मोदी सरकार की आलोचना करते आर्मी ऑफिसर का डीपफेक वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो को एआई की मदद से एडिट किया गया है. मूल वीडियो में ऑफिसर ऑपरेशन सिंदूर के अनुभव को साझा करते हुए भारतीय सेना की सराहना करते नजर आते हैं.

सोशल मीडिया पर एक डीपफेक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक सैन्य अधिकारी को केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए इस्तीफा देने की घोषणा करते दिखाया गया है. यूजर्स इसके साथ दावा कर रहे हैं कि सरकार से नाराज आर्मी एयर डिफेंस के अधिकारी अनुराग ठाकुर ने इस्तीफा देने का फैसला लिया है.
बूम ने जांच में पाया कि वीडियो में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से छेड़छाड़ की गई है. डीपफेक वॉयस डिटेक्टर टूल्स के परिणाम स्पष्ट संकेत देते हैं कि इसमें AI जनरेटेड ऑडियो का इस्तेमाल है.
मूल वीडियो में आर्मी एयर डिफेंस के JCO को ऑपरेशन सिंदूर के अनुभवों को साझा करते और भारतीय सेना की सराहना करते देखा जा सकता है.
वायरल हो रहे 30 सेकंड के इस वीडियो में सैन्य अधिकारी अंग्रेजी में कहते हैं, "ऑपरेशन सिंदूर से पहले हमें पूरा भरोसा था कि हमारी केंद्र सरकार जवानों के साथ खड़ी है. लेकिन अब ऐसा नहीं है. किसी को हमारी जान की परवाह नहीं है. मैंने अपने 300 साथियों को खो दिया लेकिन भारतीय सरकार ने उनकी मृत्यु को मान्यता तक नहीं दी. शहीदों को सपोर्ट करने का यह कोई तरीका नहीं है. पिछले एक साल में मेरी यूनिट के तीन से अधिक अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है और आज मैं भी अपना इस्तीफा दे रहा हूं."
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
एक्स और फेसबुक जैसे माध्यमों पर वीडियो को ब्रेकिंग न्यूज की तरह पेश करते हुए यूजर्स ने दावा किया कि भारतीय सेना के वायु रक्षा अधिकारी अनुराग ठाकुर के इस्तीफे की खबर सामने आई है. आर्काइव लिंक यहां और यहां देखें.
असल में इस वीडियो को पाकिस्तान समर्थक हैंडल @InsiderWB ने शेयर किया, जो पहले भी भारतीय नेताओं और सैन्य अधिकारियों के कई फर्जी वीडियो पोस्ट कर चुका है. इस अकाउंट द्वारा साझा किए गए डीपफेक वीडियो का फैक्ट चेक यहां और यहां पढ़ा जा सकता है.
पड़ताल में क्या मिला:
मूल वीडियो में ऐसा कोई बयान शामिल नहीं है
रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमें एएनआई के एक्स हैंडल पर 22 अप्रैल 2026 का पोस्ट किया गया मूल वीडियो मिला. इसके कैप्शन में मौजूद जानकारी के मुताबिक यह शख्स आर्मी एयर डिफेंस के एक JCO (Junior Commissioned Officer) हैं.
इस डेढ़ मिनट के वीडियो में JCO ऑपरेशन सिंदूर के अनुभवों पर बोलते हुए कहते हैं, "7 मई (2025) की सुबह हमें पता चला कि देश की सेनाओं ने दुश्मन के उग्रवादी स्थानों को बर्बाद कर दिया है. इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर का आरंभ हुआ.... 8 मई को मेरे सेक्शन ने दुश्मन का एक ड्रोन हमारे पॉइंट की तरफ आते हुए देखा. जैसे ही हमें उससे लड़ने के आदेश मिले, मेरे सेक्शन के सभी जवानों ने कम से कम उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए ड्रोन को मार गिराया."
वह आगे भारतीय सेना की काबिलियत की सराहना करते हुए कहते हैं, "...ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिखाया कि भारतीय सेना और आर्मी एयर डिफेंस के जवानों के भीतर इतनी क्षमता है कि दुश्मन के द्वारा कई ड्रोन भेजने के बावजूद हमारे देश के एक भी जरूरी पॉइंट को नुकसान नहीं हुआ."
एआई डिटेक्टर टूल्स ने क्या बताया
हमने Hive Moderation और Hiya जैसे AI डिटेक्शन टूल्स पर वीडियो का परीक्षण किया. इन टूल्स ने वीडियो की आवाज के AI जनरेटेड होने की संभावना जताई.
पीआईबी ने भी इस दावे का खंडन करते हुआ बताया कि यह वीडियो एक AI जनरेटेड डीपफेक है. JCO ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है.


