अरुणाचल प्रदेश में जारी भारत-चीन टकराव से जोड़कर डीपफेक और पुराने वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि ये वीडियो अलग-अलग घटनाओं से संबंधित हैं. इनका हालिया भारत-चीन विवाद से कोई संबंध नहीं है.

अरुणाचल प्रदेश के बॉर्डर एरिया में चीन और भारतीय सेना के बीच जारी टकराव से जोड़कर कई असंबंधित और डीपफेक वीडियो वायरल हैं.
एक वीडियो में ITBP के डीजी शत्रुजीत कपूर को केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए अरुणाचल के कई इलाकों से नियंत्रण खोने की बात कहते दिखाया गया है. वहीं अन्य वीडियो में भारतीय सैनिकों को चीनी जवानों की पिटाई करते और घायल सैनिकों को दिखाने का दावा किया गया है.
दावा: एक
एक पाकिस्तानी एक्स हैंडल ने वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया कि शत्रुजीत कपूर ने कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उन्होंने बताया है कि भारत ने अरुणाचल के असाफिला, लोंगजू और ताकसिंग जैसे सर्कल पर अपना नियंत्रण खो दिया है और चीनी सेना भारतीय इलाकों में घुसकर स्थानीय व्यवसायों पर कब्जा कर रही है.
फैक्ट: वीडियो डीपफेक है
हमने पाया कि मूल वीडियो में वह भारत-चीन टकराव की वास्तविक स्थिति बताते हुए ITBP की तैयारी के आधुनिक तरीकों के बारे में बात करते नजर आते हैं. वह कहते हैं कि पारंपरिक तरीकों से चीन का मुकाबला करना मुश्किल है.
जांच के दौरान वॉयस डिटेक्शन टूल Hiya ने भी इसके ऑडियो को 3/100 तक का ऑथेंटिसिटी स्कोर दिया, जो वीडियो के डीपफेक होने की संभावना को दिखाता है.
दावा: दो
एक अन्य वीडियो के साथ दावा किया गया कि PLA के सैनिक अरुणाचल में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे. भारतीय जवानों ने उन्हें बुरी तरह पीटा और फिर LAC प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें छोड़ दिया.
फैक्ट: वीडियो पुराना है
एक्स पर 12 नवंबर 2024 कुछ पोस्ट में ये वीडियो मौजूद हैं, जिनमें दावा किया गया कि 2020 में भारत-चीन सीमा पर कई झड़पें हुई थीं. इस दौरान चीनी सेना का एक जवान थककर पीछे छूट गया, जिसके बाद पंजाब रेजिमेंट के जवान उसे पकड़कर कमांडिंग ऑफिसर (CO) के पास ले गए.
इंडियन आर्मी की फैक्ट चेक इकाई ने भी इस वीडियो का खंडन करते हुए इसे अप्रमाणिक बताया है. हम घटना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सके, लेकिन हमारी जांच में साफ है कि वीडियो पुराना है और साल 2024 से इंटरनेट पर मौजूद है.
दावा: तीन
एक और वीडियो में दावा किया गया कि भारत द्वारा जारी इस फुटेज में अरुणाचल में घायल भारतीय सैनिकों को ले जाते हुए दिखाया गया है.
फैक्ट: वीडियो करेगुट्टा ऑपरेशन से जुड़ा है
Fresher SSB नाम के यूट्यूब चैनल ने इस वीडियो को अपलोड करते हुए बताया कि करेगुट्टा ऑपरेशन (Karegutta Operation) के दौरान घायल भारतीय जवान को इलाज के लिए ले जाया जा रहा है.
पीआईबी और इंडियन आर्मी की फैक्ट चेक इकाई ने भी ने वीडियो के साथ किए जा रहे दावे का खंडन किया और बताया कि वीडियो छत्तीसगढ़ में माओवाद-विरोधी अभियान 'ऑपरेशन कारेगुट्टा' का है, जहां माओवादियों द्वारा लगाए गए विस्फोटक की चपेट में आने से कुछ भारतीय जवान घायल हो गए थे.
दावा: चार
वायरल वीडियो में भारत के अंदर चीनी ट्रकों को आते हुए दिखाया गया है. इसके साथ दावा किया गया कि चीनी गाड़ियां बॉर्डर की तरफ से भारत में घुस रही हैं.
फैक्ट: वीडियो सिक्किम का है
रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमें लाल झंडे वाली ट्रकों का यह वीडियो 9 सितंबर 2026 के एक इंस्टाग्राम पोस्ट में मिला. इसके कैप्शन में वीडियो को सिक्किम के नाथू ला दर्रे का बताया गया, जहां सिल्क रूट के जरिए चीन की व्यावसायिक गाड़ियां आती हैं. इस जानकारी के आधार पर हम सिक्किम स्थित इस स्थान को जियो लोकेट करने में भी सक्षम थे.
इंडियन आर्मी ने भी वीडियो के साथ किए जा रहे चीनी घुसपैठ के दावे का खंडन करते हुए बताया कि यह भारत-चीन सीमा पर व्यापार के लिए निर्धारित एक अधिकृत स्थान है.
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने पिछले दिनों एक कार्यक्रम में बताया कि अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा के पास कई स्थानों पर चीनी सेना के साथ फेस-ऑफ की स्थिति बनी हुई है. विदेश मंत्रालय ने खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा ऐसा तनाव आमतौर पर तब होता है जब चीनी सैनिक बॉर्डर पर अपनी तय पेट्रोलिंग पैटर्न से भटक जाते हैं.


