ईरान की कारून नदी स्थित पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमले के दावे से AI जनरेटेड वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है. कई एआई डिटेक्शन टूल्स भी इसकी पुष्टि करते हैं.

सोशल मीडिया पर इजरायल द्वारा ईरान की कारून नदी स्थित पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला करने के दावे से एक वीडियो वायरल है. बूम ने पाया कि वायरल वीडियो कारून पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हुए हमले से जुड़ा नहीं है.
यह एक एआई जनरेटेड वीडियो है. वीडियो को शेयर करने वाले हैंडल Warfare NextGen ने भी इसके कैप्शन में इसे ड्रामैटिक फुटेज बताया है.
गौरतलब है कि जून के पहले सप्ताह में इजरायल ने ईरान के खुजेस्तान प्रांत के माहशहर में स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी को निशाना बनाया था.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
वायरल वीडियो में हवाई हमले के बाद एक बांध और उसके आसपास की इमारतों को क्षतिग्रस्त होते देखा जा सकता है.
RTV9 भारतवर्ष नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट ने इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया कि इजरायल ने ईरान की कारून नदी के किनारे स्थित एक महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हवाई हमला किया. (आर्काइव लिंक)
इंस्टाग्राम पर इसी दावे से एक दूसरा एआई जनरेटेड वीडियो भी वायरल है, जिसमें पहले वीडियो जैसे ही विजुअल दिखाई दे रहे हैं. (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
वीडियो वास्तविक नहीं है
रिवर्स इमेज और संबंधित कीवर्ड सर्च की मदद से हमें Warfare NextGen के इंस्टाग्राम हैंडल पर वायरल वीडियो मिला. इसके कैप्शन में इस वीडियो को कारून रिवर का ड्रामैटिक फुटेज बताया गया था.
इस हैंडल पर वायरल हो रहे दूसरे वीडियो के अलावा इस तरह के कई अन्य वीडियो भी मौजूद हैं.
वीडियो में मौजूद विसंगतियां
इसके अलावा वीडियो में कई ऐसी विसंगतियां दिखाई देती हैं जो आमतौर पर AI जनरेटेड फुटेज में देखने को मिलती हैं. मसलन हवाई हमले के बाद दिखाई देने वाली आग अचानक गायब हो जाती है. वहीं हमले के बाद बांध का ढहना और पानी का असामान्य तरीके से ऊंची लहरों के रूप में उठना भी स्वाभाविक प्रतीत नहीं होता.
एआई डिटेक्शन टूल्स ने क्या बताया
पुष्टि के लिए हमने दोनों वीडियो को Hive Moderation जैसे AI डिटेक्शन टूल पर चेक किया. Hive Moderation ने इनके AI जनरेटेड होने की संभावना 99.2 प्रतिशत से लेकर 99.7 प्रतिशत तक बताई.


