्रदर्शन का नहीं बल्कि अगस्त 2026 में दिल्ली के बुध विहार में एक शख्स की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों और पुलिस के बीच हुई झड़प का है.

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से जारी प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसके साथ दावा किया जा रहा है कि पुलिस छात्राओं को बुरी तरह मारपीट रही है.
इस वीडियो में महिला पुलिसकर्मी और कुछ अन्य महिलाऐं आपस में मारपीट करती नजर आ रही हैं.
बूम ने पाया कि वीडियो जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों से जुड़ा नहीं है. हालांकि प्रदर्शन के दौरान ऐसे कई वीडियो सामने आए, जिनमें महिला पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प देखने को मिली.
असल में यह वीडियो अगस्त 2026 का, दिल्ली के रोहिणी स्थित बुध विहार इलाके का है, जहां 30 वर्षीय गणेश की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
फेसबुक पर एक यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए इसे 4 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर पुलिस और छात्रों के बीच विवाद का बताया. वहीं एक इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा, 'दिल्ली पुलिस छात्राओं के साथ कितनी बुरी तरीके से मारपीट कर रही है.' (आर्काइव लिंक)
एक वेरिफाइड एक्स यूजर ने इसे शेयर करते हुए अंग्रेजी कैप्शन में दिल्ली पुलिस की सराहना की और कहा कि प्रदर्शनकारियों से ऐसे ही निपटा जाना चाहिए. (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
वीडियो दिल्ली के बुध विहार इलाके का है
रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमें एक फेसबुक पोस्ट में 4 अगस्त 2026 को शेयर किया गया यह वीडियो मिला, जिससे साफ था वीडियो हाल में हुए किसी प्रदर्शन का नहीं है.
हालांकि वीडियो के साथ कोई खास जानकारी नहीं दी गई थी. हमने पाया कि वीडियो में 'MADHVAS MEDICOS' नाम की एक दुकान दिख रही है. यहां से हिंट लेकर सर्च करने पर पता चला कि यह दुकान दिल्ली के बुध विहार इलाके में स्थित है. इसके स्ट्रीट व्यू में वायरल वीडियो से मिलते-जुलते विजुअल देख सकते हैं.
संबंधित कीवर्ड सर्च करने पर हमें कई स्थानीय मीडिया चैनलों पर घटना से जुड़ी वीडियो रिपोर्ट मिली. इंडिया न्यूज, अर्पण न्यूज, दिल्ली अपटुडेट न्यूज और तेज तर्रार न्यूज की एक अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक, बुध विहार इलाके में 31 जुलाई को 30 वर्षीय गणेश का शव संदिग्ध हालत में मिला था. हालांकि परिजनों ने पैसों को लेकर हुए विवाद के बाद उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया था.
तीस वर्षीय गणेश की कथित हत्या के बाद हुआ था हंगामा
परिजनों ने मेहरुद्दीन नामक शख्स पर गणेश की हत्या का आरोप लगाया. उनका कहना था कि गणेश की जान मेहरुद्दीन के घर में ही गई है, वह उसके यहां काम करता था. इसके बाद कार्रवाई की मांग को लेकर स्थानीय लोग और परिजन सड़क पर उतर आए.
स्थानीय लोगों और परिजनों के बयान के मुताबिक, हत्या की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उनके साथ ही मारपीट की. इस दौरान एक पुलिसकर्मी पर महिला का मंगलसूत्र छीनने का भी आरोप लगाया गया. वीडियो रिपोर्ट में वायरल वीडियो में दिख रही महिलाओं को देखा जा सकता है.



