केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते सेना प्रमुख का यह वीडियो डीपफेक है
बूम ने पाया कि भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी मूल वीडियो में देश की सैन्य तैयारियों पर बात कर रहे हैं.

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें अफगानिस्तान के संदर्भ में केंद्र सरकार की नीति की आलोचना करते हुए दिखाया गया है. यह वीडियो दरअसल एक डीपफेक है.
वीडियो में उपेंद्र द्विवेदी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि भारतीय सरकार को तालिबान को केवल वित्तीय मदद नहीं बल्कि वैचारिक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण भी प्रदान करना चाहिए.
हमने पाया कि मूल प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय सेना प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी मुद्दों और संभावित सैन्य अभियानों के लिए देश की तैयारियों पर बातचीत कर रहे थे.
वायरल दावा क्या है?
एक्स पर कई वेरिफाइड हैंडल ने वीडियो को इस अंग्रेजी कैप्शन के साथ साझा किया कि "केंद्र सरकार की नाकाम नीतियों के चलते भारत तालिबान सरकार को पैसा भेजने के अलावा कुछ नहीं कर रहा है. क्या सिर्फ पैसे के बल पर सब कुछ किया जा सकता है? - सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी."
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हमने क्या पाया: वायरल वीडियो डीपफेक है
1. मूल प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो
वायरल वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें 30 मई 2026 को ANI द्वारा प्रकाशित प्रेस कॉन्फ्रेंस का मूल वीडियो मिला. पूरा वीडियो देखने के बाद हमने पाया कि मूल वीडियो और वायरल फुटेज के बीच कई समानताएं हैं, लेकिन भारतीय सेना प्रमुख के हवाले से जो बयान दिया गया है वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं नहीं दिखाई देता.
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी भारत की सैन्य तैयारियों, ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की संभावनाओं और अन्य रक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं.
2. एआई डिटेक्शन टूल्स ने दिया छेड़छाड़ का संकेत
पुष्टि के लिए हमने बफेलो यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित एआई डिटेक्शन टूल Deepfake-o-Meter पर इस वीडियो का परिक्षण किया. इस टूल के कई मॉडल्स ने इसमें AI-जनित हेरफेर के संकेत पाए, जो दर्शाते हैं कि वीडियो को डिजिटली संशोधित किया गया है.



