बच्चों का अपहरण करने वाले गैंग के पकड़े जाने का स्क्रिप्टेड वीडियो वायरल

बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल वीडियो स्क्रिप्टेड है.

सोशल मीडिया पर कार सवार दो नकाबपोश व्यक्तियों को बेहोश बच्चों के साथ पकड़े जाने का वीडियो काफ़ी वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो को शेयर कर सोशल मीडिया यूज़र्स लोगों से अपने बच्चों पर ख़ासा ध्यान देने की अपील कर रहे हैं.

हालांकि बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल वीडियो स्क्रिप्टेड है और इसमें दिख रहे लोग कई अन्य स्क्रिप्टेड वीडियो में भी मौजूद हैं.

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वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोगों ने कार सवार दो नकाबपोश व्यक्तियों को दो बेहोश बच्चों के साथ पकड़ा है. वहां मौजूद लोग दोनों नकाबपोश व्यक्तियों से बच्चों के बारे में सवाल कर रहे हैं. दोनों व्यक्ति कैमरे के सामने यह कबूलते हुए दिखाई दे रहे हैं कि वे बच्चों को एक डॉक्टर के पास ले जा रहे हैं, जहां उसे बच्चों के पैसे मिलेंगे. इस दौरान वहां मौजूद लोग उन दोनों व्यक्तियों की पिटाई करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं.

एक फ़ेसबुक यूज़र ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, "अपने बच्चो की ही नही,सभी बच्चो की हिफाजत करना हमारा फर्ज़ है,किसी भी अकेले बच्चे को देखें,तो ,तुरन्त उसे घर पर भेजे,और उसके माँ बाप को समझाये".


वहीं एक अन्य यूज़र ने भी इस वीडियो को अपने फ़ेसबुक अकाउंट से शेयर किया है और लिखा है "सभी लोग अपने घर के बच्चों को ध्यान दिजिए कहा जा रहें हैं, और कहा खेल रहें हैं ऐसी घटना बहुत तेज़ी से हो रहा है".

फ़ेसबुक पर मौजूद वायरल पोस्ट्स यहां, यहां और यहां देखा जा सकता है.

फ़ैक्ट चेक

बूम ने वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए सबसे पहले फ़ेसबुक पर मौजूद इस वीडियो से संबंधित पोस्ट्स को देखा. तो हमने पाया कि वीडियो के नीचे फ़ेसबुक की तरफ़ से "सोशल मैसेज" नाम के पेज पर अपलोड किए गए ऐसे ही ओरिजिनल वीडियोज देखने का विकल्प दिया गया है.


आमतौर पर ऐसा तब होता है जब किसी ख़ास पेज पर मूल रूप से अपलोड किया गया वीडियो काफ़ी वायरल हो जाता है और वह किसी अन्य यूज़र्स द्वारा अपने अकाउंट से अपलोड कर दिया जाता है. तब ऐसी स्थिति में फ़ेसबुक उस वीडियो के नीचे ओरिजिनल पेज के अन्य वीडियोज को देखने का विकल्प देता है.

अपनी जांच के दौरान ही हमें यूट्यूब पर वायरल वीडियो का लंबा वर्जन भी मिला, जिसके करीब 2:30 से उस दृश्य को देखा जा सकता है जो फ़ेसबुक पर वायरल है. इतना ही नहीं यूट्यूब वीडियो के 12 सेकेंड पर एक डिस्क्लेमर भी मौजूद है.


अंग्रेज़ी में लिखे इस डिस्क्लेमर के अनुसार यह वीडियो पूरी तरह से काल्पनिक है, वीडियो में दिखाए गए सभी दृश्य स्क्रिप्टेड हैं और यह जागरूकता के उद्देश्य से बनाए गए हैं. साथ ही यह भी लिखा हुआ है कि इसका किसी भी तरह सच्ची घटना से कोई संबंध नहीं है.

इस दौरान हमने सोशल मैसेज के पेज पर मौजूद अन्य वीडियोज को भी देखा, तो हमने पाया कि यह पेज स्क्रिप्टेड वीडियो बनाता है. इस दौरान हमें एक अन्य वीडियो में एक व्यक्ति दिखा जो वायरल वीडियो वीडियो में भी मौजूद है.


हमारी अभी तक की जांच में यह तो साफ़ हो गया था कि वायरल वीडियो मूल रूप सोशल मैसेज नाम के सोशल मीडिया पेज का है और यह पूरी तरह से स्क्रिप्टेड वीडियो है.

हमने इस दौरान सोशल मैसेज के फ़ेसबुक और यूट्यूब अकाउंट पर भी इस वीडियो को खोजा, लेकिन हमें यह वीडियो नहीं मिला. इससे यह प्रतीत होता है कि उन्होंने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से या तो हटा लिया है और या फ़िर उसके सेटिंग में बदलाव कर आम यूज़र्स को देखने से रोक दिया गया है.

बूम ने हाल के दिनों में ऐसे कई स्क्रिप्टेड वीडियो का फ़ैक्ट चेक किया है, जिसे आप यहां पढ़ सकते हैं.

पिछले हफ़्ते वायरल हुईं पांच फ़र्ज़ी ख़बरें

Claim :   पब्लिक ने बच्चों का अपहरण करने वाले गैंग को पकड़ा
Claimed By :  Facebook Users
Fact Check :  False
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